MP: ओंकारेश्वर बांध की नहर में बिहार के तीन मजदूरों की मौत, गांव से लेकर कैंप तक मातम; शव बरामद
ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में लापता हुए तीन युवकों के शव दूसरे दिन सर्चिंग अभियान के दौरान बरामद कर लिए गए। तीनों युवक फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में मजदूरी करते थे और नहर में स्नान के दौरान हादसे का शिकार होने की आशंका है। जानकारी के मुताबित तीनों मृतक बिहार के रहने वाले थे।
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खंडवा जिले के ओंकारेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम कोठी स्थित ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में लापता हुए तीन युवकों के शव दूसरे दिन बरामद होने से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। पुलिस तथा बड़वाह-खेड़ी नवघाट खेड़ी के गोताखोर बाबूलाल इंगले, प्रदीप केवट, दीपक गिरी, रोशन मकवाना, कार्तिक दुबे एवं पवन की टीम द्वारा लगातार चलाए गए सर्चिंग अभियान के बाद तीनों युवकों के शव नहर से बाहर निकाले गए।
प्रारंभिक तौर पर आशंका व्यक्त की जा रही है कि नहर में स्नान के दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया होगा और उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो युवक भी पानी में उतर गए, जिससे तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान भगवान दास पिता सुरेश कुमार साहू (लगभग 20 वर्ष), सुनील पिता रामप्रसाद साहू (लगभग 20 वर्ष) तथा अनिकेत यादव निवासी गोपालगंज, बिहार के रूप में हुई है।
तीनों निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे
तीनों युवक ओंकारेश्वर-मोरटक्का फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में कार्यरत थे और निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे। ओंकारेश्वर थाना प्रभारी ए.के. सिंधिया ने बताया कि 10 जून को निर्मल आनंद बिल्डिंगकॉन प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत चालक रामचरण पिता पूजन, निवासी ग्राम खेड़ा, थाना भीकनगांव, जिला खरगोन ने पुलिस को सूचना दी थी। रामचरण ने बताया कि 10 जून की शाम वह ओंकारेश्वर से 4 किलोमीटर पहले ग्राम कोठी नहर क्षेत्र में गया था, जहां उसने अपने साथी कर्मचारी सुनील, भगवान दास और अनिकेत यादव को नहर में स्नान करते हुए देखा था।
अगले दिन जब वह कार्यस्थल पर पहुंचा तो कैंप में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि उक्त तीनों युवक रातभर कैंप में वापस नहीं लौटे। इसके बाद सभी साथी कर्मचारी ग्राम कोठी स्थित नहर क्षेत्र में पहुंचे, जहां नहर किनारे तीनों युवकों के कपड़े और चप्पल पड़े मिले। इससे अनहोनी की आशंका गहरा गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही ओंकारेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गुमशुदगी दर्ज कर गोताखोरों की सहायता से तलाश अभियान शुरू किया गया। नहर के विभिन्न हिस्सों में दिनभर सर्चिंग की गई, लेकिन पहले दिन युवकों का कोई सुराग नहीं मिल सका। सूर्यास्त होने के कारण अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
कई घंटों की मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव मिले
दूसरे दिन सुबह पुनः पुलिस, गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से खोज अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव नहर से बरामद कर लिए गए। शव मिलने की सूचना से परिजनों और सहकर्मियों में शोक व्याप्त हो गया। घटनास्थल पर मौजूद उनके साथ काम करने वाले दोस्तों और अन्य कर्मचारियों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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बताया जाता है कि तीनों युवक रोजगार की तलाश में अपने गृह जिलों से ओंकारेश्वर आए थे और फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में कार्यरत थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य नहर में कई स्थानों पर पानी की गहराई अधिक है तथा तेज बहाव होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
मामले की जांच शुरू
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।यह दर्दनाक हादसा क्षेत्र के लिए अत्यंत दुखद है। एक साथ तीन युवा मजदूरों की मृत्यु ने उनके परिवारों के साथ-साथ सहकर्मियों और स्थानीय लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इनमें से कुछ कर्मचारी बिहार एवं मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।
