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Solar Panel: सोलर पैनल लगवाने जा रहे हैं? सिर्फ किलोवाट देखकर न खरीदें, इन्वर्टर की ये बात जरूर जान लें

Tue, 25 Aug 2026 09:45 AM IST
दीक्षा पाठक यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Tue, 25 Aug 2026 09:45 AM IST
सार
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Solar Panel: घर में सोलर पैनल लगवाते समय ज्यादातर लोग सिर्फ सिस्टम के किलोवाट पर ध्यान देते हैं। लेकिन सही सोलर सिस्टम चुनने के लिए पैनल के साथ इन्वर्टर की क्षमता समझना भी जरूरी है। पैनल बिजली बनाता है, जबकि इन्वर्टर उसे घर में इस्तेमाल होने वाली बिजली में बदलता है।

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Solar Panel Buying Guide Why Inverter Capacity Matters Along With Kilowatts
सोलर पैनल लगते ही बिजली बिल होगा जीरो? - फोटो : AI

बिजली का बिल कम करने के लिए अब कई लोग घर की छत पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। कुछ लोगों को लगता है कि सोलर सिस्टम लगते ही बिजली का बिल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसी उम्मीद में सिस्टम खरीदते समय सबसे पहले उसकी किलोवाट क्षमता देखी जाती है। लेकिन सिर्फ किलोवाट देखकर सोलर सिस्टम खरीद लेना सही तरीका नहीं है।सोलर सिस्टम में पैनल और इन्वर्टर दोनों की अपनी अलग भूमिका होती है। इसलिए सिस्टम लगवाने से पहले यह समझना जरूरी है कि दोनों की क्षमता आपके घर की जरूरत के हिसाब से है या नहीं।

Solar Panel Buying Guide Why Inverter Capacity Matters Along With Kilowatts
सोलर पैनल लगते ही बिजली बिल होगा जीरो? - फोटो : Twitter

किलोवाट से क्या पता चलता है?
सोलर सिस्टम की किलोवाट क्षमता यह बताती है कि उसके पैनल कितनी बिजली पैदा करने की क्षमता रखते हैं। बाजार में 1, 2, 3, 5 और 10 किलोवाट जैसे अलग-अलग सिस्टम उपलब्ध होते हैं। सिस्टम की क्षमता जितनी होगी, उसकी बिजली उत्पादन की क्षमता भी उसी हिसाब से होगी। सोलर पैनल सूरज की रोशनी को DC बिजली में बदलते हैं। हालांकि वास्तविक बिजली उत्पादन सिर्फ सिस्टम के किलोवाट पर निर्भर नहीं करता। धूप कितनी तेज है और कितनी देर तक मिल रही है, इसका भी उत्पादन पर असर पड़ता है।

Solar Panel Buying Guide Why Inverter Capacity Matters Along With Kilowatts
सोलर पैनल लगते ही बिजली बिल होगा जीरो? - फोटो : एआई जनरेटेड

इन्वर्टर का काम भी समझें
अब बात आती है इन्वर्टर की। सोलर पैनल या बैटरी से मिलने वाली DC बिजली को घर में इस्तेमाल होने वाली AC बिजली में बदलने का काम इन्वर्टर करता है। यही वजह है कि इन्वर्टर की क्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसकी क्षमता यह तय करने में अहम भूमिका निभाती है कि एक समय में घर के कितने बिजली वाले उपकरण चलाए जा सकते हैं। इसलिए इन्वर्टर का चुनाव घर के कुल बिजली लोड को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

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Solar Panel Buying Guide Why Inverter Capacity Matters Along With Kilowatts
सोलर पैनल लगते ही बिजली बिल होगा जीरो? - फोटो : Adobe Stock

कैसे चुनें सही सोलर सिस्टम?
सोलर पैनल लगवाने से पहले घर में होने वाली बिजली की खपत का अंदाजा लगाएं। यह भी देखें कि फिलहाल कितने उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं और आने वाले समय में इनमें बढ़ोतरी तो नहीं होगी। इसके बाद घर की जरूरत के मुताबिक सोलर पैनल की किलोवाट क्षमता और इन्वर्टर का सही कॉम्बिनेशन चुनना बेहतर रहेगा।

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सोलर पैनल लगते ही बिजली बिल होगा जीरो? - फोटो : Adobe Stock

क्षमता को देखना भी है जरूरी
यानी सोलर सिस्टम खरीदते समय सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि पैनल कितने किलोवाट का है। सही सिस्टम के लिए पैनल की क्षमता के साथ इन्वर्टर की क्षमता को समझना भी उतना ही जरूरी है।

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