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Rajasthan: स्कूल देखने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की, रांका बोले- ‘BJP के गुंडों ने किया विरोध’
Fri, 21 Aug 2026 09:53 AM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 21 Aug 2026 09:53 AM IST
Rajasthan News: जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद सियासत गरमा गई है। CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए विरोध करने वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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सीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ नारे लगाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सीजेपी कार्यकर्ताओं के आने से पहले ही रामपुरा गांव के लोगों ने मुख्य रास्ते की घेराबंदी कर दी और वहां से आने-जाने वाली गाड़ियों की सघन चेकिंग शुरू कर दी।
सीजेपी कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचते ही ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि वे स्कूल को अपने स्तर पर ही ठीक करा लेंगे क्योंकि सरकार की तरफ से इसके लिए 12.50 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं को 'बाहरी व्यक्ति' बताते हुए गांव से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
स्कूल की बदहाल स्थिति को देखने के लिए था दौरा
सीजेपी की टीम का जयपुर में दो सरकारी स्कूलों- रामपुरा कंवरपुरा और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल का दौरा करने का कार्यक्रम था। पार्टी की मानें तो टीम का उद्देश्य वहां की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कूल की इमारतों का जायजा लेना था। बताया जा रहा है कि रामपुरा कंवरपुरा का प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण मुख्य स्कूल बिल्डिंग को बंद कर दिया गया है। स्कूल की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं, जिन्हें सहारे के लिए नीचे से लोहे के एंगल लगाकर रोका गया है। इस जर्जर हालत के कारण स्कूल को 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट किया गया है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस बाड़े के पास पशुओं का चारा भरा हुआ है और दीवार की ईंटें भी गिरी हुई हैं।
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राजनीतिक विवाद और सीजेपी का रुख
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब पिछले दिनों सीजेपी द्वारा किए गए स्कूलों के निरीक्षण के बाद, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मीडिया और आम जनता की बिना वजह एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस पाबंदी से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, उनका यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
‘बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा’
रांका ने स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा है, और यह रोकने पर भाजपा अपने गुंडे भेज रही है।' इसके साथ ही उन्होंने इसे 'शर्मनाक स्थिति' बताया।
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सीजेपी कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचते ही ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि वे स्कूल को अपने स्तर पर ही ठीक करा लेंगे क्योंकि सरकार की तरफ से इसके लिए 12.50 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं को 'बाहरी व्यक्ति' बताते हुए गांव से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
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स्कूल की बदहाल स्थिति को देखने के लिए था दौरा
सीजेपी की टीम का जयपुर में दो सरकारी स्कूलों- रामपुरा कंवरपुरा और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल का दौरा करने का कार्यक्रम था। पार्टी की मानें तो टीम का उद्देश्य वहां की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कूल की इमारतों का जायजा लेना था। बताया जा रहा है कि रामपुरा कंवरपुरा का प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण मुख्य स्कूल बिल्डिंग को बंद कर दिया गया है। स्कूल की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं, जिन्हें सहारे के लिए नीचे से लोहे के एंगल लगाकर रोका गया है। इस जर्जर हालत के कारण स्कूल को 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट किया गया है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस बाड़े के पास पशुओं का चारा भरा हुआ है और दीवार की ईंटें भी गिरी हुई हैं।
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राजनीतिक विवाद और सीजेपी का रुख
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब पिछले दिनों सीजेपी द्वारा किए गए स्कूलों के निरीक्षण के बाद, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मीडिया और आम जनता की बिना वजह एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस पाबंदी से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, उनका यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
‘बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा’
रांका ने स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा है, और यह रोकने पर भाजपा अपने गुंडे भेज रही है।' इसके साथ ही उन्होंने इसे 'शर्मनाक स्थिति' बताया।