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हिमाचल मौसम: नौ अक्तूबर तक बारिश-आंधी का अलर्ट; कई जिलों में तेज हवाओं की चेतावनी; जानें अपडेट
Wed, 07 Oct 2026 02:20 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:20 PM IST
हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम करवट लेगा। मौसम विभाग के 7 अक्तूबर के बुलेटिन के अनुसार 7 से 9 अक्तूबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जिलों में आंधी, बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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बुधवार को बारिश के दौरान शिमला के रिज मैदान का नजारा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 7 अक्तूबर 2026 को जारी राज्य दैनिक मौसम बुलेटिन में अगले तीन दिनों के दौरान बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान जताया गया है। 7 से 9 अक्तूबर तक राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
ऊना-बिलासपुर समेत इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनी के मुताबिक 7 अक्तूबर को ऊना और बिलासपुर में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। हमीरपुर और चंबा में भी आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी गई है। कांगड़ा और मंडी में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश तथा आंधी-बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
कांगड़ा में 8 अक्तूबर को भी एक-दो स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की चेतावनी है, जबकि मंडी में 8 अक्तूबर को तेज हवाओं के साथ आंधी-बिजली की संभावना बताई गई है। शिमला में 7 अक्टूबर को 40-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाओं के साथ आंधी-बिजली की संभावना है। 8 और 9 अक्टूबर को भी 30-40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चल सकती हैं। सोलन और सिरमौर में भी 9 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर आंधी-बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी है।
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ऊना-बिलासपुर समेत इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनी के मुताबिक 7 अक्तूबर को ऊना और बिलासपुर में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। हमीरपुर और चंबा में भी आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी गई है। कांगड़ा और मंडी में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश तथा आंधी-बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
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कांगड़ा में 8 अक्तूबर को भी एक-दो स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की चेतावनी है, जबकि मंडी में 8 अक्तूबर को तेज हवाओं के साथ आंधी-बिजली की संभावना बताई गई है। शिमला में 7 अक्टूबर को 40-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाओं के साथ आंधी-बिजली की संभावना है। 8 और 9 अक्टूबर को भी 30-40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चल सकती हैं। सोलन और सिरमौर में भी 9 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर आंधी-बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी है।
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ऊंचे पहाड़ों में बारिश के साथ बर्फबारी
मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई है। 7 से 13 अक्तूबर तक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले हिस्सों में शुरुआती दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी का पूर्वानुमान है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
तापमान में आएगी गिरावट
मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान भी नीचे जाएगा। विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2-3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। 7 अक्तूबर के बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि पिछले दिन सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई है। 7 से 13 अक्तूबर तक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले हिस्सों में शुरुआती दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी का पूर्वानुमान है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
तापमान में आएगी गिरावट
मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान भी नीचे जाएगा। विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2-3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। 7 अक्तूबर के बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि पिछले दिन सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
पालमपुर में सबसे ज्यादा 8 सेंटीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटों में पालमपुर में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सराहन में 3, कोठी और चुआरी में 2-2, जोत में 2, गुलेर में 2, नागरोटा सूरियां में 1 और धर्मपुर में 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। पालमपुर और जोत में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने भारी और मध्यम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन, जमीन धंसने, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी होने और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है विभाग ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने, नदी-नालों और अन्य जलस्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों में पालमपुर में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सराहन में 3, कोठी और चुआरी में 2-2, जोत में 2, गुलेर में 2, नागरोटा सूरियां में 1 और धर्मपुर में 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। पालमपुर और जोत में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने भारी और मध्यम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन, जमीन धंसने, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी होने और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है विभाग ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने, नदी-नालों और अन्य जलस्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी है।
पेड़ और बिजली गिरने को लेकर भी सावधानी
आंधी और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की टहनियां टूटने, बड़े पेड़ों के उखड़ने, फसलों को नुकसान पहुंचने तथा कमजोर ढांचों और होर्डिंग को नुकसान होने की आशंका है। बिजली चमकने के दौरान लोगों को पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और खुले में गतिविधियां कम करने की सलाह दी गई है। 10 अक्तूबर के बाद राहत के संकेत हैं। सात दिनों के पूर्वानुमान में 10 से 13 अक्तूबर के बीच व्यापक मौसम चेतावनी नहीं है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है।
आंधी और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की टहनियां टूटने, बड़े पेड़ों के उखड़ने, फसलों को नुकसान पहुंचने तथा कमजोर ढांचों और होर्डिंग को नुकसान होने की आशंका है। बिजली चमकने के दौरान लोगों को पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और खुले में गतिविधियां कम करने की सलाह दी गई है। 10 अक्तूबर के बाद राहत के संकेत हैं। सात दिनों के पूर्वानुमान में 10 से 13 अक्तूबर के बीच व्यापक मौसम चेतावनी नहीं है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है।