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हिमाचल: सीएम सुक्खू ने रोंगटोंग सोलर पावर प्लांट का किया उद्घाटन; बोले- कुंजुम पास के नीचे बनेगी टनल

Wed, 14 Oct 2026 01:02 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 14 Oct 2026 01:02 PM IST
सार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बुधवार को ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत लाहौल-स्पीति के काजा पहुंचे। दौरे के दौरान रोंगटोंग में 2 मेगावाट क्षमता वाले ग्रिड-कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्र और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का लोकार्पण किया गया। पढ़ें पूरी खबर...

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CM Sukhu Kaza Visit and Rongtong Solar Power Plant Inauguration
काजा पहुंचने पर सीएम सुक्खू सुक्खू का भव्य स्वागत। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्पीति और लाहौल के बीच 12 महीने यातायात सुचारु रखने के लिए कुंजुम पास के नीचे टनल बनाई जाएगी। इसे लेकर राज्य सरकार सर्वे करवाएगी। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। टनल बनने से स्पीति घाटी वर्षभर लाहौल से जुड़ी रहेगी। इससे लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीति के विकास पर आने वाले समय में 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने और हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री बुधवार को अपने दो दिवसीय स्पीति प्रवास के दौरान काजा में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का कार्य तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने काजा में स्त्री रोग और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने की घोषणा की। साथ ही स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने की बात कही।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में करीब 35 प्रतिशत कर्मचारी उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से यह संख्या 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए सरकार अपने संसाधनों से धन खर्च कर रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत वर्ष 2023 से 2027 के बीच प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 26 करोड़ रुपये है, जबकि इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने लगभग 204 करोड़ रुपये दिए हैं।




 

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उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के दायरे में लाने पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवाली पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपना परिवार, सुखी परिवार योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा देने का प्रावधान होगा।

पूर्व विधायक पर विश्वासघात का आरोप
मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक भविष्य जनता तय करेगी। उपचुनाव में क्षेत्र की जनता ने महिला विधायक को चुनकर अपने हितों की लड़ाई लड़ने का अवसर दिया। उन्होंने भाजपा पर नौ विधायकों को अपने पक्ष में कर प्रदेश सरकार गिराने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया।

स्पीति में प्रदेश के पहले बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण, 36 लाख यूनिट बिजली बनेगी
 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को लाहौल-स्पीति जिले में 116.28 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। इस दौरान उन्होंने स्पीति घाटी के रोंगटोंग में प्रदेश के पहले बैटरी स्टोरेज से संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। इसके अलावा काजा और समदो में विद्युत उपकेंद्रों की आधारशिला रखी तथा पिन घाटी और स्पीति में सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से जनजातीय और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी। साथ ही सड़क संपर्क बेहतर होने से स्थानीय लोगों, किसानों और पर्यटकों को लाभ मिलेगा।

रोंगटोंग में 4.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता दो मेगावाट है। इसके साथ एक मेगावाट-आवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की गई है। समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस संयंत्र से प्रतिवर्ष करीब 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है। परियोजना का निर्माण कार्य 30 मई, 2023 को शुरू हुआ था और दिसंबर, 2024 में इसका संचालन आरंभ हो गया था। वित्त वर्ष 2024-25, 2025-26 और वर्तमान वित्त वर्ष में 30 सितंबर, 2026 तक इस संयंत्र से कुल 22,58,752 यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने रोंगटोंग जलविद्युत परियोजना को पूरी तरह कार्यशील बनाने के लिए छह करोड़ रुपये खर्च करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में स्पीति के पहले दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता से जुड़ी समस्याएं उठाई थीं। सौर ऊर्जा संयंत्र का संचालन इन समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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