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एमपी: प्रदेश में 6,637 करोड़ के 23 शहरी प्रोजेक्ट अटके, मंजूरियों के फेर में विकास की रफ्तार धीमी

Tue, 22 Sep 2026 09:44 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Tue, 22 Sep 2026 09:44 AM IST
सार
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मध्यप्रदेश में 6,637 करोड़ रुपये से अधिक की 23 शहरी परियोजनाओं की रफ्तार धीमी है। रेलवे, NHAI, वन-पर्यावरण मंजूरी और जमीन से जुड़े मामलों के कारण कई प्रोजेक्ट अटके हुए हैं।

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MP: 23 Urban Projects Worth ₹6,637 Crore Stuck, Development Slows Amid Pending Approvals
वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश के बड़े शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए चल रहे 6,637 करोड़ रुपये से ज्यादा के शहरी प्रोजेक्ट मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों के कारण अटक रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की हालिया समीक्षा में 13 नगरीय निकायों की 23 ऐसी परियोजनाओं की स्थिति सामने आई है, जिनकी लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें रेलवे, एनएचएआई, वन एवं पर्यावरण से जुड़ी मंजूरियों के साथ जमीन संबंधी मामले भी परियोजनाओं की रफ्तार पर असर डाल रहे हैं। दस्तावेजों के मुताबिक इन 23 परियोजनाओं की कुल लागत 6,637.49 करोड़ रुपये है। कई परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति निर्धारित समय की तुलना में काफी कम दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा चिंता उन प्रोजेक्ट को लेकर है, जिनमें करोड़ों रुपये की लागत के बावजूद काम की प्रगति एक अंक या बेहद कम प्रतिशत में है।
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इंदौर के 448 करोड़ के प्रोजेक्ट का सिर्फ 1% काम
समीक्षा में सामने आया कि इंदौर जलापूर्ति पैकेज-2 की लागत 448.22 करोड़ रुपये है, लेकिन इसकी वास्तविक प्रगति सिर्फ 1 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, ग्वालियर जलापूर्ति पैकेज-2 की लागत 473.76 करोड़ रुपये है और काम की वास्तविक प्रगति महज 8 प्रतिशत है। भोपाल में भी बड़े प्रोजेक्ट धीमी रफ्तार से चल रहे हैं। 582.31 करोड़ रुपए की भोपाल जलापूर्ति परियोजना की वास्तविक प्रगति करीब 24.5 प्रतिशत है। वहीं 472.32 करोड़ रुपए के भोपाल सीवरेज पैकेज-3 में 35.15 प्रतिशत काम हुआ है। भोपाल सीवरेज पैकेज-2 की लागत 189.60 करोड़ रुपए है और इसकी वास्तविक प्रगति 8.10 प्रतिशत दर्ज की गई है। 
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इंदौर में जलापूर्ति और सीवरेज दोनों की रफ्तार धीमी
इंदौर जलापूर्ति पैकेज-1 पर 800.20 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इसकी वास्तविक प्रगति 18.49 प्रतिशत दर्ज की गई है। शहर की सीवरेज व्यवस्था से जुड़े 331.85 करोड़ रुपए के पैकेज-1 में 27.41 प्रतिशत काम हुआ है। वहीं, 145.07 करोड़ रुपए की लागत वाले इंदौर सीवरेज पैकेज-2 की वास्तविक प्रगति 18.70 प्रतिशत है। 

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ग्वालियर के दो जलापूर्ति प्रोजेक्ट भी पीछे
ग्वालियर में 473.76 करोड़ रुपए के जलापूर्ति पैकेज-2 की प्रगति केवल 8 प्रतिशत है। इसी शहर के 458.68 करोड़ रुपए के जलापूर्ति पैकेज-1 में 45 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। यानी दोनों परियोजनाओं की लागत लगभग एक जैसी होने के बावजूद उनकी प्रगति में बड़ा अंतर है।

अन्य शहरों की परियोजनाओं की स्थिति
जबलपुर जलापूर्ति परियोजना की लागत 312.10 करोड़ रुपए है और वास्तविक प्रगति 34 प्रतिशत दर्ज की गई है। खंडवा सीवरेज परियोजना पर 250.81 करोड़ रुपए की लागत है, जबकि काम 23.96 प्रतिशत तक पहुंचा है। रीवा जलापूर्ति परियोजना की लागत 191.16 करोड़ रुपए है और इसकी वास्तविक प्रगति 78 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, पीथमपुर सीवरेज परियोजना की लागत 188.41 करोड़ रुपए है और काम 15.35 प्रतिशत हुआ है। भिंड सीवरेज परियोजना पर 141.98 करोड़ रुपए की लागत है और इसकी वास्तविक प्रगति 14.50 प्रतिशत दर्ज की गई है।
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