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इंदौरः ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच का गैप बन सकता है जानलेवा, सिंहस्थ में सफर करेंगे लाखों यात्री
Mon, 21 Sep 2026 06:44 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:44 AM IST
इंदौर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 2 और ट्रेन के बीच अत्यधिक गैप यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। सिंहस्थ से पहले उठ रही शिकायतों के बावजूद रतलाम रेल मंडल द्वारा इस बुनियादी तकनीकी समस्या का समाधान करने में देरी की जा रही है।
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इंदौर रेलवे स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के बीच इंदौर रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन के दौरान इंदौर से संचालित होने वाली विशेष और नियमित ट्रेनों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। हालांकि, स्टेशन प्रबंधन अभी तक बरसों पुरानी बुनियादी समस्याओं और तकनीकी कमियों को दूर करने में असमर्थ साबित हुआ है।
प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच जानलेवा अंतर
इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के किनारे के बीच काफी अधिक दूरी दर्ज की गई है। इस गैप के कारण पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ मामलों में यात्रियों की जान पर बन आई है। ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय यह गैप विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों के लिए अत्यंत जोखिमभरा बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन द्वारा इस खतरनाक अंतर को भरने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
रोजाना भारी फुटफॉल वाले इस मुख्य स्टेशन पर सुरक्षा संबंधी इस लापरवाही से यात्रियों में गहरा आक्रोश है। तकनीकी खामियों को समय रहते दुरुस्त न करना और किसी बड़े हादसे का इंतजार करना रेलवे की सुरक्षा प्रणाली की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। यदि निकट भविष्य में इस गैप के कारण कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी तय करना आवश्यक हो जाता है।
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सोशल मीडिया पर शिकायत और आधिकारिक प्रक्रिया
हाल ही में एक यात्री, रुषि राठौड़ ने इस खतरनाक गैप की तस्वीर साझा करते हुए रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी को सोशल मीडिया के माध्यम से सतर्क किया था। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग पर रेलवे सेवा ने मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्यवाही हेतु रतलाम मंडल के डीआरएम को स्थानांतरित कर दिया। इसके पश्चात डीआरएम कार्यालय द्वारा अवगत कराया गया कि प्रकरण को मुख्य तकनीकी अभियंता के पास समाधान हेतु भेज दिया गया है।
विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत
हाल ही में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने इंदौर का दौरा किया था, जहां क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास और विस्तार योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई थी। उस दौरान भी स्टेशन की इस मूलभूत समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया था। विकास की बड़ी योजनाओं के बीच यात्रियों की दैनिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान न होना स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच जानलेवा अंतर
इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के किनारे के बीच काफी अधिक दूरी दर्ज की गई है। इस गैप के कारण पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कुछ मामलों में यात्रियों की जान पर बन आई है। ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय यह गैप विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों के लिए अत्यंत जोखिमभरा बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन द्वारा इस खतरनाक अंतर को भरने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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स्थानीय रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
रोजाना भारी फुटफॉल वाले इस मुख्य स्टेशन पर सुरक्षा संबंधी इस लापरवाही से यात्रियों में गहरा आक्रोश है। तकनीकी खामियों को समय रहते दुरुस्त न करना और किसी बड़े हादसे का इंतजार करना रेलवे की सुरक्षा प्रणाली की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। यदि निकट भविष्य में इस गैप के कारण कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी तय करना आवश्यक हो जाता है।
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सोशल मीडिया पर शिकायत और आधिकारिक प्रक्रिया
हाल ही में एक यात्री, रुषि राठौड़ ने इस खतरनाक गैप की तस्वीर साझा करते हुए रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी को सोशल मीडिया के माध्यम से सतर्क किया था। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग पर रेलवे सेवा ने मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्यवाही हेतु रतलाम मंडल के डीआरएम को स्थानांतरित कर दिया। इसके पश्चात डीआरएम कार्यालय द्वारा अवगत कराया गया कि प्रकरण को मुख्य तकनीकी अभियंता के पास समाधान हेतु भेज दिया गया है।
विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत
हाल ही में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने इंदौर का दौरा किया था, जहां क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास और विस्तार योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई थी। उस दौरान भी स्टेशन की इस मूलभूत समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया था। विकास की बड़ी योजनाओं के बीच यात्रियों की दैनिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान न होना स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
