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उमर मंत्रिमंडल का जम्मू संभाग पर बड़ा असर: पीर पंजाल और चिनाब वैली में नाराजगी, चार जिलों में खाली है मैदान
Thu, 29 Oct 2026 09:26 AM IST
अनुज कुमार
राकेश शर्मा
राकेश शर्मा
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 29 Oct 2026 09:26 AM IST
उमर मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का जम्मू संभाग पर बड़ा असर हुआ है। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) को जम्मू के मैदानी इलाकों में कोई विधायक नहीं मिला। वहीं, उमर-फारूक ने पीर पंजाल से किसी को मौका नहीं दिया।
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सीएम उमर अब्दुल्ला
- फोटो : संवाद
विस्तार
मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर जम्मू संभाग पर पड़ा है। सियासत के जानकार भूगोल की कसौटी पर भी मंत्रिमंडल पुनर्गठन परिणाम व सियासी आंकड़ों को तोल रहे हैं। दरअसल, जम्मू संभाग में पीर पंजाल व चिनाब वैली के अलावा प्रदेश के मैदानी इलाकों में कैबिनेट में जगह देने के लिए नेकां के पास कोई विधायक नहीं है।
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जम्मू से निर्दलीय जीतकर मंत्रिमंडल पहुंचे सतीश शर्मा को पार्टी में अपनों के बीच वेगाने की कीमत चुकानी पड़ी है। नेकां के लिए पीर पंजाल सबसे अहम है। यहीं से कैबिनेट पुनर्गठन को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी है। विधायक पहले ही दाछिगाम बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को हटाने की पैरवी कर चुके हैं। इस बार कैबिनेट में जगह पाने के लिए भी पीर पंजाल से खूब जोर-आजमाइश हो रही थी लेकिन सीएम उमर अब्दुल्ला और नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने सतीश शर्मा के विकल्प के रूप में पीर पंजाल से किसी को मौका नहीं दिया।
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यहां विधायकों की बात करें तो राजोरी व पुंछ में आठ विधायक हैं। इनमें से 4 नेकां और 2 निर्दलीय हैं। दोनों निर्दलीय विधायकों का समर्थन अभी तक नेकां के साथ है। भाजपा और कांग्रेस के पास यहां एक-एक विधायक है।
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नेकां के पास खाली था जम्मू संभाग का मैदान
जम्मू संभाग के मैदानी और हिंदू बहुल इलाके में नेकां को हिंदू विरोधी बताया जा रहा हो, लेकिन आंकड़ों से साफ है कि यहां पार्टी के पास खेलने के लिए बड़ी जगह नहीं थी। संभाग के चार जिलों जम्मू, उधमपुर, सांबा और कठुआ में नेकां को समर्थन वाले दो ही निर्दलीय विधायक हैं। इनमें सतीश शर्मा को हटाया जा चुका है। कठुआ जिला के बनी विधानसभा क्षेत्र से डॉ. रामेश्वर सिंह निर्दलीय विधायक हैं। शुरुआती दौर में उनका भी नाम मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर चर्चा में था लेकिन नेकां के अपने नेताओं को मंत्री बनाने के फैसले के बाद वे रेस से बाहर हो गए।
पीर पंजाल में जान, इकबाल नाराज
नेकां ने जावेद राणा को पीर पंजाल से मंत्री बनाया है। यहां से निर्दलीय विधायक मुजफ्फर इकबाल खान व नेकां के एजाज जान मंत्री रेस में थे। खान उपमुख्यमंत्री त्री को हटाने की पैरवी कर रहे हैं। जान को मंत्री जावेद राणा को हटाए जाने की सूरत में मंत्रिपद की उम्मीद थी पर अनदेखी से लोगों में नाराजगी है।
चिनाब वैली में राजू समर्थकों में नाराजगी
चिनाब वैली में डोडा, किश्तबाड़ व रामबन जिलों की आठ विस सीटें हैं। इनमें भाजपा के पास 4, नेकां के पास दो, एक-एक सीट पर निर्दलीय व आप विधायक हैं। रामबन से नेकां विधायक अर्जुन सिंह राजू की कैबिनेट में जाने की चर्चा थी। नाम पर फैसला न होने से लोग नाराज हैं।