{"_id":"6aae1ceac2ce7687aa094172","slug":"ev-maintenance-tips-5-essential-things-check-better-range-battery-life-2026-09-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ईवी टिप्स: पेट्रोल कार से कितनी अलग है इलेक्ट्रिक कार की सर्विसिंग? रेंज बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
ईवी टिप्स: पेट्रोल कार से कितनी अलग है इलेक्ट्रिक कार की सर्विसिंग? रेंज बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
Sat, 19 Sep 2026 10:56 AM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:56 AM IST
ईवी में पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की तरह इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग या गियरबॉक्स जैसे पार्ट्स नहीं होते, जिससे सका मेंटेनेंस काफी आसान और अलग होता है। हालांकि, सही देखभाल न मिलने पर आपकी ईवी की रेंज और बैटरी लाइफ प्रभावित हो सकती है। अगर सही तरीके से मेंटेनेंस किया जाए तो ईवी बैटरी 12 से 15 साल तक आराम से चल सकती है। आइए जानते हैं बैटरी, टायर, ब्रेक और कूलिंग सिस्टम की देखभाल करने के पांच सबसे जरूरी तरीके।
विज्ञापन
ईवी टिप्स
- फोटो : एआई जनरेटेड
इलेक्ट्रिक कार में इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग और पारंपरिक गियरबॉक्स जैसे कई पार्ट्स नहीं होते, इसलिए इसकी मेंटेनेंस पेट्रोल-डीजल कार से अलग होती है। इसका मतलब यह नहीं है कि ईवी को सर्विस या देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। बैटरी, टायर, ब्रेक, कूलिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। क्योंकि छोटी-सी लापरवाही आपकी कार की रेंज, बैटरी लाइफ और सेफ्टी पर असर डाल सकती है। आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक कार की मेंटेनेंस करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
2. टायर प्रेशर का रखें ध्यान
- इलेक्ट्रिक कारें आमतौर पर पेट्रोल-डीजल कारों से ज्यादा भारी होती हैं और इनमें इंस्टेंट टॉर्क मिलता है। इसका असर टायरों की घिसावट पर भी पड़ सकता है।
- इसलिए हर महीने टायर प्रेशर चेक करना चाहिए। सही टायर प्रेशर से कार की रेंज बेहतर रखने और टायरों की असमान घिसावट कम करने में मदद मिलती है।
- करीब आठ से दस हजार किलोमीटर पर टायर रोटेशन करवाना चाहिए। अगर किसी टायर पर असमान घिसावट दिखाई दे तो व्हील अलाइनमेंट की जांच करवाएं।
- ईवी के लिए बनाए गए लो रोलिंग रेजिस्टेंस वाले टायर इस्तेमाल करना भी उपयोगी हो सकता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
3. ब्रेक सिस्टम को नजरअंदाज न करें
- ईवी में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के कारण पारंपरिक ब्रेक पैड अपेक्षाकृत कम घिस सकते हैं। लेकिन कम इस्तेमाल की वजह से ब्रेक सिस्टम के कुछ हिस्सों में जंग लगने का खतरा रहता है। इसलिए साल में कम से कम एक बार ब्रेक पैड, डिस्क और कैलिपर की जांच करवानी चाहिए।
- ब्रेक फ्लूइड को करीब दो से तीन साल में बदलवाने की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि यह समय के साथ नमी सोख सकता है। इसके अलावा कभी-कभी मैकेनिकल ब्रेक का इस्तेमाल करना भी जरूरी है, ताकि सिस्टम एक्टिव रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
4. सॉफ्टवेयर अपडेट और कूलिंग सिस्टम जरूरी
- आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों में सॉफ्टवेयर का काम काफी अहम होता है। कंपनी की ओर से मिलने वाले ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट बैटरी मैनेजमेंट और रेंज से जुड़े सुधार ला सकते हैं। इसलिए उपलब्ध होने पर सॉफ्टवेयर अपडेट जरूर करवाएं।
- इसके साथ ही बैटरी के कूलिंग सिस्टम और कूलेंट लेवल की भी समय-समय पर जांच करवानी चाहिए। कुछ EV मॉडल में कूलेंट को लंबे अंतराल के बाद बदलने की जरूरत होती है।
- कार के केबिन एयर फिल्टर को हर साल या करीब 15 हजार किलोमीटर पर बदलना चाहिए। इससे एसी की परफॉर्मेंस बेहतर रखने में मदद मिलती है।
विज्ञापन
ईवी टिप्स
- फोटो : एआई जनरेटेड
5. चार्जिंग सिस्टम और 12V बैटरी भी जरूरी
- ईवी की मेंटेनेंस सिर्फ हाई-वोल्टेज बैटरी तक सीमित नहीं है। चार्जिंग केबल और चार्जिंग पोर्ट को भी साफ रखना चाहिए। इनमें गंदगी या किसी तरह का नुकसान होने पर चार्जिंग प्रभावित हो सकती है।
- कार की 12V बैटरी की भी समय-समय पर जांच करवाएं। इसके अलावा वाइपर ब्लेड और वॉशर फ्लूइड को जरूरत के अनुसार बदलते रहें। हर साल कार की पूरी सर्विस करवाना भी जरूरी है। इसमें सस्पेंशन, लाइट्स और अन्य जरूरी सिस्टम की जांच शामिल होनी चाहिए।