राजस्थान: कर्ज चुकाने के लिए खुद बना अपहरण का शिकार! एआई से बनाए फर्जी वीडियो, जानें कैसे मिला छात्र
जयपुर में 22 वर्षीय आईटी छात्र दीपक कुमार सैनी ने दोस्तों से लिया कर्ज चुकाने और परिवार से पैसे हासिल करने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रच दी। उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बंधक और अस्पताल में भर्ती होने के फर्जी फोटो-वीडियो बनाए और परिजनों को भेजकर फिरौती मांगी।
विस्तार
दोस्तों से लिए गए उधार के पैसे चुकाने के लिए एक 22 वर्षीय आईटी छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर खुद के बंधक होने और अस्पताल में भर्ती होने की फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार किए। इसके बाद इन्हें परिजनों को भेजकर उनसे फिरौती मांगी। अचानक मिले इन संदेशों से परिवार घबरा गया और पुलिस को सूचना दी। भांकरोटा थाना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए झूठे अपहरण की साजिश का पर्दाफाश किया। पुलिस ने युवक को उत्तराखंड के ऋषिकेश से दस्तयाब किया और जयपुर लाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
दोस्तों से लिया था कर्ज, पैसे मांगने पर रची साजिश
जयपुर (पश्चिम) के पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण के अनुसार, इस मामले में युवक की पहचान दीपक कुमार सैनी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ब्यावर जिले के विजयनगर का रहने वाला है और फिलहाल जयपुर के भांकरोटा स्थित पश्चिम विहार क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक, युवक ने अपनी निजी जरूरतों और शौक-मौज को पूरा करने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे। जब उसके साथी कर्ज की रकम वापस मांगने लगे तो वह परेशान हो गया। कर्ज चुकाने और परिवार से पैसे हासिल करने के इरादे से उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी तैयार की।
AI से बनाए बंधक और अस्पताल में भर्ती होने के फर्जी वीडियो
युवक ने तकनीक का दुरुपयोग करते हुए AI की मदद से ऐसी तस्वीरें और वीडियो बनाए, जिनमें वह बंधक दिखाई दे रहा था। कुछ तस्वीरों और वीडियो में उसे अस्पताल में भर्ती भी दिखाया गया। इसके बाद उसने ये फर्जी दृश्य अपने परिजनों के व्हाट्सएप पर भेज दिए, ताकि परिवार को लगे कि उसका वास्तव में अपहरण हो गया है। फर्जी तस्वीरें और वीडियो भेजने के बाद युवक ने परिजनों से फिरौती की रकम मांगी। अचानक मिले इन संदेशों से परिवार के लोग घबरा गए और उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
प्रोजेक्ट चोरी के शक में दर्ज कराई गई अपहरण की रिपोर्ट
युवक के जीजा की शिकायत पर भांकरोटा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। परिवादी ने पुलिस को बताया कि उसका साला आईटी क्षेत्र के एक विशेष सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। परिवार को आशंका थी कि उस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भांकरोटा थानाधिकारी दीपक के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। जांच टीम ने शिकायतकर्ता और परिवार के अन्य सदस्यों से मिली जानकारियों की पुष्टि की। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण के जरिए मामले से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा गया और युवक के जयपुर से बाहर जाने का रूटमैप तैयार किया गया।
आठ शहरों में तलाश, 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले
छात्र की तलाश के लिए पुलिस ने कई शहरों में अभियान चलाया। जांच टीम ने जयपुर, मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में युवक की तलाश की। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
पुलिस टीम ने लगातार करीब 100 घंटे तक मशक्कत की। इसके बाद युवक ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास मिल गया। पुलिस ने उसे दस्तयाब किया और जयपुर लेकर आई।
पूछताछ में सामने आई कर्ज की बात
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि युवक ने दोस्तों से लिया गया कर्ज चुकाने के लिए अपने अपहरण की झूठी साजिश रची थी। उसने AI से बंधक और अस्पताल में भर्ती होने के फर्जी फोटो-वीडियो तैयार किए और परिजनों से फिरौती मांगी। पुलिस ने उसे दस्तयाब करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।