भारत-कनाडा संबंध सुधरे: पंजाबियों के लिए खुशखबरी, बढ़ सकता है पीआर कोटा; पीएम मोदी की विदेश मंत्री से मुलाकात
कनाडा में सालाना 4 लाख या इससे अधिक प्रवासियों को स्थायी निवास देने का संभावित लक्ष्य है। भारत और कनाडा के रिश्तों में सुधार की कोशिशों से सहयोग की नई संभावनाएं बन रही हैं।
विस्तार
कनाडा में स्थायी निवास (पीआर) का इंतजार कर रहे पंजाबियों के लिए आने वाला समय महत्वपूर्ण हो सकता है। कनाडा में सालाना 4 लाख या इससे अधिक प्रवासियों को स्थायी निवास देने का संभावित लक्ष्य है। भारत और कनाडा के रिश्तों में सुधार की कोशिशों से सहयोग की नई संभावनाएं बन रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात को इसका महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा, तकनीक, सुरक्षा और लोगों के आपसी संपर्कों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिशें भी जारी हैं। यह दर्शाता है कि दोनों देश तनावपूर्ण संबंधों को सामान्य बनाने में जुटे हैं। इस सुधरते संबंधों का असर इमिग्रेशन नीति पर पड़ने की उम्मीद है। खासकर पंजाब व हरियाणा के उन युवाओं पर सीधा असर होगा जो कनाडा जाने के सपने संजो रहे हैं। इमिग्रेशन की सख्ती के कारण वे स्टडी व अन्य वीजा सुविधाओं से वंचित हैं।
इमिग्रेशन में चुनौतियां
सितंबर 2023 में भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव शुरू होने के बाद मुश्किलें बढ़ीं। कनाडा ने अस्थायी प्रवासियों की संख्या घटाने और फर्जी प्रवेश-पत्रों पर रोक लगाने के नियम कड़े किए। अगस्त 2025 में भारतीय विद्यार्थियों के स्टडी वीजा आवेदनों में 74 फीसदी अस्वीकृति दर्ज की गई। अगस्त 2023 में यह दर 32 फीसदी थी। इसी अवधि में भारतीय आवेदकों की संख्या 19,175 से घटकर 3,920 रह गई।
लंबित आवेदन और वापसी
कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 3,779 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया। 2026 में 31 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 4,227 पहुंच गई। इसी तारीख तक 10,295 भारतीय नागरिकों के देश से निष्कासन की प्रक्रिया चल रही थी। मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पीआर के कुल 10,07,400 आवेदन प्रक्रिया में थे। इनमें से करीब 5.37 लाख आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बाहर लंबित थे। यह आंकड़ा सभी देशों के आवेदकों का है।
विशेषज्ञ की राय और भावी अवसर
इमिग्रेशन विशेषज्ञ पूजा सिंह के अनुसार दोनों देशों के बीच बढ़ती बातचीत महत्वपूर्ण है। पंजाबियों का कनाडा से शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक संबंधों के माध्यम से गहरा जुड़ाव है। यदि कनाडा स्थायी निवासियों का वार्षिक लक्ष्य 4 लाख या अधिक करता है तो योग्य उम्मीदवारों के लिए अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, संबंध सुधरने से हर आवेदक को पीआर मिलने की गारंटी नहीं मिलती। युवाओं को अपनी भाषा दक्षता, कार्य अनुभव और शैक्षणिक योग्यता मजबूत करनी चाहिए। किसी भी इमिग्रेशन निर्णय से पहले कनाडा सरकार की आधिकारिक घोषणाओं की जांच आवश्यक है। कनाडा सरकार ने 2026 से 2028 तक हर साल 3 लाख 80 हजार स्थायी निवासियों का लक्ष्य रखा है। अगले साल यह आंकड़ा 4 लाख पार कर सकता है।