Chandra Grahan on Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार हर साल सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि, इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसलिए इस दिन को रिश्तों में प्रेम और अपनापन बढ़ाने के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। वहीं, साल 2026 में 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस दिन शुभ संयोग के साथ-साथ ग्रहण का साया भी बना रहेगा। दरअसल, इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 38 मिनट की रहेगी। आमतौर पर ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और पूजा-पाठ करने से बचने की मान्यता है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या चंद्र ग्रहण के कारण रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा सकेगा ? आइए इसके बारे में जानते हैं।
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर 5 घंटे से ज्यादा का लगेगा चंद्र ग्रहण, क्या मना सकेंगे राखी का त्योहार ?
Chandra Grahan on Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि, क्या चंद्र ग्रहण के कारण रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा सकेगा ? आइए इसके बारे में जानते हैं।
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5 घंटे 38 मिनट का रहेगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषियों के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगेगा। ग्रहण की शुरुआत सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर होगी और इसका समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर माना जा रहा है। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 38 मिनट की रहेगी। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
ऐसे में रक्षाबंधन का पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा सकेगा। साथ ही पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्यों पर भी ग्रहण का प्रभाव नहीं माना जाएगा। माना जा रहा है कि, यह चंद्र ग्रहण अफ्रीका, यूरोप, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका तथा पश्चिमी एशिया के कई देशों में दिखाई देगा।
रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त
- 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
- लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 7 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
- अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 9 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
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कब रहेगा भद्रा का साया?
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इस साल 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव सुबह 9 बजकर 8 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। वहीं, 28 अगस्त को भद्रा का प्रभाव समाप्त हो चुका होगा। ऐसे में इस दिन बहनें बिना किसी बाधा के शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।