नेकां से नाता तोड़ेंगे रुहुल्ला: आज देंगे इस्तीफा, बडगाम में जुटे समर्थक; उमर सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
आगा रुहुल्ला मेहदी आज इस्तीफा देने के अपने फैसले पर अडिग हैं, वहीं उनके समर्थकों ने रैली के लिए आना शुरू कर दिया है। नेकां में बढ़ती बगावत और 25 विधायकों की नाराजगी के बीच मुबारक गुल के अगले कदम पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
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जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) में अंदरूनी कलह लगातार गहराती जा रही है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी मंगलवार को अपने इस्तीफे के फैसले पर अडिग हैं। वहीं, वरिष्ठ नेता मुबारक गुल बुधवार को अपने अगले कदम का खुलासा कर सकते हैं। पार्टी के 25 विधायकों की नाराजगी और अलग रास्ता अपनाने की चेतावनी ने नेकां नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और अपनी संसदीय सदस्यता से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उनके इस फैसले से पहले बडगाम के बेहिश्त-ए-जहरा पार्क में तैयारियां तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक वहां जुटने लगे हैं। रुहुल्ला अपने दिवंगत पिता आगा सैयद मेहदी की बरसी के मौके पर जनसभा को संबोधित करेंगे और अपने फैसले को सार्वजनिक रूप से अमल में लाएंगे।
रुहुल्ला ने पार्टी नेतृत्व पर चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव में अनुच्छेद 370 की बहाली, कुछ कैदियों की रिहाई और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा जैसे वादे किए थे लेकिन सत्ता में आने के बाद इन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका इस्तीफा किसी व्यक्तिगत नाराजगी या पद नहीं मिलने के कारण नहीं, बल्कि सिद्धांतों और जनता के प्रति जवाबदेही के आधार पर है।
रुहुल्ला ने राजनीतिक खरीद-फरोख्त की अटकलों को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनका किसी तरह की हॉर्स ट्रेडिंग से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी लड़ाई उन चुनावी वादों को पूरा कराने के लिए है, जिनके भरोसे जनता ने पार्टी को सत्ता सौंपी थी।
इस बीच बडगाम के स्थानीय लोगों ने रुहुल्ला के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सांसद ने हमेशा जनता के मुद्दों को उठाया है और उनका फैसला व्यक्तिगत हितों के बजाय लोगों के अधिकारों से जुड़ा है। समर्थकों ने भरोसा जताया कि वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
वहीं, जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री जावेद राणा ने इस घटनाक्रम को ज्यादा महत्व नहीं देते हुए कहा कि यदि रुहुल्ला पार्टी छोड़ते हैं तो वह अकेले जाएंगे और इससे पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस एकजुट है और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार मजबूत स्थिति में है।