यूपी: कक्षा एक-दो के बच्चे भी सीखेंगे संस्कृत का मौलिक ज्ञान, एससीईआरटी तैयार कर रहा अलग मॉड्यूल
यूपी में अब कक्षा एक-दो के बच्चे भी संस्कृत का मौलिक ज्ञान सीखेंगे। इसके लिए एससीईआरटी अलग मॉड्यूल तैयार कर रहा है। बैगलेस डे में इसकी पढ़ाई होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी में परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक व दो के बच्चों को भी संस्कृत का मौलिक ज्ञान दिया जाएगा। अतिरिक्त कक्षाओं व बैगलेस डे में इन्हें संस्कृत का आधारभूत ज्ञान दिया जाएगा जिससे इन्हें कक्षा तीन से विषय के रूप में संस्कृत पढ़ने में कठिनाई न हो। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तैयारी पूरी कर ली है।
परिषदीय स्कूलों में कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को संस्कृत पढ़ाई जाती है। संस्कृत के कठिन पाठ उन्हें समझाने में शिक्षकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में अब कक्षा एक-दो के बच्चों को शैक्षिक सत्र 2027-28 से संस्कृत की समझ विकसित की जाएगी।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि मौलिक ज्ञान उन्हें मौखिक रूप से पढ़ाया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कक्षा एक-दो के बच्चों को संस्कृत में गिनती, फलों व वस्तुओं के नाम सहित आधारभूत ज्ञान दिया जाएगा। इसका मॉडयूल तैयार कर शिक्षकों को मुहैया कराया जाएगा।
पांच से होगी कार्यशाला
उन्होंने बताया कि कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को भी संस्कृत सरल तरीके से समझाने के लिए संस्कृत संभाषण संदर्शिका विकसित की जा रही है। शिक्षकों के लिए यह गाइड का कार्य करेगी और इसकी मदद से वह संस्कृत के कठिन पाठ भी आसानी से बच्चों को समझा सकेंगे। देववाणी को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में संस्कृत संभाषण मॉड्यूल विकसित करने के लिए एससीईआरटी मुख्यालय में पांच से नौ अक्तूबर तक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।