Lucknow News: मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैसरबाग स्थित कलामंडपम में कजरी की मिठास और बूंदों की थिरकन ने हर किसी के मन में झूले की पींगों और उत्सव जैसा उल्लास भर दिया है। मौका था मालिनी अवस्थी की ओर से आयोजित सावन का महीना लोकगीतों की प्रस्तुत कार्यक्रम का।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद सावन गीतों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को सराबोर कर दिया गया। एक तरफ रामा गजब ढाए, ये पुरवइया..., जिनके बलम बैरी, गए हैं बिदेसवा..., सावन ए सखि सगरो सुहावन रिमझिम बरसेला मेघ जैसे लोकगीतों की बरसात तो वहीं दूसरी ओर आसमान से टपकती सावन की फुहारें। लोकसंगीत के रसरंग और कुदरत के खूबसूरत मिजाज के इस अनोखे संगम ने मौसम को पूरी तरह रूमानी और खुशनुमा बना दिया है।
संगीत और कुदरत की जुगलबंदी ने हर किसी का मन मोह लिया। ऐसा लगा जैसे मालिनी अवस्थी के सुरों पर बदरा मेहरबान हो गए हों। ढोल की थाप, मंजीरे की छन-छन और झांझ की झंकार ने इसमें चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, जयंती कृष्णा, पुष्कर, रूपरेखा, ऊषा अवस्थी आदि लोग मौजूद रहे।

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा

मालिनी अवस्थी के गीत और बारिश की जुगलबंदी ने शाम को बनाया रूमानी और खुशनुमा