{"_id":"6a58e55914daac10de076339","slug":"an-uncle-worked-as-a-government-doctor-across-three-districts-by-using-his-nephew-degree-in-shahdol-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहडोल में अजब मामला: भतीजे की डिग्री पर चाचा बना डॉक्टर, तीन जिलों में करता रहा सरकारी नौकरी; ऐसे खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहडोल में अजब मामला: भतीजे की डिग्री पर चाचा बना डॉक्टर, तीन जिलों में करता रहा सरकारी नौकरी; ऐसे खुली पोल
Thu, 16 Jul 2026 07:36 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:36 PM IST
शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े गए कथित डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा पर नया खुलासा हुआ है। राजस्थान के सरकारी चिकित्सक ने उसे अपना चाचा बताते हुए फिजिक्स का शिक्षक होने का दावा किया। पुलिस डिग्री, पहचान और नौकरी में फर्जीवाड़े की जांच कर रही है।
विज्ञापन
भतीजा और चाचा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले के जयसिंहनगर में पदस्थ तथाकथित डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा, जिसे पिछले महीने लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था, उसके मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पहले सामने आया था कि वह मध्य प्रदेश के शहडोल, श्योपुर और खरगोन जिलों में एक साथ सरकारी नौकरी कर वेतन ले रहा था। अब जांच में उससे भी बड़ा खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
जयसिंहनगर थाने में राजस्थान के डीग जिले के एक सरकारी चिकित्सक ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने अपना नाम डॉ. महेश चंद्र शर्मा बताया है और कहा है कि वह राजस्थान के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार महेश चंद्र शर्मा उनका रिश्ते में चाचा है और वह वास्तव में फिजिक्स का शिक्षक है, डॉक्टर नहीं। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने कब और कैसे उनके नाम व डिग्री का इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी हासिल कर ली, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर भतीजे की मेडिकल डिग्री का इस्तेमाल कर आरोपी ने किस आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त की।
विज्ञापन
पढ़ें; 350 एकड़ जमीन-ट्रस्ट की संपत्तियां धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के नाम, पुलिस पर आरोप
विज्ञापन
बिना मेडिकल योग्यता करता रहा इलाज
इस खुलासे के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि आरोपी वास्तव में डॉक्टर नहीं था, तो उसने पिछले पांच वर्षों में कितने मरीजों का इलाज किया, कितनों को दवाइयां लिखीं और कितनी मेडिकल-लीगल केस (एमएलसी) तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कीं। एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट न्यायिक मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य होती हैं, ऐसे में पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की वास्तविक पहचान तथा दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
ब्योहारी एसडीओपी ऋषभ झारी ने बताया कि राजस्थान से आए एक डॉक्टर ने स्वयं को सरकारी चिकित्सक बताते हुए आवेदन दिया है। उन्होंने आरोपी को अपना रिश्ते में चाचा बताया है और दावा किया है कि वह डॉक्टर नहीं, बल्कि फिजिक्स का शिक्षक है। आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा। वहीं, शहडोल एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) मनोज द्विवेदी ने बताया कि जिले से प्रतिवेदन भोपाल भेजा गया था। इसके बाद भोपाल से शहडोल, श्योपुर और खरगोन में पदस्थ महेश चंद्र शर्मा की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
