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दान चोरी में डायरी की एंट्री: 'क्या नृपेंद्र खलनायक...', संतों के सवाल पर चंपत ने लिखी ये बात; लिखी पूरी कहानी

Sun, 23 Aug 2026 09:11 AM IST
Sharukh Khan नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 23 Aug 2026 09:11 AM IST
सार
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Ayodhya Ram Mandir Donation cas: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय की डायरी में एंट्री हो गई है। डायरी में नृपेंद्र पर चंपत के तीखे सवाल हैं। चंपत राय ने डायरी में चार दिन में 14 चैनलों से बातचीत से लेकर अन्य घटनाक्रम का सिलसिलेवार उल्लेख है। 

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Ram Temple Donation Case: Champat Rai Diary Entry Raises Questions Over Nripendra Mishra
Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की ओर से लिखी गई एक गोपनीय डायरी में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की भूमिका और उनके हालिया बयानों को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। चंपत राय ने 18 जून से शुरू हुए नृपेंद्र मिश्र के टीवी साक्षात्कारों, उनके बयानों में आए बदलाव, संतों की प्रतिक्रियाओं, मंदिर को व्यवस्थाओं को लेकर उनके अधिकार और ट्रस्ट की बैठक में उनकी गैरमौजूदगी से जुड़े घटनाक्रम का सिलसिलेवार उल्लेख किया है। 


डायरी के अनुसार, चढ़ावा चोरी प्रकरण के कुछ दिन बाद संतों ने चंपत राय से पूछा कि क्या नृपेंद्र मिश्र खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं? चंपत राय ने डायरी में लिखा कि उस समय उनके पास इस सवाल का कोई उत्तर नहीं था। 
Ram Temple Donation Case: Champat Rai Diary Entry Raises Questions Over Nripendra Mishra
नृपेंद्र मिश्रा। - फोटो : amar ujala
डायरी के अनुसार, 18 जून से नृपेंद्र मिश्र ने दिल्ली में टेलीविजन चैनलों को साक्षात्कार देना शुरू किया और चार दिनों में करीब 14 चैनलों से बातचीत की। शुरुआत में नृपेंद्र मिश्र यह कहते थे कि उनकी जिम्मेदारी मंदिर के निर्माण कार्य तक सीमित है, लेकिन बाद में उनके बयानों की भाषा बदल गई।
Ram Temple Donation Case: Champat Rai Diary Entry Raises Questions Over Nripendra Mishra
नृपेंद्र मिश्रा। - फोटो : AI Image
चोरी के लिए 'डकैती' शब्द
नृपेंद्र मिश्र ने चोरी के लिए 'डकैती' शब्द का इस्तेमाल किया। चंपत राय ने डायरी में लिखा कि, इस तरह के बयानों से समाज में खराब संदेश गया। इसके बाद 23 जून से नृपेंद्र मिश्र के सार्वजनिक वक्तव्य अचानक बंद हो गए। डायरी में इस पर सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि कारण जरूर खोजना होगा?

 
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Ram Temple Donation Case: Champat Rai Diary Entry Raises Questions Over Nripendra Mishra
चंपत राय - फोटो : amar ujala
कभी साथ बैठकर तय होते थे फैसले
दावा है कि करीब छह महीने पहले से ही नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर की व्यवस्थाओं से खुद को अलग करना शुरू कर दिया था। उनका फोकस केवल निर्माण कार्यों तक सीमित होता गया। पहले निर्माण और व्यवस्थाओं से जुड़े छोटे-बड़े मुद्दों पर दोनों के बीच बैठकों में विस्तार से चर्चा होती थी।

 
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Ram Temple Donation Case: Champat Rai Diary Entry Raises Questions Over Nripendra Mishra
चंपत राय।
मतभेद होने पर भी कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनाने की कोशिश की जाती थी। दावा है कि बाद में नृपेंद्र मिश्र ने व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों को ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र का विषय बताते हुए उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी। अब यही दूरी ट्रस्ट और समिति के बीच संस्थागत खिंचाव के रुप में दिखाई दे रही है।
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