फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal: Apple production in the state drops by 20,000 metric tonnes; supply could be affected.

हिमाचल: इस बार महंगा मिलेगा सेब, 20 हजार मीट्रिक टन कम हुआ उत्पादन, प्रभावित हो सकती है आपूर्ति

Sat, 03 Oct 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Oct 2026 06:00 AM IST
सार
Register For Event

 इस साल सेब की फसल पिछले सीजन के मुकाबले में करीब 20 हजार मीट्रिक टन कम है। उत्पादन में गिरावट के पीछे मौसम को प्रमुख कारण माना जा रहा है। साल दर साल सेब बागवानी पर जलवायु परिवर्तन की मार बढ़ रही है।

विज्ञापन
Himachal: Apple production in the state drops by 20,000 metric tonnes; supply could be affected.
हिमाचल सेब। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल में इस साल सेब की फसल पिछले सीजन के मुकाबले में करीब 20 हजार मीट्रिक टन कम है। अब तक 3.87 लाख मीट्रिक टन सेब बाजार पहुंचा है, जबकि पिछले सीजन में इसी अवधि तक 4.07 लाख मीट्रिक टन पहुंच चुका था। कम आवक का असर आने वाले दिनों में बाजार भाव पर पड़ सकता है। उत्पादन में गिरावट के पीछे मौसम को प्रमुख कारण माना जा रहा है। साल दर साल सेब बागवानी पर जलवायु परिवर्तन की मार बढ़ रही है। दिसंबर 2023 से मई 2024 के बीच पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं होने से चिलिंग ऑवर प्रभावित हुए। इसके बाद बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और मौसम में असमानता से फूल और फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस बार ड्रॉपिंग भी अधिक रही और सेब सीजन करीब 15 दिन देरी से शुरू हुआ। वहीं, जम्मू-कश्मीर में हालत और खराब है, जहां उत्पादन 40 फीसदी तक घट गया है।

विज्ञापन

पिछले साल प्रदेश में करीब सात लाख टन सेब उत्पादन हुआ था। इस साल उत्पादन 3.5 से 3.75 लाख टन रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग के निदेशक डॉ. सतीश कुमार शर्मा के अनुसार सीजन अभी समाप्त नहीं हुआ है और अंतिम आंकड़े में अंतर कम हो सकता है। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत भी पिछले सीजन की तुलना में खरीद घटी है। पिछले सीजन में इस अवधि तक करीब 49 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा गया था, जबकि इस साल खरीद करीब 32 हजार मीट्रिक टन है। कम आवक से बाजार में आपूर्ति घटने पर कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। हालांकि खुदरा भाव मांग, मंडियों में आवक और बाहरी राज्यों से आने वाले सेब पर भी निर्भर करेंगे। हिमाचल में सेब पर निर्भर अर्थ व्यवस्था करीब 5,000 करोड़ रुपये की है। उत्पादन घटने से बागवानों के साथ ढुलाई, पैकिंग, मजदूरी और मंडी कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए हाई डेंसिटी पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बदलते मौसम में आधुनिक तकनीक और नए रूट स्टॉक अपनाना जरूरी है। जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती है। सेब उत्पादन में गिरावट का यह बड़ा कारण है।- जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed