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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन: भास्कर सावंत को सुप्रीम कोर्ट से राहत, हटाने और चुनाव रद्द करने की याचिका खारिज
Fri, 06 Nov 2026 08:19 AM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Fri, 06 Nov 2026 08:19 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासक भास्कर ए सावंत को पद से हटाने और हाल में हुए चुनाव निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन और राजेंद्र सिंह नांदू की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर निर्णय का जिम्मा राजस्थान हाईकोर्ट पर छोड़ दिया है। चुनाव के नतीजे फिलहाल घोषित नहीं हुए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासक भास्कर ए सावंत अपने पद पर बने रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रशासक पद से हटाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। शीर्ष अदालत ने हाल में हुए एसोसिएशन चुनाव को रद्द करने की मांग पर भी राहत देने से इंकार कर दिया। नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन और राजेंद्र सिंह नांदू की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और उन पर निर्णय लेने में राजस्थान हाईकोर्ट सक्षम है।
प्रशासक को हटाने और चुनाव रद्द करने की मांग खारिज
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि प्रशासक भास्कर ए सावंत ने आरसीए के चुनाव सही तरीके से नहीं कराए। उन्होंने मांग की थी कि सावंत को प्रशासक पद से हटाकर सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके साथ ही हाल में आयोजित चुनाव निरस्त करने की मांग भी की गई थी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े सभी बिंदुओं पर राजस्थान हाईकोर्ट विचार करेगा। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की जांच करने और निर्णय सुनाने में पूरी तरह सक्षम है।
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'सावंत के व्यक्तिगत आचरण पर कोई आरोप नहीं'
सुनवाई के दौरान प्रशासक भास्कर ए सावंत की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि सावंत के व्यक्तिगत आचरण को लेकर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने तदर्थ समिति को भंग करने के बाद सावंत को प्रशासक नियुक्त किया था और उन्हीं की देखरेख में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि चार साल के अंतराल के बाद 20 सितंबर को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के विभिन्न पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हुई थी। मतदान से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी थी। साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट से मामले की शीघ्र सुनवाई कर निर्णय देने को कहा था।
छह पदों के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और एक कार्यकारी सदस्य सहित कुल छह पदों के लिए चुनाव कराया गया है। इन पदों पर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। एसोसिएशन के 38 मतदाताओं में से 35 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान के बाद मतपत्रों को सीलबंद करके सुरक्षित रख दिया गया है।
अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह और बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह और दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव की उम्मीदवारी भी चर्चा में है। मोहित यादव ने उपाध्यक्ष और सचिव, दोनों पदों के लिए नामांकन किया है।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब चुनाव से जुड़े विवादों पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई और उसके निर्णय पर नजर रहेगी। फिलहाल मतदान के बाद सीलबंद रखे गए मतों के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं।
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प्रशासक को हटाने और चुनाव रद्द करने की मांग खारिज
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि प्रशासक भास्कर ए सावंत ने आरसीए के चुनाव सही तरीके से नहीं कराए। उन्होंने मांग की थी कि सावंत को प्रशासक पद से हटाकर सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके साथ ही हाल में आयोजित चुनाव निरस्त करने की मांग भी की गई थी।
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प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े सभी बिंदुओं पर राजस्थान हाईकोर्ट विचार करेगा। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की जांच करने और निर्णय सुनाने में पूरी तरह सक्षम है।
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'सावंत के व्यक्तिगत आचरण पर कोई आरोप नहीं'
सुनवाई के दौरान प्रशासक भास्कर ए सावंत की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि सावंत के व्यक्तिगत आचरण को लेकर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने तदर्थ समिति को भंग करने के बाद सावंत को प्रशासक नियुक्त किया था और उन्हीं की देखरेख में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि चार साल के अंतराल के बाद 20 सितंबर को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के विभिन्न पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हुई थी। मतदान से पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव परिणामों की घोषणा पर रोक लगा दी थी। साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट से मामले की शीघ्र सुनवाई कर निर्णय देने को कहा था।
छह पदों के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और एक कार्यकारी सदस्य सहित कुल छह पदों के लिए चुनाव कराया गया है। इन पदों पर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। एसोसिएशन के 38 मतदाताओं में से 35 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान के बाद मतपत्रों को सीलबंद करके सुरक्षित रख दिया गया है।
अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह और बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह और दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजकिशोर उपाध्याय के बीच मुकाबला है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव की उम्मीदवारी भी चर्चा में है। मोहित यादव ने उपाध्यक्ष और सचिव, दोनों पदों के लिए नामांकन किया है।
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब चुनाव से जुड़े विवादों पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई और उसके निर्णय पर नजर रहेगी। फिलहाल मतदान के बाद सीलबंद रखे गए मतों के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं।