फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   suspension bridge connecting Omkareshwar-Mamleshwar is closed, gate locked due to breaking of loading wire

Omkareshwar News: ओंकारेश्वर-ममलेश्वर को जोड़ने वाला झूला पुल बंद, लोडिंग तार की कड़ी टूटने से गेट पर लगा ताला

Wed, 24 Jun 2026 05:52 PM IST
Dinesh Sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: Dinesh Sharma Updated Wed, 24 Jun 2026 05:52 PM IST
सार
Register For Event

ओंकारेश्वर को ममलेश्वर से जोड़ने वाले ऐतिहासिक झूला पुल की एक महत्वपूर्ण लोडिंग कड़ी टूट जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल को तत्काल बंद कर दिया है। मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है और दो से तीन दिन बाद आवागमन बहाल होने की संभावना है।
 

विज्ञापन
suspension bridge connecting Omkareshwar-Mamleshwar is closed, gate locked due to breaking of loading wire
ओंकारेश्वर का झूला पुल सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से जोड़ने वाला ऐतिहासिक ममलेश्वर झूला पुल बुधवार को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया। पुल की लोडिंग तार में लगी एक महत्वपूर्ण कड़ी (लिंक) मंगलवार देर रात टूट गई, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन पुल के दोनों ओर ताला लगाकर आमजन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी।

विज्ञापन




जानकारी के अनुसार देर रात मंदिर प्रशासन को पुल में तकनीकी खराबी की सूचना मिली थी। इसके बाद बुधवार सुबह करीब पांच बजे सुरक्षा की दृष्टि से पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया और दोनों छोर पर सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस कड़ी के टूटने की घटना हुई है, उसका भार अब आसपास की अन्य कड़ियों और सपोर्ट सिस्टम पर पड़ रहा है। इससे पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव बनने की आशंका है। पुल का एक हिस्सा हल्का झुका हुआ भी दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बताया कि पुल का एक हुक प्रभावित हुआ है, जबकि मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। विशेषज्ञों की टीम इंदौर से पहुंच चुकी है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। निरीक्षण के बाद एक-दो दिन में श्रद्धालुओं के लिए आवागमन पुनः शुरू किया जा सकता है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- VIP के महाकाल: जो हिंदूवादी संगठन कर रहे विरोध, उन्होंने भी करवाए फ्री दर्शन; समिति के आंकड़ों से उठे सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन

suspension bridge connecting Omkareshwar-Mamleshwar is closed, gate locked due to breaking of loading wire
झूला पुल की कड़ी टूट गई। - फोटो : अमर उजाला
नायब तहसीलदार उदय मंडलोई ने बताया कि झूला पुल की एक कड़ी टूटने के कारण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवागमन बंद किया गया है। संबंधित तकनीकी दल द्वारा मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। मरम्मत और सुरक्षा परीक्षण पूर्ण होने के बाद ही पुल को पुनः श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्य पूरा होने में लगभग दो से तीन दिन का समय लग सकता है। 

कलेक्टर ने कहा – केवल हुक टूटा, पुल सुरक्षित
खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने बताया कि पुल का एक हुक प्रभावित हुआ है, जबकि मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। विशेषज्ञों की टीम इंदौर से पहुंच चुकी है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। निरीक्षण के बाद एक-दो दिन में श्रद्धालुओं के लिए आवागमन पुनः शुरू किया जा सकता है।

2023 में भी सस्पेंशन हुक हुआ था क्षतिग्रस्त 
यह पहली बार नहीं हुआ है। वर्ष 2023 में भी इसी प्रकार पुल का सस्पेंशन हुक अत्यधिक भार के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय महाशिवरात्रि पर्व और मध्य प्रदेश के सीहोर में प्रसिद्ध कथा वाचन पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में जाने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन करने पहुंच रहे थे। पुल पर इतनी भीड़ थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। अचानक तेज आवाज के साथ सस्पेंशन सिस्टम प्रभावित हुआ और तेज आवाज के साथ ऊपर से निकलकर नीचे नर्मदा में जा गिरा था। स्थानीय लोगों ने तत्काल बैरिकेड लगाकर पुल को बंद कर दिया था। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी जनहानि टल गई थी। भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा का कहना है कि वर्ष 2023 में भी वे स्वयं मौके पर मौजूद थे। पुल टूटने पर तेज धमाके जैसी आवाज आई थी। उनका मानना है कि यदि नए पुल बनाए जाएं तो उन्हें स्थायी सीमेंट-कांक्रीट संरचना के रूप में बनाया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और सरकारी धन का भी दीर्घकालिक उपयोग हो। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष अंतर सिंह बारे का कहना है कि इस प्रकार के सस्पेंशन पुलों में लोहे की मात्रा और भार अधिक होता है। ओंकारेश्वर क्षेत्र में कई स्थान ऐसे हैं जहां स्थायी पुलों का निर्माण संभव है। इसलिए भविष्य की योजनाओं में दीर्घकालिक और मजबूत विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।
 

suspension bridge connecting Omkareshwar-Mamleshwar is closed, gate locked due to breaking of loading wire
सुरक्षा के लिहाज से झूला पुल लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। - फोटो : अमर उजाला
7.20 करोड़ की लागत से बना था पुल
ममलेश्वर झूला पुल का निर्माण ओंकारेश्वर बांध परियोजना से जुड़े उपक्रम द्वारा लगभग 7.20 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। वर्षों तक इसकी देखरेख संबंधित विभाग द्वारा की जाती रही और समय-समय पर मरम्मत एवं रंग-रोगन का कार्य भी कराया जाता रहा। कुछ वर्ष पूर्व श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाने के लिए पुल पर टीन शेड लगाए गए थे, लेकिन उनके अतिरिक्त भार और तेज हवा में पुल के अत्यधिक हिलने की शिकायतें सामने आने लगीं। सुरक्षा को देखते हुए बाद में इन शेडों को हटा दिया गया।

राष्ट्रपति भी इसी पुल से होकर पहुंचीं थीं
घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कुछ दिन पहले ही भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ओंकारेश्वर प्रवास के दौरान इसी मार्ग से मंदिर दर्शन के लिए गई थीं। हालांकि उनके आगमन के दौरान आम श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित था और सुरक्षा व्यवस्था विशेष थी, लेकिन पुल की वर्तमान स्थिति सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि उस समय कोई तकनीकी समस्या सामने आ जाती तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी।

ये भी पढ़ें- उज्जैन में हादसा: हैलावाड़ी में 50 साल पुराना मकान गिरा, मलबे में दबे आठ लोग; 12 साल के बच्चे की मौत

श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
पुल बंद होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। आगामी दिनों में सावन मास और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन पर शीघ्र मरम्मत कर पुल को सुरक्षित रूप से चालू करने का दबाव भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सुरक्षा कारणों से लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें तथा पुल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं। उल्लेखनीय है कि 18 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी इसी पुल से भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन करने गई थीं।

 

suspension bridge connecting Omkareshwar-Mamleshwar is closed, gate locked due to breaking of loading wire
ममलेश्वर झूला पुल संभालने के लिए लगाए गए सस्पेंशन वायर का हुक टूटा, सपोर्ट वायर ने बचाया - फोटो : अमर उजाला
नावों पर बढ़ा दबाव
ममलेश्वर झूला पुल सस्पेंशन तार का हुक टूटने के बाद श्रद्धालु नावों से भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। ओंकारेश्वर नाविक संघ अध्यक्ष कैलाश भंवरिया ने बताया कि प्रत्येक श्रद्धालु से 50 रुपये पार छोड़ने के लेते हैं, वहीं संपूर्ण नर्मदा में भ्रमण करवाने के 100 रुपये लेते हैं। एक नाव में 10 सवारी बिठाते हैं। ममलेश्वर झूला पुल का वायर हुक टूटने के बाद ब्रह्मपुरी से विष्णुपुरी से जेपी चौक नर्मदा नदी पर बने पुराने पदगामी पुल से होकर उस पार शिवपुरी पहुंच रहे हैं। दर्शन करने के बाद इसी मार्ग से वापस आ रहे हैं। 

पहले भी सीधा हुआ था हुक
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल के जिस हिस्से का हुक इस बार प्रभावित हुआ है, उसी स्थान पर वर्ष 2023 में भी समस्या आई थी। उस समय मुख्य सस्पेंशन प्रणाली को अतिरिक्त वायर से सहारा दिया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि उसी हिस्से पर लगातार भार पड़ने के कारण पुनः यह स्थिति बनी है। यदि सहायक तार भार को न संभाल पाता तो पुल का संतुलन बिगड़ सकता था और बड़ा नुकसान हो सकता था।

 

suspension bridge connecting Omkareshwar-Mamleshwar is closed, gate locked due to breaking of loading wire
ये है ओंकारेश्वर-ममलेश्वर को जोड़ने वाला झूला पुल। - फोटो : अमर उजाला
1979 का पुल आज भी खड़ा है
स्थानीय लोग वर्ष 1979 में बने सीमेंट-कांक्रीट पुल का उदाहरण देते हैं। लगभग 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह पुल आज भी मजबूती से खड़ा है। यद्यपि उसे भी मरम्मत की आवश्यकता है, फिर भी चार दशक से अधिक समय बाद उसका उपयोग यह साबित करता है कि स्थायी संरचनाएं लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती हैं।

अब जेपी चौक पुल पर बढ़ा दबाव
ममलेश्वर झूला पुल बंद होने के बाद श्रद्धालुओं का आवागमन वर्तमान में जेपी चौक स्थित पुल से कराया जा रहा है। इससे उस पुल पर भी दबाव बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वह पुल भी काफी पुराना हो चुका है तथा उसके सुरक्षा जाली, सपोर्ट पिलर और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की तत्काल मरम्मत आवश्यक है। यह पुल मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधीन है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed