कौशल विकास मिशन: निजी आईटीआई को सेवायोजन बढ़ाने पर पांच हजार तक इंसेंटिव, रोजगार के लिए नई योजना
कौशल विकास मिशन द्वारा युवाओं को प्रशिक्षण के साथ सेवायोजन से जोड़ने के लिए निजी आईटीआई को ट्रेनिंग पार्टनर बनाया जा रहा है। इसके तहत उच्च प्लेसमेंट, बेहतर वेतन वाली नौकरियों, स्वरोजगार और विदेश में रोजगार पाने वाले युवाओं तथा संबंधित आईटीआई को 5000 रुपये तक का प्रोत्साहन और विशेष सम्मान दिया जाएगा।
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यूपी में कौशल विकास मिशन की ओर से न सिर्फ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है, बल्कि उनका सेवायोजन भी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पहली बार जहां निजी आईटीआई को प्रशिक्षण सहयोगी बनाया जा रहा है। वहीं विभिन्न स्तर पर युवाओं को ज्यादा सेवायोजित करने पर 5000 रुपये तक इंसेंटिव भी दिया जाएगा।
मिशन इस बार निजी आईटीआई के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना की शुरुआत कर रहा है। इसमें यदि सेवायोजन की दर पंजीकृत अभ्यर्थियों की कुल संख्या के सापेक्ष 70 फीसदी से अधिक होगी तो 300 रुपये प्रति माह प्रशिक्षार्थी और 200 रुपये प्रति माह आईटीआई को नौ महीने तक दिए जाएंगे। कौशल मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि यदि प्रशिक्षित अभ्यर्थी तीन महीने के अनिवार्य सेवायोजन के बाद 25 हजार के वेतन पर साल भर नौकरी करता है तो सत्यापन के बाद संबंधित आईटीआई को 1000 व अभ्यर्थी को 2000 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे।
यदि किसी आईटीआई के पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 10 फीसदी से अधिक प्रशिक्षित एवं प्रमाणित युवा स्वरोजगार या उद्यमिता के तहत एक साल में पांच लाख रुपये तक का कारोबार करते हैं और इसका सत्यापन होता है तो प्रत्येक सफल उद्यमी पर संबंधित आईटीआई को पांच हजार रुपये एकमुश्त प्रोत्साहन मिलेगा। इस व्यवस्था को इसी वित्तीय वर्ष से प्रभावी बनाया जाएगा।
विदेश में रोजगार दिलाने पर करेंगे सम्मान
मिशन निदेशक ने कहा है कि यदि प्रशिक्षित अभ्यर्थी को तीन माह के अनिवार्य सेवायोजना के बाद विदेश में रोजगार मिला है और वो 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन साल भर प्राप्त करता है तो संबंधित आईटीआई को सम्मानित भी किया जाएगा। मिशन की ओर से निजी आईटीआई को ट्रेनिंग पार्टनर बनाने के लिए जारी दिशा-निर्देश को जल्द से जल्द प्रभावी बनाने व रोजगार को बढ़ाने पर फोकस होकर काम करने को कहा है।