राज्यसभा चुनाव: कौन हैं सपा के उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी? अंबानी परिवार के बेहद करीबी; लंदन से की है पढ़ाई
धनराज परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंटके पद पर कार्यरत हैं और अंबानी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। सपा के दोनों ही प्रत्याशियों ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल कर दिया है।
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राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। एक सपा नेता रामगोपाल यादव हैं तो दूसरे धनराज परिमल नथवानी हैं। दोनों ही प्रत्याशियों ने आज बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल कर दिया है।
राम गोपाल यादव सपा के दिग्गज नेता के तौर पर पहचान रखते हैं और किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वहीं नथवानी की पहचान देश के एक प्रमुख कार्पोरेट लीडर और खेल प्रशासक की है। वह वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं और अंबानी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं।
नथवानी के पिता परिमल नथवानी भी देश के जाने-माने उद्योगपति और राज्यसभा सांसद हैं। उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातककी शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी का भी शौक है और वे गुजरात के वन्यजीवों (विशेषकर गिर के शेरों) के संरक्षण से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय रहते हैं।
ये है राज्यसभा सीट जीतने का गणित
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए यूपी विधानसभा के निर्वाचित सदस्य 16 अक्तूबर को मतदान करेंगे। एक सीट जीतने के लिए 37 मतों की दरकार है। वर्तमान में सपा के पास 95 का संख्याबल है। इनमें पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में मतदान करने वाले सपा विधायक राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य शामिल नहीं हैं। भाजपा की पदाधिकारी होने के नाते पूजा पाल का सपा को मत देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। शेष तीन में सपा को उम्मीद है कि दो विधायक इस चुनाव में वापसी करेंगे।
सुभासपा के दो विधायक जगदीश नारायण राय और मो. अब्बास अंसारी का मत भी सपा को मिलने की संभावना है। राय ने पिछले चुनाव में सपा को खुला मत दिया था। सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि उनके पास आसानी से 99 मत हैं। तीन प्रत्याशियों को जिताने के लिए उसे 111 मतों की जरूरत है यानी तीसरा प्रत्याशी जिताने के लिए 12 वोटों का इंतजाम करना होगा।
सूत्रों के मुताबिक, टिकट कटने की आशंका वाले कई भाजपा विधायक सपा के संपर्क में हैं। उनसे कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव में समर्थन देंगे तो विधानसभा चुनाव में उन्हें सपा टिकट देगी। यही ऑफर सपा ने अपने बागी विधायकों को भी दिया है। बता दें कि राज्यसभा चुनाव में खुला वोट पड़ता है यानी प्रत्याशी या उसके एजेंट को दिखाकर वोट डाला जाता है।