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श्रद्धा दुबे के पीछे कौन?: कोई सिखाता रहा कि उसे कब क्या करना है, मीडिया में दिलाई गई बाइट; पहुंची थी कोर्ट भी

Thu, 22 Oct 2026 07:39 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 22 Oct 2026 07:39 AM IST
सार
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श्रद्धा का साथ गैंगस्टरों से रहा। पुलिस के कई अधिकारी भी संपर्क में रहे। वहीं नेताओं की भी करीबी रही। इसलिए उसके भीतर शातिरपन भर गया। फरारी के दौरान वह ऐसे सतर्क रह रही थी, जैसे कोई बड़ा अपराधी हो। 

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Who was behind Shraddha Dubey's actions? Someone kept guiding her on what to do and when, securing her media b
श्रद्धा की मदद आखिर कौन कर रहा है? - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 फरारी के दौरान श्रद्धा ने अपने करीबियों से संपर्क किया। अधिकतर वो लोग शामिल रहे, जो अक्सर उसके साथ उठते-बैठते थे। वहीं एक पूर्व डीजी का बेटा भी श्रद्धा के संपर्क में रहकर बातचीत कर रहा था। इसकी पुख्ता जानकारी मिली है। जो भी बातचीत हुई, वह फेसटाइम व व्हाट्सएप के जरिये ही की गई। दूसरी तरफ श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद से खाकी और खादी वालों के अलावा कई अफसरान की भी जान सांसत में है कि कहीं उनका कनेक्शन उजागर न हो जाए।
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दरअसल, वारदात के बाद जब कुछ बड़े लोगों का कनेक्शन श्रद्धा से सामने आया था तो हड़कंप मच गया था। सोशल मीडिया पर ये तक चर्चा थी कि तस्वीरें भी हैं, जिनसे बड़ों-बड़ों की कुर्सियां हिल सकती हैं। इसलिए कमिश्नरेट के अधिकारी भी हैरान-परेशान थे। तभी एक के बाद एक कॉल रिकॉर्डिंग सामने आने लगीं, जिनमें श्रद्धा की जुबान से सर का जिक्र चर्चा का विषय बन गया था। अब जब श्रद्धा पकड़ी जा चुकी है और मोबाइल पुलिस के कब्जे में है तो उससे संपर्क में रहने वाले तनाव में आ गए हैं। इसलिए श्रद्धा को नागपुर से लखनऊ लाने वाली टीम को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश हैं।
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मैनेज कराई गई बाइट....पीछे कौन
जिस तरह से श्रद्धा लखनऊ आई और न्यूज एजेंसी को बाइट देकर फिर चली गई थी, ये उसके खुद के वश की बात नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, बाइट मैनेज कराने वाला बड़ा शख्स है। इसमें कई लोगों का दिमाग रहा। बाइट का सुबह होना और शाम को उसका रिलीज करना, सब कुछ प्लान से किया गया। सूत्र बताते हैं कि श्रद्धा से जुड़े पावरफुल लोग सीधे बातचीत नहीं कर रहे थे। एक-दो लोग उसके करीबियों से बात करके आगे का प्लान बता रहे थे। चूंकि मामला हाईप्रोफाइल है, लिहाजा मामले से जुड़े इस तरह के तथ्य सामने आना बेहद मुश्किल है।
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इसलिए शातिर हो गई श्रद्धा..
श्रद्धा का साथ गैंगस्टरों से रहा। पुलिस के कई अधिकारी भी संपर्क में रहे। वहीं नेताओं की भी करीबी रही। इसलिए उसके भीतर शातिरपन भर गया। फरारी के दौरान वह ऐसे सतर्क रह रही थी, जैसे कोई बड़ा अपराधी हो। मोबाइल न रखना, दूसरे का वाईफाई इस्तेमाल करना, एक जगह पर अधिक देर न ठहरना आदि। इससे उसके शातिरपन का अंदाजा लगाया जा सकता है। बाकी का काम पर्दे के पीछे वाले कर रहे थे।

 
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कॉल रिकॉर्डिंग में शिवा को प्रताड़ित करने के पुख्ता सुबूत

Who was behind Shraddha Dubey's actions? Someone kept guiding her on what to do and when, securing her media b
श्रद्धा दुबे - फोटो : अमर उजाला
 कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और शिवा शर्मा के बीच बातचीत की तीन और कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुईं। इन रिकॉर्डिंग में दोनों के बीच तीखी बहस, गाली-गलौज सुनाई दे रही है। खुद श्रद्धा स्वीकार कर रही है कि उसने शिवा को मारा, वीडियो बनाया और फिर मारने की धमकी दे रही है। शिवा को प्रताड़ित करने का ये पुख्ता सुबूत है। वहीं, बातचीत के दौरान एक तीसरा व्यक्ति भी कॉन्फ्रेंसिंग कॉल पर जुड़ा हुआ था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर यह शख्स कौन है और श्रद्धा व शिवा के बीच चल रहे विवाद में उसकी क्या भूमिका थी?

वायरल ऑडियो में श्रद्धा कथित तौर पर शिवा को गाली देते हुए उसे परेशान करने और बदनाम करने की बात कहती सुनाई दे रही है। बातचीत के दौरान वह शिवा को उसके काम से जुड़ी रिकॉर्डिंग होने की बात कहकर धमकाती भी सुनाई देती है। वहीं, शिवा बार-बार उससे पूछता है कि आखिर उसने क्या किया है और उसके लोगों को फोन करने के पीछे उसका क्या मकसद है। अमर उजाला कॉल रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करता है। ये जरूर है कि पुलिस इन रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच कराएगी। जांच रिपोर्ट विवेचना में शामिल की जाएगी। श्रद्धा पर शिकंजा कसना तय है।

पूरे शहर को मालूम है, कुत्ता बनाकर मारा तुझे
वायरल ऑडियो में श्रद्धा दुबे शिवा से कहती है कि पूरे शहर को मालूम है कि उसने उसे कुत्ता बनाकर मारा है। वह यह भी कहती है कि शिवा जितना उसे परेशान करेगा, वह उतना ही उसके बारे में लोगों को बताती जाएगी और वीडियो भी दिखाएगी। बातचीत के दौरान शिवा उससे पूछता है कि आखिर किसने उसके साथ खिलवाड़ किया है। इस पर श्रद्धा कहती है कि वह लोगों को खुद बताएगी कि क्या हुआ और क्या नहीं।

जहां बैठेगा, वहीं मारेंगे
ऑडियो में श्रद्धा अपनी बदनामी का जिक्र करते हुए शिवा को धमकी देती है। वह कहती है कि लोग उसके हिसाब से आते-जाते हैं और उसकी बदनामी कराने का अंजाम भुगतना पड़ेगा। कुछ देर बाद श्रद्धा अपने दूसरे मोबाइल से किसी अन्य व्यक्ति को फोन करती सुनाई देती है। वह उससे घर आने के लिए कहती है और बताती है कि शिवा के साथ बड़ा मामला हो गया है। इसके बाद वह कहती है कि अब शिवा की धज्जियां उड़ाएंगे और जहां बैठेगा, वहीं मारेंगे। इस दौरान शिवा दूसरे फोन से भी बातचीत में जुड़ा हुआ था।

बातचीत में एक और ‘सर’ का जिक्र
रिकॉर्डिंग में बातचीत के दौरान एक अन्य ‘सर’ का भी जिक्र होने की बात कही जा रही है। इससे मामले में किसी और व्यक्ति के संपर्क में होने की आशंका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आखिर ये दूसरा सर कौन है? ये भी है कि शिवा कहता है कि वह किसी दूसरी लड़की से बातचीत नहीं करता है, चाहे तो इसकी डिटेल निकलवा ले। इस पर श्रद्धा कहती है कि वो तो सर से निकलवा ही लेगी। अगर वह डिटेल दे सकते हैं तो परेशानी भी खड़ी कर सकते हैं।


 

कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड : कब क्या-क्या हुआ

  • 9 अक्तूबर : हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर अलीगंज निवासी कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
  • 10 अक्तूबर : शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर हजरतगंज थाने में मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक तनवीर अली उर्फ दानिश, आदिल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
  • 10 अक्तूबर : पुलिस की पड़ताल में श्रद्धा और उसके साथियों की गाड़ी के सीतापुर-लखीमपुर मार्ग से बहराइच के रुपईडीहा पहुंचने की जानकारी सामने आई। उनकी आखिरी लोकेशन सुबह करीब 6:20 बजे भारत-नेपाल सीमा के पास मिली थी। इसके बाद उनके नेपाल भागने की आशंका जताई गई।
  • 13 अक्तूबर : डीसीपी मध्य ने तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस को बहराइच के रुपईडीहा इलाके में श्रद्धा की एसयूवी पार्किंग में खड़ी मिली।
  • 15 अक्तूबर : सोशल मीडिया पर श्रद्धा के वीडियो सामने आए। उसने शिवा की मौत को आत्महत्या बताते हुए खुद को निर्दोष बताया। एक अन्य वीडियो में शिवा के कर्ज और जेवर ले जाने के दावे भी सामने आए।
  • 16 अक्तूबर : पुलिस ने श्रद्धा और अन्य आरोपियों की तलाश में नेपाल पुलिस से मदद मांगी।
  • 17 अक्तूबर : श्रद्धा दुबे, रश्मि और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। उसी दिन हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया।
  • 18 अक्तूबर : पुलिस ने फरार चालक दानिश के परिजनों से पूछताछ की। आरोपियों पर इनाम की राशि 25-25 हजार से बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई। उसी दिन डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटा दिया गया।
  • 19 अक्तूबर : श्रद्धा की तलाश में पुलिस टीम रायबरेली स्थित उसके घर पहुंची और उसके पिता एसपी दुबे व सौतेली मां से पूछताछ की। श्रद्धा की गिरफ्तारी न होने पर एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी पद से हटा दिया गया।
  • 20 अक्तूबर : लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई कर नागपुर से श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को गिरफ्तार किया।
  • 21 अक्तूबर : श्रद्धा, रश्मि और चालक दानिश को नागपुर कोर्ट में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने पर हजरतगंज पुलिस तीनों कोे लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।
  • 21 अक्तूबर : श्रद्धा का मित्र व मैनेजर नामजद आरोपी आदिल को भी यूपी एसटीएफ ने बुधवार दोपहर गिरफ्तार किया।
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