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West Bengal: अभिषेक बनर्जी के अकाउंट पर लगी रोक हटाई गई; बैंक ने कलकत्ता हाईकोर्ट को दी जानकारी
Mon, 24 Aug 2026 03:37 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, अमर उजाला
आईएएनएस, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 24 Aug 2026 03:37 PM IST
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के बैंक अकाउंट पर लगी रोक हट गई है। दरअसल बैंक द्वारा अकाउंट फ्रीज किए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अब बैंक ने हाईकोर्ट को बताया है कि बैंक खाते पर लगी रोक हटा ली गई है।
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अभिषेक बनर्जी, सांसद, टीएमसी
- फोटो : ANI
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विस्तार
टीएमसी के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल बैंक अकाउंट पर डेबिट से जुड़ी पाबंदियां लगाने वाले बैंक ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट को बताया कि पाबंदियां हटा ली गई हैं और उनके डेबिट कार्ड फिर से चालू कर दिए गए हैं। बैंक की ओर से पाबंदियां लगाए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। अभिषेक बनर्जी की ओर से बैंक अधिकारियों पर आरोप लगाया गया था कि बैंक ने बिना जानकारी दिए उनका पर्सनल अकाउंट फ्रीज कर दिया है और डेबिट व क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। यह सब तब हुआ जब इसी महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट से आंखों के इलाज के लिए अमेरिका जाने की इजाजत मिली थी।
केवाईसी अपडेट नहीं होने के चलते अकाउंट हुआ था फ्रीज
सोमवार को जब मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, तो बैंक अधिकारियों ने जस्टिस राव की बेंच को बताया कि केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट न होने की वजह से डेबिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई गई थी और डेबिट व क्रेडिट कार्ड ब्लॉक किए गए थे। बैंक अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि अब केवाईसी अपडेट हो गया है, इसलिए डेबिट पर लगी रोक हटा ली गई है और उनकी डेबिट और क्रेडिट कार्ड फिर से चालू कर दिए गए हैं।
बैंक के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि अभिषेक बनर्जी का अकाउंट कुछ समय के लिए फ्रीज किया गया था और बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया था। बैंक के वकील के मुताबिक, बनर्जी का नाम एक और मामले में शामिल था और उस खबर के मिलने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत अकाउंट को कुछ समय के लिए फ्रीज किया गया था, जिसे अब फिर से चालू कर दिया गया है। बैंक की दलील सुनने के बाद जस्टिस राव ने मामले का निपटारा कर दिया।
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हाईकोर्ट ने बैंक को दी नसीहत
सुनवाई के आखिर में, जस्टिस राव ने बैंक अधिकारियों को सलाह दी कि बैंक अकाउंट पर डेबिट से जुड़ी रोक लगाने से पहले हमेशा संबंधित कस्टमर को सूचित किया जाए। जस्टिस राव ने यह भी सलाह दी कि यह तरीका सिर्फ अभिषेक बनर्जी के लिए ही नहीं बल्कि किसी भी कस्टमर के लिए अपनाया जाना चाहिए। जस्टिस राव ने बैंक अधिकारियों को यह भी सलाह दी कि डेबिट पर रोक लगाने की वजह के बारे में कस्टमर को पहले ही बता दिया जाए।
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केवाईसी अपडेट नहीं होने के चलते अकाउंट हुआ था फ्रीज
सोमवार को जब मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, तो बैंक अधिकारियों ने जस्टिस राव की बेंच को बताया कि केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट न होने की वजह से डेबिट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाई गई थी और डेबिट व क्रेडिट कार्ड ब्लॉक किए गए थे। बैंक अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि अब केवाईसी अपडेट हो गया है, इसलिए डेबिट पर लगी रोक हटा ली गई है और उनकी डेबिट और क्रेडिट कार्ड फिर से चालू कर दिए गए हैं।
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बैंक के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि अभिषेक बनर्जी का अकाउंट कुछ समय के लिए फ्रीज किया गया था और बैंक अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया था। बैंक के वकील के मुताबिक, बनर्जी का नाम एक और मामले में शामिल था और उस खबर के मिलने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत अकाउंट को कुछ समय के लिए फ्रीज किया गया था, जिसे अब फिर से चालू कर दिया गया है। बैंक की दलील सुनने के बाद जस्टिस राव ने मामले का निपटारा कर दिया।
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हाईकोर्ट ने बैंक को दी नसीहत
सुनवाई के आखिर में, जस्टिस राव ने बैंक अधिकारियों को सलाह दी कि बैंक अकाउंट पर डेबिट से जुड़ी रोक लगाने से पहले हमेशा संबंधित कस्टमर को सूचित किया जाए। जस्टिस राव ने यह भी सलाह दी कि यह तरीका सिर्फ अभिषेक बनर्जी के लिए ही नहीं बल्कि किसी भी कस्टमर के लिए अपनाया जाना चाहिए। जस्टिस राव ने बैंक अधिकारियों को यह भी सलाह दी कि डेबिट पर रोक लगाने की वजह के बारे में कस्टमर को पहले ही बता दिया जाए।