महाराष्ट्रः उद्धव सरकार का संकट टला, विधान परिषद चुनाव में हो सकते हैं निर्विरोध निर्वाचित
- मविकास आघाड़ी को 5 और भाजपा को मिल सकती हैं 4 सीटें
- 11 मई को नामांकन दाखिल, 14 मई तक नामांकन पत्र की वापसी और 21 मई को मतदान
- नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्यके उम्मीदवार की जीत के लिए 29 वोट जरूरी
विस्तार
महाराष्ट्र में विधान परिषद की रिक्त नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा से महाराष्ट्र में राजनीतिक अस्थिरता का संकट टल गया है। इससे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विधायक बनने का रास्ता साफ हो गया है।
वहीं, यह भी तय है कि इन नौ सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो सकता है। आंकड़ों के आधार पर तीन दलों (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) की महाविकास आघाड़ी के खाते में 5 और विपक्षी दल भाजपा के खाते में विधान परिषद की 4 सीटें आ सकती हैं।
निर्वाचन आयोग ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के पत्र को संज्ञान में लैते हुए राज्य में 24 अप्रैल को रिक्त हुई विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा कर राज्य में अस्थिरता के वातावरण को दूर कर दिया है।
अब इन सीटों के लिए 11 मई को नामांकन दाखिल किए जाएंगे और 12 मई को स्क्रुटनी के बाद 14 मई तक नामांकन पत्र की वापसी हो सकेगी। उसके बाद 21 मई को मतदान होगा।
इससे उद्धव ठाकरे 28 मई से पहले विधायक भी चुने जा सकते हैं और सरकार भी बनी रह सकेगी। इस बीच, सीएम उद्धव ठाकरे शुक्रवार को सुबह राजभवन पहुंचे और निर्वाचन आयोग को पत्र लिखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
बता दें कि महाराष्ट्र में विधान परिषद के लिए कुल सदस्यों की संख्या 78 है। इसमें से 30 सदस्यों को विधानसभा के सदस्य चुनते हैं। 22 सदस्यों को स्थानीय निकायों की ओर से चुना जाता है। सात सदस्यों को प्रदेश के स्नातक चुनते हैं।
सात सदस्यों को प्रदेश के शिक्षक चुनते हैं। बाकी बचे 12 सदस्यों को राज्यपाल शिक्षा, विज्ञान, कला और सामाजिक क्षेत्र में योगदान के आधार पर चुनते हैं। इन्ही 12 में से रिक्त दो सीटों में से एक सीट पर उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य मनोनीत करने की सिफारिश राज्यपाल से की गई थी।
सेवानिवृत्त हुए सदस्य
डॉ. नीलम गोन्हे (शिवसेना), स्मिता वाघ, अरुण अडसड और पृथ्वीराज देशमुख (भाजपा), हेमंत टकले, आनंद ठाकुर और किरण पावस्कर (एनसीपी), हरिभाऊ राठौड़, चंद्रकांत रघुवंशी (कांग्रेस)।
जीतने के लिए जरूरी हैं 29 वोट
महाराष्ट्र में विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्यके उम्मीदवार की जीत के लिए 29 वोट जरूरी है। फिलहाल, राज्य में सबसे अधिक संख्याबाल (105) भाजपा के पास है।
दावा किया जा रहा है कि भाजपा को 15 अन्य छोटे दलों व निर्दलीयों का समर्थन भी प्राप्त है। ऐसी स्थिति में भाजपा फायदे में रहेगी क्योंकि उसके चार सदस्य आसानी से चुनाव जीत सकते हैं। वहीं, शिवसेना- 56, एनसीपी- 54 और कांग्रेस के विधायकों की संख्या 44 है।
इस तरह इन तीन दलों की महाविकास आघाड़ी के विधायकों की संख्या 154 है। लेकिन, सत्तापक्ष के साथ छोटे दलों व निर्दलीयों सहित कुल 170 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है। इससे महाविकास आघाड़ी के 5 उम्मीदवारों की जीत तय है।
महाराष्ट्र विधानसभा में दलगत स्थिति
भाजपा- 105, शिवसेना- 56, एनसीपी- 54, कांग्रेस- 44, बहुजन विकास आघाड़ी- 3, सपा- 2, एमआईएम- 2, प्रहार जनशक्ति-2, मनसे- 1, माकपा- 1, शेतकरी (किसाना) कामगार पार्टी- 1, स्वाभिमानी पार्टी- 1, राष्ट्रीय समाज पार्टी- 1, जनसुराज्य पार्टी- 1, क्रांतिकारी शेतकरी पार्टी- 1 और निर्दलीय 13