फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Deputy CM Brajesh Pathak makes a special request to doctors—write medicine names in Hindi on prescriptions

यूपी: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का डॉक्टरों से विशेष आग्रह, बोले- पर्चे पर हिंदी में भी लिखें दवाओं के नाम

Fri, 25 Sep 2026 02:32 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 25 Sep 2026 02:32 PM IST
सार
Register For Event

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सकों से मरीजों के पर्चे पर दवाओं के नाम हिंदी या देवनागरी में लिखने का आग्रह किया। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में संवाद को बढ़ावा देने की बात कही। उनका कहना है कि इससे मरीज चिकित्सकीय सलाह और दवाओं को आसानी से समझ सकेंगे तथा स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा बढ़ेगा।

विज्ञापन
UP: Deputy CM Brajesh Pathak makes a special request to doctors—write medicine names in Hindi on prescriptions
उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के चिकित्सकों से मरीजों के परामर्श-पर्चे पर दवाओं के नाम हिंदी अथवा देवनागरी लिपि में भी लिखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे मरीज आसानी से समझ सकेंगे कि उन्हें कौन-कौन सी दवाएं दी गई हैं और चिकित्सा व्यवस्था में उनका भरोसा भी बढ़ेगा।

विज्ञापन


डिप्टी सीएम ने चिकित्सकों को पत्र भेजकर कहा कि मरीजों की सुविधा और उनके विश्वास को ध्यान में रखते हुए दवाओं के नाम हिंदी में लिखने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने चिकित्सा संवाद को भी सरल और आम लोगों की समझ के अनुरूप बनाने पर जोर दिया।
विज्ञापन


ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकतंत्र लोकभाषा और जनभाषा के माध्यम से अधिक मजबूत होता है। चिकित्सक यदि मरीजों से उनकी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में संवाद करें तो वे अपनी समस्या और चिकित्सकीय सलाह को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। उन्होंने भोजपुरी, अवधी और ब्रजभाषा जैसी भाषाओं में मरीजों से संवाद करने की जरूरत बताई।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया जा सकता है। राष्ट्रनायकों और महापुरुषों के विचारों से प्रेरणा लेकर जनसामान्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में देशज भाषाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत है।

विदेशों में हिंदी संवाद का दिया उदाहरण

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विदेशों में भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी के माध्यम से संवाद करते हैं। इससे देश की भाषाई पहचान को मजबूती मिलती है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि मरीजों की सुविधा के लिए चिकित्सा संबंधी संवाद को अधिक सरल और स्थानीय भाषा में बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ‘देश में देशज भाषा के भाव’ को आगे बढ़ाते हुए चिकित्सक इस पहल को जनसेवा का हिस्सा बनाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed