फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   indore-choral-forest-bhilat-dev-pahad-hidden-trekking-destination-guide

इंदौर: 37 किमी दूर छुपा है कुदरत का अनोखा खजाना, ऊंचाई से दिखती हैं 4 खूबसूरत झीलें

Fri, 18 Sep 2026 06:23 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Fri, 18 Sep 2026 06:23 AM IST
सार
Register For Event

इंदौर के पास चोरल के घने जंगलों में स्थित भीलट देव पहाड़ प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा केंद्र है। 37 किमी दूर स्थित इस पहाड़ पर विशाल शिलाएं और 4 झीलें दिखाई देती हैं। ट्रेकर्स के लिए यह एक बेहतरीन और अनदेखा गंतव्य है।

विज्ञापन
indore-choral-forest-bhilat-dev-pahad-hidden-trekking-destination-guide
भीलट देव पहाड़ पर इंदौर के लोगों का ग्रुप। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए राइड्स आफ राइडर्स (आरओआर) के एक दल ने चोरल के घने जंगलों में स्थित भीलट देव पहाड़ के लिए एक विशेष राइड का आयोजन किया। इस यात्रा में कुल 30 सदस्यों ने हिस्सा लिया और प्रकृति के बीच एक शानदार अनुभव लिया। 
विज्ञापन


भीलट देव पहाड़ की रोचक कहानी
ग्रुप के फाउंडर ज्ञानदीप श्रीवास्तव ने बताया कि भीलट देव पहाड़ चारों तरफ से घने जंगल और हरे-भरे पेड़ों से घिरा हुआ एक ऊंचा और सीधा खड़ा पहाड़ है। इसके शीर्ष पर एक के ऊपर एक रखी हुई लंबी-लंबी विशाल पत्थर की शिलाएं मौजूद हैं, जो देखने में किसी कुदरती चमत्कार से कम महसूस नहीं होतीं। इस प्रकार का दृश्य क्षेत्र में अन्य कहीं देखने को नहीं मिलता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 20 साल पहले जंगल के निचले हिस्से में एक बाबा रहा करते थे। वे प्रतिदिन सुबह पूजा-अर्चना के लिए इस पहाड़ पर जाते थे और शीर्ष पर स्थित शिलाओं के पास बैठकर घंटों साधना करते थे। उसी समय से स्थानीय लोगों ने भी इस स्थान पर जाना शुरू किया।
विज्ञापन


पहाड़ के शिखर से दिखता है विहंगम नजारा
यात्रा के दौरान इस स्थान पर पहुंचने वाले लोगों ने एक अनोखा और शांतिपूर्ण अहसास महसूस किया। पहाड़ की ऊंचाई से आसपास के पूरे क्षेत्र का नजारा बेहद दर्शनीय लगता है। अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां से चोरल के जंगलों के बीच बनी 3 से 4 प्राकृतिक झीलें पूरी तरह साफ दिखाई देती हैं। इस स्थान की सबसे खास बात यह है कि यहां अभी तक कोई अन्य ट्रेकिंग या मोटरसाइकिल समूह नहीं पहुंचा है, जिससे यह स्थान पूरी तरह शांत और प्रदूषण मुक्त बना हुआ है। प्रकृति प्रेमी और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह एक बहुत बेहतरीन गंतव्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंदौर के तेजाजी चौराहे से 37 किमी दूर
तेजाजी चौराहा से इस प्राकृतिक स्थान की दूरी लगभग 37 किलोमीटर है। यात्रा की शुरुआत खंडवा रोड से करते हुए सिमरोल पार करना होता है। इसके बाद बाइग्राम स्थित शनि मंदिर पार करके चोरल गांव तक पहुंचना पड़ता है। चोरल गांव से सीधे हाथ की तरफ मुड़कर आगे बढ़ने पर राजपुरा गांव आता है और फिर नयापुरा कुलथाना गांव पहुंच सकते हैं। कुलथाना गांव से भीलट देव पहाड़ की ओर जाने वाला मार्ग शुरू होता है। मुख्य मार्ग से पहाड़ तक केवल 2 किलोमीटर का रास्ता ही कच्चा है, जिस पर मोटरसाइकिल से आसानी से पहुंचा जा सकता है।


ग्रुप में जाएं, सुरक्षा का ध्यान रखें
ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि यह क्षेत्र जंगलों के काफी अंदरूनी हिस्से में स्थित है, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां हमेशा समूह में ही जाना चाहिए। हालांकि क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीण काफी मददगार और अच्छे स्वभाव के हैं, फिर भी यात्रियों को स्वयं सतर्कता बरतनी चाहिए। खान-पान की सुविधा के लिए कुलथाना क्षेत्र में चाय और भोजन के विकल्प आसानी से मिल जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed