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Udhampur News: तिरछे मोड़ पर जमीन खिसकी, ई-रिक्शा पर जा गिरी मेटाडोर, 15 यात्री बाल-बाल बचे
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ई-रिक्शा पर पलटी मेटाडोर।
- फोटो : ramnagar news
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रामनगर। रामनगर से जोफड़ की ओर जा रही यात्रियों से भरी मेटाडोर शनिवार दोपहर पदराका इलाके में हादसे का शिकार हो गई। तिरछे मोड़ पर सामने से आ रहे फौजियों के वाहन को रास्ता देते समय मार्ग किनारे की जमीन अचानक खिसक गई। इससे मेटाडोर धीरे-धीरे सड़क से नीचे की ओर पलटते हुए मार्ग किनारे खड़े ई-रिक्शा पर जा गिरी। हादसे में मेटाडोर और ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि मेटाडोर में सवार करीब 15 यात्री सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे रामनगर बस अड्डे से यात्रियों को लेकर मेटाडोर जोफड़ गांव की ओर रवाना हुई थी। करीब 12 बजकर 40 मिनट पर मेटाडोर पदराका इलाके में पहुंची। इसी दौरान तिरछे मोड़ पर सामने से फौजियों का वाहन आ गया। मेटाडोर चालक ने सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के लिए अपना वाहन सड़क के किनारे किया। इसी दौरान मार्ग किनारे की जमीन खिसकने लगी और मेटाडोर अपना संतुलन खो बैठी।
प्रत्यक्ष परिस्थितियों के अनुसार मेटाडोर अचानक तेज गति से पलटने के बजाय धीरे-धीरे मार्ग के किनारे की ओर झुकती गई और वहां खड़े ई-रिक्शा के ऊपर जा गिरी। ई-रिक्शा मेटाडोर की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय ई-रिक्शा में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। वहीं मेटाडोर में बैठे यात्रियों को भी गंभीर चोट नहीं आई और सभी बाल-बाल बच गए।
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मेटाडोर चालक योगेश कुमार ने बताया कि पदराका इलाके में तिरछे मोड़ पर अचानक सामने से फौजियों का वाहन आ गया था। उसे रास्ता देने के लिए मेटाडोर को सड़क के किनारे किया गया, लेकिन इसी दौरान सड़क किनारे की जमीन खिसक गई। जमीन धंसने के कारण मेटाडोर धीरे-धीरे पलटते हुए ई-रिक्शा पर जा गिरी। उन्होंने बताया कि हादसा बड़ा हो सकता था, लेकिन सभी यात्रियों की जान बच गई।
स्थानीय निवासी मोबिन बांडे, राजकुमार, चैन सिंह, सूरम चंद ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क किनारे जमीन खिसकने की घटनाएं बरसात के मौसम में लगातार सामने आती हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और सड़क किनारे मजबूत डंगे लगाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे रामनगर बस अड्डे से यात्रियों को लेकर मेटाडोर जोफड़ गांव की ओर रवाना हुई थी। करीब 12 बजकर 40 मिनट पर मेटाडोर पदराका इलाके में पहुंची। इसी दौरान तिरछे मोड़ पर सामने से फौजियों का वाहन आ गया। मेटाडोर चालक ने सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के लिए अपना वाहन सड़क के किनारे किया। इसी दौरान मार्ग किनारे की जमीन खिसकने लगी और मेटाडोर अपना संतुलन खो बैठी।
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प्रत्यक्ष परिस्थितियों के अनुसार मेटाडोर अचानक तेज गति से पलटने के बजाय धीरे-धीरे मार्ग के किनारे की ओर झुकती गई और वहां खड़े ई-रिक्शा के ऊपर जा गिरी। ई-रिक्शा मेटाडोर की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय ई-रिक्शा में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। वहीं मेटाडोर में बैठे यात्रियों को भी गंभीर चोट नहीं आई और सभी बाल-बाल बच गए।
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मेटाडोर चालक योगेश कुमार ने बताया कि पदराका इलाके में तिरछे मोड़ पर अचानक सामने से फौजियों का वाहन आ गया था। उसे रास्ता देने के लिए मेटाडोर को सड़क के किनारे किया गया, लेकिन इसी दौरान सड़क किनारे की जमीन खिसक गई। जमीन धंसने के कारण मेटाडोर धीरे-धीरे पलटते हुए ई-रिक्शा पर जा गिरी। उन्होंने बताया कि हादसा बड़ा हो सकता था, लेकिन सभी यात्रियों की जान बच गई।
स्थानीय निवासी मोबिन बांडे, राजकुमार, चैन सिंह, सूरम चंद ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क किनारे जमीन खिसकने की घटनाएं बरसात के मौसम में लगातार सामने आती हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और सड़क किनारे मजबूत डंगे लगाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।