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रविंद्र सिंह भाटी की जन-संवाद यात्रा शुरू: ईडब्ल्यूएस आरक्षण में सरलीकरण की मांग, बाड़मेर से उठी हुंकार
Sat, 26 Sep 2026 05:11 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 26 Sep 2026 05:11 PM IST
ईडब्ल्यूएस आरक्षण के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर से जन-संवाद यात्रा शुरू की है। भाटी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र की वैधता बढ़ाने और केंद्र में राज्य के प्रमाण-पत्र को मान्यता देने की मांग उठा रहे हैं।
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रविंद्र सिंह भाटी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंचायतीराज चुनावों से पहले शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार और सरलीकरण की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का आगाज कर दिया है। बाड़मेर से शुरू हुई यह यात्रा युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं के बीच पहुंचकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिकारों की आवाज उठा रही है। विधायक भाटी ने बाड़मेर से जन-संवाद यात्रा का आगाज करते हुए स्पष्ट किया कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था में व्याप्त प्रशासनिक जटिलताओं को दूर करना अति आवश्यक है। यह मुद्दा हजारों प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य और उनके बुनियादी अधिकारों से सीधा जुड़ा है।
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पांच साल तक मान्य हो प्रमाण पत्र
विधायक भाटी ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए छह प्रमुख बिंदु बताए हैं। उन्होंने मांग की है कि भूमि के केवल आकार को पात्रता का पैमाना बनाने के बजाय उसकी उत्पादकता, सिंचाई की उपलब्धता, स्थानीय भूमि मूल्य और उसकी आर्थिक उपयोगिता को ईडब्ल्यूएस पात्रता का मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए। साथ ही वर्तमान में हर साल प्रमाण-पत्र बनवाने की परेशानी समाप्त करने के लिए इसकी वैधता अवधि को बढ़ाकर तीन से पांच वर्ष करने की मांग उठाई गई है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र को केंद्र सरकार की सभी सेवाओं और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में मान्यता मिलनी चाहिए। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में सामान्य वर्ग के गरीब अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा और आवेदन शुल्क में उचित छूट का प्रावधान किया जाए। विवाहित महिलाओं के लिए दस्तावेज सत्यापन और आय प्रमाण से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं का सरलीकरण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, विशेष छात्रावास और पंचायती राज संस्थाओं में इस वर्ग के लिए उपयुक्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी इसमें शामिल है।
भाटी ने कहा कि इससे पहले पक्ष और विपक्ष के 75 से अधिक विधायकों ने मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखकर राजस्थान विधानसभा के माध्यम से ईडब्ल्यूएस व्यवस्था के सरलीकरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का अनुरोध किया था।
जसोल धाम में पूजा से शुरू हुई संपर्क यात्रा
जन-संवाद यात्रा की शुरुआत से पहले विधायक भाटी ने जसोल धाम पहुंचकर मां माजीसा राणी भटियाणी सा के दरबार में पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद समर्थकों के साथ बाड़मेर से यात्रा रवाना हुई। ये यात्रा बालोतरा, आसोतरा, सिणधरी और गुड़ामालानी जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए यात्रा सांचौर तक पहुंचेगी।
पश्चिमी राजस्थान में उभरे नए राजनीतिक समीकरण
पंचायती राज चुनाव की आहट के बीच शुरू हुई इस यात्रा को मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान के राजनीतिक परिदृश्य में बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। बाड़मेर, बालोतरा, सांचौर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे पश्चिमी जिलों में ईडब्ल्यूएस वर्ग का बड़ा और निर्णायक मतदाता समूह मौजूद है। यह मतदाता वर्ग पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच विभाजित रहता था। ग्रामीण क्षेत्रों और युवाओं के बीच निर्दलीय विधायक की बढ़ती पैठ दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा सकती है।