नई साइकिल खरीदी और चल पड़े अपने गांव, मुंबई पुलिस ने 57 मजदूरों पर की कार्रवाई
मुंबई और आसपास में रह रहे प्रवासी श्रमिक गांव जाने के लिए हर तरकीब अपना रहे हैं। श्रमिक अपने गांव जाने के लिए पूरी जमापूंजी खर्च करने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं। नई मुंबई में ऐसे ही 57 मजदूरों को पुलिस ने पकड़ा है, जिन्होंने जमापूंजी से साइकिल खरीदी और उत्तर भारत स्थित अपने गांव की ओर चल पड़े थे।
पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मजदूरों को साइकिल बेचने वाले तीन दुकानदारों पर भी शिकंजा कस दिया है।
नई मुंबई के तुर्भे पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर सचिन राणे ने बताया कि मामला बुधवार है। महापे इलाके में गश्त कर रहे पुलिस के जवानों की नजर साइकिल लेकर निकले मजदूरों पर पड़ी। उनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि वे उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड स्थित अपने गांव जाने के लिए निकले हैं।
हैरानी की बात ये थी कि डेढ़ से दो हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकले इन मजदूरों के पास खाने-पीने का कोई सामान नहीं था। सभी लोगों को तुर्भे पुलिस स्टेशन लाया गया। लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में मजदूरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई।
मजदूरों ने पूछताछ के दौरान बताया उन्होंने तुर्भे और आसपास के इलाकों में स्थित तीन दुकानों से गांव जाने के लिए साइकिल खरीदी थी। पुलिस ने सभी साइकिलें जब्त कर लीं हैं।
पुलिस ने की राशन की व्यवस्था
इंस्पेक्टर राणे ने बताया कि सभी आसपास के इलाकों में रहते हैं और मजदूरी कर गुजर-बसर करतें हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप पड़ा है। मजदूरों की शिकायत थी कि उनके पास खाने-पीने का सामान नहीं है। पुलिस ने सभी के लिए 15-15 दिन के राशन की व्यवस्था की।
साथ ही, सभी को हिदायत दी गई है कि वे दोबारा ऐसी हरकत न करें और लॉकडाउन खत्म होने तक अपने घरों में ही रहें। जरूरत पड़ने पर पुलिस उन्हें राशन मुहैया कराएगी।