फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Khandwa News ›   omkareshwar-canal-accident-three-labourers-drowned-dead-bodies-recovered-after-search-operation

MP: ओंकारेश्वर बांध की नहर में बिहार के तीन मजदूरों की मौत, गांव से लेकर कैंप तक मातम; शव बरामद

Thu, 11 Jun 2026 08:04 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: खंडवा ब्यूरो Updated Thu, 11 Jun 2026 08:04 PM IST
सार
Register For Event

ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में लापता हुए तीन युवकों के शव दूसरे दिन सर्चिंग अभियान के दौरान बरामद कर लिए गए। तीनों युवक फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में मजदूरी करते थे और नहर में स्नान के दौरान हादसे का शिकार होने की आशंका है। जानकारी के मुताबित तीनों मृतक बिहार के रहने वाले थे। 

विज्ञापन
omkareshwar-canal-accident-three-labourers-drowned-dead-bodies-recovered-after-search-operation
तीनों युवकों के शव नहर से बरामद कर लिए गए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खंडवा जिले के ओंकारेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम कोठी स्थित ओंकारेश्वर बांध की मुख्य नहर में लापता हुए तीन युवकों के शव दूसरे दिन बरामद होने से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। पुलिस तथा बड़वाह-खेड़ी नवघाट खेड़ी के गोताखोर बाबूलाल इंगले, प्रदीप केवट, दीपक गिरी, रोशन मकवाना, कार्तिक दुबे एवं पवन की टीम द्वारा लगातार चलाए गए सर्चिंग अभियान के बाद तीनों युवकों के शव नहर से बाहर निकाले गए।

विज्ञापन




प्रारंभिक तौर पर आशंका व्यक्त की जा रही है कि नहर में स्नान के दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया होगा और उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो युवक भी पानी में उतर गए, जिससे तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान भगवान दास पिता सुरेश कुमार साहू (लगभग 20 वर्ष), सुनील पिता रामप्रसाद साहू (लगभग 20 वर्ष) तथा अनिकेत यादव निवासी गोपालगंज, बिहार के रूप में हुई है।

विज्ञापन

तीनों निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे
तीनों युवक ओंकारेश्वर-मोरटक्का फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में कार्यरत थे और निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे। ओंकारेश्वर थाना प्रभारी ए.के. सिंधिया ने बताया कि 10 जून को निर्मल आनंद बिल्डिंगकॉन प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत चालक रामचरण पिता पूजन, निवासी ग्राम खेड़ा, थाना भीकनगांव, जिला खरगोन ने पुलिस को सूचना दी थी। रामचरण ने बताया कि 10 जून की शाम वह ओंकारेश्वर से 4 किलोमीटर पहले ग्राम कोठी नहर क्षेत्र में गया था, जहां उसने अपने साथी कर्मचारी सुनील, भगवान दास और अनिकेत यादव को नहर में स्नान करते हुए देखा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

अगले दिन जब वह कार्यस्थल पर पहुंचा तो कैंप में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि उक्त तीनों युवक रातभर कैंप में वापस नहीं लौटे। इसके बाद सभी साथी कर्मचारी ग्राम कोठी स्थित नहर क्षेत्र में पहुंचे, जहां नहर किनारे तीनों युवकों के कपड़े और चप्पल पड़े मिले। इससे अनहोनी की आशंका गहरा गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही ओंकारेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गुमशुदगी दर्ज कर गोताखोरों की सहायता से तलाश अभियान शुरू किया गया। नहर के विभिन्न हिस्सों में दिनभर सर्चिंग की गई, लेकिन पहले दिन युवकों का कोई सुराग नहीं मिल सका। सूर्यास्त होने के कारण अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

कई घंटों की मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव मिले
दूसरे दिन सुबह पुनः पुलिस, गोताखोरों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से खोज अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव नहर से बरामद कर लिए गए। शव मिलने की सूचना से परिजनों और सहकर्मियों में शोक व्याप्त हो गया। घटनास्थल पर मौजूद उनके साथ काम करने वाले दोस्तों और अन्य कर्मचारियों का रो-रोकर बुरा हाल था।

ये भी पढ़ें- MP Rajya Sabha Election: कौन हैं अरविंद शर्मा? जिनके फैसले से बदल गया एमपी राज्यसभा चुनाव का समीकरण

बताया जाता है कि तीनों युवक रोजगार की तलाश में अपने गृह जिलों से ओंकारेश्वर आए थे और फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में कार्यरत थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य नहर में कई स्थानों पर पानी की गहराई अधिक है तथा तेज बहाव होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।

मामले की जांच शुरू
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।यह दर्दनाक हादसा क्षेत्र के लिए अत्यंत दुखद है। एक साथ तीन युवा मजदूरों की मृत्यु ने उनके परिवारों के साथ-साथ सहकर्मियों और स्थानीय लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इनमें से कुछ कर्मचारी बिहार एवं मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed