इंदौर: इंदौर के झांकी चलसमारोह में डीजे रहेंगे प्रतिबंधित, शाम छह बजे निकलेगी पहली झांकी
अनंत चतुर्दशी के ऐतिहासिक चल समारोह में इस बार डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, वहीं मंचों के सामने तय समय से ज्यादा प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों की निगेटिव मार्किंग कर अंक काटे जाएंगे।
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अनंत चतुर्दशी के पारंपरिक चल समारोह की तैयारियों को लेकर कलेक्टर कार्यालय में झांकी व अखाड़ा संचालकों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के निर्देशानुसार चल समारोह में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे और झांकियों में अधिकतम दो स्पीकर ही लगाए जा सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
देर तक प्रदर्शन किया तो कटेंगे अंक
बैठक में समय-सीमा के पालन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि किसी अखाड़े या झांकी के अधिक समय लेने से पीछे आने वाले कारवां का समय प्रभावित होता है और आम जनता को प्रदर्शन देखने का पूरा अवसर नहीं मिल पाता। इसके लिए निर्णायक मंच के समक्ष निर्धारित समय से अधिक प्रदर्शन करने पर निगेटिव मार्किंग की जाएगी और अंक काटे जाएंगे।
अखाड़ों में घातक हथियार पूरी तरह वर्जित
समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अखाड़ों में धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर रोक रहेगी। अखाड़े के खलीफा केवल प्रतीक स्वरूप तलवार रख सकेंगे। यदि किसी के पास हॉकी या अन्य कोई घातक हथियार पाया गया, तो पुलिस उसे तुरंत जब्त करेगी। जुलूस में हाथी और ऊंट को शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, झांकी व अखाड़ों के साथ तय संख्या में ही ठेला गाड़ियां व अन्य वाहन रह सकेंगे।
शाम 6 बजे डीआरपी लाइन से शुरू होगा कारवां
झांकियों का कारवां शाम 6 बजे डीआरपी लाइन से शुरू होगा। सबसे आगे श्री खजराना गणेश मंदिर की झांकी रहेगी। इसके बाद क्रमशः शास्त्री कॉर्नर नवयुवक मंडल (छोटा गणपति मंदिर चौराहा), इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए), इंदौर नगर निगम, होप टेक्सटाइल (भंडारी मिल), कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकियां निकलेंगी। इस वर्ष किसी भी नई झांकी को शामिल नहीं किया जाएगा।
चल समारोह मिल क्षेत्र से प्रारंभ होकर मजदूर मैदान, भंडारी मिल श्रम शिविर, देवी अहिल्या मार्ग, एमजी रोड, कृष्णपुरा, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नरसिंह बाजार चौराहा, शीतलामाता बाजार, गोराकुंड और खजुरी बाजार से राजवाड़ा होते हुए वापस अपने मिल क्षेत्र पहुंचेगा।
पारंपरिक खेलों और कलाओं को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों को प्रमाण-पत्र के साथ नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा, यातायात में बाधा न पहुंचे और दर्शकों को झांकियां देखने में सुविधा रहे, इसके लिए झांकियों की ऊंचाई और मंचों की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं।
