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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: 28,000 primary school teachers await return to their original schools, orders not complied with

यूपी: प्राइमरी स्कूलों के 28 हजार शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में वापसी का इंतजार, आदेश का अनुपालन नहीं

Sat, 03 Oct 2026 07:48 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 03 Oct 2026 07:48 PM IST
सार
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Shikshamitras of UP: यूपी के 28 हजार शिक्षामित्रों को अभी भी मूल विद्यालय में वापसी का इंतजार है। इस संबंध में पूर्व में आदेश आ चुका है। 

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UP: 28,000 primary school teachers await return to their original schools, orders not complied with
शिक्षामित्र इस संबंध में लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

विस्तार

 प्रदेश में 28 हजार शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय वापसी का इंतजार है। सिर्फ पांच जिलों में मात्र 2000 शिक्षामित्रों को ही इसका लाभ मिल सका है। जनवरी 2025 में शासनादेश होने के बावजूद जिलों में अधिकारी मनमानी दिखा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिला शिक्षामित्रों को उठानी पड़ रही है।

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शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाया गया था और उसके बाद वर्ष 2017 में इनका समायोजन रद कर इन्हें दोबारा शिक्षामित्र बनाया गया। जून 2018 में शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी की गई, मगर तमाम शिक्षामित्र छूट गए। उसके बाद शिक्षामित्रों ने लगभग सात साल तक संघर्ष किया और जनवरी 2025 में शासनादेश जारी कर इन्हें अपने मूल विद्यालय भेजने के आदेश दिए गए। यह अपने निवास स्थान की जिन ग्राम पंचायतों में शिक्षामित्र पद पर रखे गए थे, वहीं इन्हें वापस भेजा जाना है।
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सबसे अधिक कठिनाई वह महिला शिक्षामित्र उठा रही हैं जिन्हें शादी के बाद दूसरे जिले में जाना पड़ा। अब वह अपने मायके वाले जिले में लंबी दूरी नापकर पढ़ाने आती है या उन्हें मायके में ही रहना पड़ रहा है। तमाम पुरुष शिक्षामित्र हर दिन एक ब्लॉक से दूसरे दूरदराज वाले ब्लॉक में पढ़ाने को मजबूर हैं। अभी तक सिर्फ बाराबंकी, लखनऊ, अंबेडकरनगर, चित्रकूट और बरेली में ही शिक्षामित्रों को लाभ मिल सका है और वह अपने मूल विद्यालय वापस आ चुके हैं।
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बाकी 70 जिलों में शिक्षामित्र परेशान हैं। कई जिलों में तो सूची तैयार है और सिर्फ उसे जारी किया जाना है, लेकिन बीएसए उन्हें जारी नहीं कर रहे। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव कहते हैं कि शासन की मंशा पर अधिकारी पानी फेर रहे हैं। क्या तबादले के लिए शिक्षामित्रों को आंदोलन करना पड़ेगा। शासनादेश जारी होने के एक साल 10 महीने बाद भी शिक्षामित्र परेशान हैं।

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