फरवरी में घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम: जम्मू-कश्मीर के 6710 गांवों का सर्वे पूरा, बेघरों पर भी रहेगा फोकस
जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में फरवरी 2027 से जनगणना शुरू होगी। जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 6710 गांवों व 82 कस्बों का सर्वे पूरा कर लिया गया है।
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जम्मू-कश्मीर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज हो गई हैं। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में जिला जनगणना पुस्तिका (डीसीएचबी) का फील्डवर्क शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। मुख्य जनगणना अधिकारी एवं निदेशक जनगणना अमित शर्मा ने शनिवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। बताया कि जम्मू-कश्मीर के 6466 गांवों और 80 कस्बों, लद्दाख के 244 गांवों और दो कस्बों में सर्वेक्षण पूरा किया गया है।उन्होंने बताया कि एक से 30 अक्तूबर तक चले अभियान के दौरान प्रत्येक गांव की विलेज डायरेक्टरी के लिए 400 और टाउन डायरेक्टरी के लिए 420 सवालों के माध्यम से आंकड़े जुटाए गए। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी शामिल है।
ये आंकड़े 31 दिसंबर 2025 तक की स्थिति को दर्शाते हैं। अब चार्ज अधिकारी 15 नवंबर तक आंकड़ों की जांच करेंगे। इसके बाद जिला जनगणना अधिकारी कार्यालय 15 दिसंबर तक सत्यापन कर अंतिम प्रकाशन के लिए ओआरजीआई को डेटा भेजेगा।अमित शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना होगी। इसके लिए अधिकारियों, मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों और गणनाकर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। दिसंबर से जनवरी के दूसरे सप्ताह तक गणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी तय
राज्य और संभाग स्तर का प्रशिक्षण 15 अक्तूबर को पूरा हो चुका है। जिला, उपमंडल और चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 26 अक्तूबर से शुरू हो गया है जो 10 नवंबर तक चलेगा। मास्टर ट्रेनरों को 17 से 20 नवंबर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। दिसंबर के पहले दो सप्ताह में फील्ड ट्रेनरों और दिसंबर के अंतिम सप्ताह से जनवरी के दूसरे सप्ताह तक गणना कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
फरवरी में ही सैन्य कर्मियों की भी होगी गणनाफरवरी के चरण में रक्षा प्रतिष्ठानों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और अन्य संस्थानों के अलावा फुटपाथों, बस अड्डों और परिवहन केंद्रों पर रहने वाले बेघर लोगों की गणना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान संयुक्त मुख्य जनगणना अधिकारी अरुण कुमार और उप मुख्य जनगणना अधिकारी मनमीत सिंह लूम्बा भी मौजूद रहे।