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दिल्ली रवाना हुए गहलोत: प्रदर्शन में शामिल होेंगे, बोले- देश में क्रैकडाउन जैसे हालात
Sun, 11 Oct 2026 04:20 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 11 Oct 2026 04:20 PM IST
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के 'वोट चोरी' विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। जयपुर में उन्होंने केंद्र सरकार पर विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
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पूर्व सीएम अशोक गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजस्थान की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। दिल्ली रवाना होने से पहले जयपुर में उन्होंने कहा कि देश में क्रैकडाउन जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं। गहलोत ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।
दिल्ली में प्रदर्शन के लिए रवाना हुए गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं, वकीलों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैरिकेडिंग कर देशभर से पहुंच रहे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। मेट्रो और परिवहन सेवाएं बंद की जा रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं, जैसे देश में क्रैकडाउन चल रहा हो। गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद असहमति का सम्मान करना है, लेकिन मौजूदा हालात में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। मंगलवार को कांग्रेस ने दिल्ली में 'वोट चोरी' के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसमें देशभर से कांग्रेस नेता शामिल होने जा रहे हैं।
'बिना विपक्ष के सत्ता पक्ष का क्या मतलब'
दिल्ली रवाना होने से पहले जयपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि देश के हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का जिक्र करते हुए कहा कि मेट्रो बंद करने और वकीलों की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर सुनवाई की नौबत आना हालात की गंभीरता दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे स्टेशनों पर लोगों को हिरासत में लेकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जबकि वे देश के ही नागरिक हैं।
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गहलोत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कथित अनुचित व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद असहमति का सम्मान करना है। उन्होंने सवाल किया, 'बिना विपक्ष के सत्ता पक्ष का क्या मतलब है?' गहलोत के मुताबिक, सरकार को विपक्षी नेताओं को बुलाकर संवाद करना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश करनी चाहिए।
वरिष्ठ वकीलों का हवाला देकर न्यायपालिका पर उठाए सवाल
गहलोत ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और दुष्यंत दवे का हवाला देते हुए न्यायपालिका की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, जब वरिष्ठ वकील भी अदालतों में सुनवाई नहीं होने की बात कह रहे हैं और न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका और विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार को उठ रहे सवालों पर ध्यान देना चाहिए और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
'वोट चोरी' और एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की ओर से लंबे समय से उठाए जा रहे 'वोट चोरी' और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 93 प्रतिशत लोगों की शिकायतें सही पाई गईं कि उनके वोट गलत तरीके से काटे गए। गहलोत ने कहा कि सरकार को इन शिकायतों और विपक्ष की आपत्तियों पर संवाद करना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस के कथित व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वरिष्ठ नेताओं के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम कार्यकर्ताओं के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश का आरोप
गहलोत ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पुलिस की मौजूदगी और मिलीभगत से 150 से 200 दक्षिणपंथी लोग प्रदर्शनकारियों और युवाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों पर फब्तियां कसी जा रही हैं, ताकि वे डरकर प्रदर्शन से हट जाएं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई से लोग पीछे हटने के बजाय और बड़ी संख्या में बाहर निकलेंगे। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब इस खबर में शामिल नहीं है। इसलिए गहलोत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
सरकार से विपक्ष और युवाओं के साथ बातचीत की मांग
गहलोत ने केंद्र सरकार से राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ युवाओं से बातचीत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति नाजुक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार का ग्राफ गिर चुका है और अगली बार उसकी सरकार बनने की संभावना नहीं है। उनका यह बयान कांग्रेस के 'वोट चोरी' विरोधी प्रदर्शन से पहले आया है, जिसमें पार्टी मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है।
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दिल्ली में प्रदर्शन के लिए रवाना हुए गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं, वकीलों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैरिकेडिंग कर देशभर से पहुंच रहे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। मेट्रो और परिवहन सेवाएं बंद की जा रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं, जैसे देश में क्रैकडाउन चल रहा हो। गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद असहमति का सम्मान करना है, लेकिन मौजूदा हालात में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। मंगलवार को कांग्रेस ने दिल्ली में 'वोट चोरी' के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसमें देशभर से कांग्रेस नेता शामिल होने जा रहे हैं।
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'बिना विपक्ष के सत्ता पक्ष का क्या मतलब'
दिल्ली रवाना होने से पहले जयपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि देश के हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने रविवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का जिक्र करते हुए कहा कि मेट्रो बंद करने और वकीलों की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर सुनवाई की नौबत आना हालात की गंभीरता दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे स्टेशनों पर लोगों को हिरासत में लेकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, जबकि वे देश के ही नागरिक हैं।
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गहलोत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कथित अनुचित व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद असहमति का सम्मान करना है। उन्होंने सवाल किया, 'बिना विपक्ष के सत्ता पक्ष का क्या मतलब है?' गहलोत के मुताबिक, सरकार को विपक्षी नेताओं को बुलाकर संवाद करना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश करनी चाहिए।
वरिष्ठ वकीलों का हवाला देकर न्यायपालिका पर उठाए सवाल
गहलोत ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और दुष्यंत दवे का हवाला देते हुए न्यायपालिका की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, जब वरिष्ठ वकील भी अदालतों में सुनवाई नहीं होने की बात कह रहे हैं और न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका और विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में सरकार को उठ रहे सवालों पर ध्यान देना चाहिए और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करनी चाहिए।
'वोट चोरी' और एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की ओर से लंबे समय से उठाए जा रहे 'वोट चोरी' और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 93 प्रतिशत लोगों की शिकायतें सही पाई गईं कि उनके वोट गलत तरीके से काटे गए। गहलोत ने कहा कि सरकार को इन शिकायतों और विपक्ष की आपत्तियों पर संवाद करना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस के कथित व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वरिष्ठ नेताओं के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम कार्यकर्ताओं के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश का आरोप
गहलोत ने आरोप लगाया कि दिल्ली में पुलिस की मौजूदगी और मिलीभगत से 150 से 200 दक्षिणपंथी लोग प्रदर्शनकारियों और युवाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों पर फब्तियां कसी जा रही हैं, ताकि वे डरकर प्रदर्शन से हट जाएं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई से लोग पीछे हटने के बजाय और बड़ी संख्या में बाहर निकलेंगे। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब इस खबर में शामिल नहीं है। इसलिए गहलोत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
सरकार से विपक्ष और युवाओं के साथ बातचीत की मांग
गहलोत ने केंद्र सरकार से राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ युवाओं से बातचीत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की स्थिति नाजुक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार का ग्राफ गिर चुका है और अगली बार उसकी सरकार बनने की संभावना नहीं है। उनका यह बयान कांग्रेस के 'वोट चोरी' विरोधी प्रदर्शन से पहले आया है, जिसमें पार्टी मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है।