हिमाचल: 11 अक्तूबर से गूंजेगा मां दुर्गा का जयकारा, हाथी पर आएंगी माता; 19 को अष्टमी-नवमी का महासंयोग
हिमाचल प्रदेश में शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू होंगे। रविवार को घटस्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जिसे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का शुभ संकेत माना जाता है। शिमला के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी के अनुसार घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 7:50 से 10:00 बजे तक रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:45 बजे से 12:31 बजे तक होगा। 19 अक्तूबर को अष्टमी और नवमी का विशेष संयोग रहेगा और 20 अक्तूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।
विस्तार
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिरों और घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर से शुरू होकर 20 अक्तूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार से नवरात्र की शुरुआत होने के कारण मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। इसे सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।
नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। घरों और मंदिरों में कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाली विशेष आराधना शुरू होगी।
हिमाचल के देवी मंदिरों में नवरात्र के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजन होने की संभावना है। शक्तिपीठों और प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ेगी।
धार्मिक मान्यताओं में नवरात्र के प्रारंभ के वार के आधार पर मां दुर्गा के वाहन का उल्लेख मिलता है। इस बार नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं, इसलिए माता का वाहन हाथी माना गया है। धार्मिक परंपरा में हाथी पर माता के आगमन को शुभ माना जाता है। इसे अच्छी बारिश, धन-धान्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, इन्हें वैज्ञानिक मौसम पूर्वानुमान या निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।
इस बार नवरात्र की तिथियों में भी खास संयोग देखने को मिलेगा। 19 अक्तूबर को महाअष्टमी और महानवमी की पूजा एक ही दिन होगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा के साथ कन्या पूजन, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन नवरात्र के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक रहेगा।
इसके अगले दिन यानी 20 अक्तूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ शारदीय नवरात्र का समापन होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस बार विजयादशमी मंगलवार को होने के कारण माता का प्रस्थान घोड़े पर माना जा रहा है। धार्मिक परंपराओं में घोड़े के प्रस्थान को अलग-अलग संकेतों से जोड़ा जाता है। इसे भी आस्था के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
शिमला के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। पुजारी उमेश चंद्र नौटियाल के अनुसार प्रतिपदा के दिन विधि-विधान से घटस्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि सुबह 7:50 से 10 बजे तक का समय कलश स्थापना के लिए शुभ रहेगा। इसके अलावा 11:45 बजे से 12:31 बजे तक अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा।
हिमाचल के देवी मंदिरों में बढ़ेगी रौनक
नवरात्र शुरू होते ही हिमाचल के मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी। शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में देवी मंदिरों को सजाया जाएगा। श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास और पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करेंगे। नवरात्र के अंतिम दिनों में अष्टमी-नवमी और फिर विजयादशमी को लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन होंगे।
| तारीख | प्रमुख पूजा/पर्व |
|---|---|
| 11 अक्तूबर | घटस्थापना, मां शैलपुत्री |
| 12 अक्तूबर | मां ब्रह्मचारिणी |
| 13 अक्तूबर | मां चंद्रघंटा |
| 14 अक्तूबर | मां कूष्मांडा |
| 15 अक्तूबर | मां स्कंदमाता |
| 16 अक्तूबर | मां कात्यायनी |
| 17-18 अक्तूबर | नवरात्र की आगे की पूजा |
| 19 अक्तूबर | महाअष्टमी- महानवमी, कन्या पूजन |
| 20 अक्तूबर | विजयादशमी/दशहरा |
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.