यूपी: दो लाख सवालों से परखी जाएगी बच्चों की समझ, एससीईआरटी तैयार कर रहा प्रश्न बैंक; जानिए पूरी डिटेल
उत्तर प्रदेश में बच्चों की समझ और शैक्षिक स्तर बेहतर करने के लिए एससीईआरटी दो लाख सवालों का प्रश्न बैंक तैयार कर रहा है। 70 डायट को दो-दो हजार सवाल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्न शामिल होंगे। इसे ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
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प्रदेश में दक्षता आधारित शिक्षण व्यवस्था और बच्चों के आईक्यू स्तर को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) नई पहल कर रहा है। परिषद की ओर से दो लाख सवालों का प्रश्न बैंक तैयार किया जा रहा है। इसे ऑनलाइन ओपन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि छात्र और शिक्षक जरूरत के अनुसार इसका अध्ययन और रिवीजन कर सकें।
प्रदेश में छात्र-छात्राओं के शैक्षिक स्तर के आकलन के लिए समय-समय पर परख, निपुण आकलन, यूनिट टेस्ट समेत विभिन्न परीक्षाएं और सर्वे आयोजित किए जाते हैं। प्रश्न बैंक का उद्देश्य इन आकलनों के लिए पूर्व अभ्यास उपलब्ध कराना और गुणवत्तापूर्ण आकलन व्यवस्था को मजबूत करना है। इसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के सर्वे के पूर्व अभ्यास के साथ डायट की स्थानीय परीक्षाओं में भी किया जा सकेगा।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि बच्चों और शिक्षकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रश्न बैंक तैयार कराया जा रहा है। फिलहाल हिंदी, गणित, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषयों के सवाल तैयार किए जा रहे हैं।
हर डायट तैयार करेगी दो हजार सवाल
प्रदेश की 70 डायट के माध्यम से कुल दो लाख सवाल तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक डायट को दो-दो हजार सवाल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, प्रयोग, तार्किक चिंतन और उच्चतर चिंतन कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। डॉ. सचान ने बताया कि सवालों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डायट प्रवक्ताओं को सवाल तैयार करने, पियर रिव्यू, विश्लेषण, स्पष्टता और कठिनाई स्तर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्हें एआई आधारित सवाल तैयार करने वाले टूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रवक्ताओं को प्रक्रिया से परिचित कराने के साथ उनकी शंकाओं का समाधान करना भी है। इससे प्रश्न बैंक को मजबूत बनाने और विद्यालय स्तर तक इसके प्रभावी इस्तेमाल में मदद मिलेगी।