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6000 करोड़ का ड्रग्स मामला: मजीठिया और भोला को एसआईटी का समन, पांच अक्तूबर को आमने-सामने पूछताछ की संभावना
Thu, 01 Oct 2026 08:17 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Thu, 01 Oct 2026 08:17 AM IST
जगदीश सिंह भोला का नाम ड्रग्स मामले से पहले से जुड़ा है। मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था।
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बिक्रम मजीठिया और जगदीश भोला
- फोटो : फाइल
विस्तार
करीब छह हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और बर्खास्त डीएसपी जगदीश सिंह भोला को समन जारी किया है।
दोनों को पांच अक्तूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। एक ही दिन बुलाए जाने के कारण आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की संभावना है।
जगदीश सिंह भोला का नाम ड्रग्स मामले से पहले से जुड़ा है। मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था। एफआईआर में 2004 से 2014 के बीच की गतिविधियों का उल्लेख था। पंजाब सरकार ने अदालत में कहा था कि बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच हो रही है। मजीठिया को अगस्त 2022 में इस मामले में जमानत मिली थी।
अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अरशदीप सिंह कलेर ने समन को समन पॉलिटिक्स बताया। उन्होंने पंजाब सरकार पर विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा करने का आरोप लगाया। कलेर ने कहा कि मामले की अदालतों में पहले ही जांच हो चुकी है। पार्टी समन की कानूनी स्थिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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दोनों को पांच अक्तूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। एक ही दिन बुलाए जाने के कारण आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की संभावना है।
जगदीश सिंह भोला का नाम ड्रग्स मामले से पहले से जुड़ा है। मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसमें धारा 25, 27-ए और 29 लगाई गई थीं। पुलिस ने 2018 की एसटीएफ रिपोर्ट को एफआईआर का आधार बताया था। एफआईआर में 2004 से 2014 के बीच की गतिविधियों का उल्लेख था। पंजाब सरकार ने अदालत में कहा था कि बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच हो रही है। मजीठिया को अगस्त 2022 में इस मामले में जमानत मिली थी।
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अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अरशदीप सिंह कलेर ने समन को समन पॉलिटिक्स बताया। उन्होंने पंजाब सरकार पर विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा करने का आरोप लगाया। कलेर ने कहा कि मामले की अदालतों में पहले ही जांच हो चुकी है। पार्टी समन की कानूनी स्थिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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