हिमाचल: सम्मान पाकर चहके एम्स बिलासपुर के 92 चेहरे, पांच को राष्ट्रपति ने पहनाए स्वर्ण पदक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बिलासपुर पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कर सम्मानित किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।
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एम्स बिलासपुर के लिए मंगलवार का दिन यादगार बन गया। संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्यातिथि शामिल हुईं। राष्ट्रपति के सामने सम्मान पाकर संस्थान के 92 विद्यार्थी चहके उठे। राष्ट्रपति ने करीब 15 मिनट तक विद्यार्थियों को संबोधित किया और इसके बाद पांच स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया। समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने सभी पासआउट डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल विद्यार्थियों के साथ सामूहिक फोटो भी करवाया। राष्ट्रपति के एम्स पहुंचने पर समारोह की शुरुआत हुई। समारोह में एमबीबीएस, एमडी-एमएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल विद्यार्थी शामिल हुए।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया। समारोह में कुल 92 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 2020 बैच के 43 एमबीबीएस विद्यार्थी, 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक, 2022 बैच के 26 नर्सिंग विद्यार्थी और नौ पैरामेडिकल विद्यार्थी शामिल रहे। एम्स शुरू होने के बाद अलग-अलग चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण लेने वाले इन विद्यार्थियों के लिए यह पहला अवसर था, जब उन्हें संस्थान के औपचारिक दीक्षांत समारोह में डिग्री मिली।
समारोह में एम्स बिलासपुर की ओर से हिमाचली संस्कृति को भी विशेष स्थान दिया गया। पासआउट हुए विद्यार्थी हिमाचली परिधान में नजर आए। एम्स बिलासपुर की ओर से राष्ट्रपति को मंडी शैली का पारंपरिक रणसिंगा भेंट किया। राष्ट्रपति को स्मृति चिह्न भेंट करना समारोह के प्रमुख पलों में शामिल रहा। एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने पहले दीक्षांत समारोह को संस्थान के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।
एमबीबीएस में रक्षित वशिष्ठ को तेरह पदक
एमबीबीएस में रक्षित वशिष्ठ ने 13 पदक हासिल किए। उन्होंने द्वितीय प्रोफेशनल, अंतिम प्रोफेशनल पार्ट-1 और पार्ट-2 में स्वर्ण पदक जीते। जैव रसायन, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, नेत्र रोग, ईएनटी, प्रसूति एवं स्त्री रोग और बाल रोग में भी स्वर्ण पदक हासिल किए। एफएमटी, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा और सामान्य चिकित्सा में रजत, माइक्रोबायोलॉजी में कांस्य पदक मिला। अवि कुकरेजा ने भी 13 पदक प्राप्त किए। प्रथम प्रोफेशनल, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और सामान्य चिकित्सा में स्वर्ण, अंतिम प्रोफेशनल पार्ट-2, जैव रसायन, फार्माकोलॉजी, नेत्र रोग और प्रसूति एवं स्त्री रोग में रजत, अंतिम प्रोफेशनल पार्ट-1, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा और बाल रोग में कांस्य पदक हासिल किया। अर्चना ने 9 और पूर्वा वशिष्ठ ने 8 पदक जीते। अर्चना को सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा और नेत्र रोग में स्वर्ण, प्रथम प्रोफेशनल, अंतिम प्रोफेशनल पार्ट-1 और एनाटॉमी में रजत, जैव रसायन, फिजियोलॉजी, एफएमटी और प्रसूति एवं स्त्री रोग में कांस्य पदक मिला। पूर्वा ने जैव रसायन और ईएनटी में रजत, छह विषयों में कांस्य पदक हासिल किए। सर्वश्रेष्ठ स्नातक चुनी गईं सागरिका अग्रवाल ने छह पदक जीते।
उन्हें फार्माकोलॉजी में स्वर्ण, जैव रसायन में रजत, प्रथम और द्वितीय प्रोफेशनल, पैथोलॉजी और नेत्र रोग में कांस्य पदक मिला। भव्या गोयल ने चार, शिवानी, प्रज्ञा महाजन और भव्या मल्होत्रा ने तीन-तीन पदक हासिल किए। उज्ज्वल ने दो पदक जीते। रश्मीत कौर ने दो पदक हासिल किए। कृति, हरसिमर सिंह, नेहा, सरगम देवी और रेणु रेवार ने एक-एक पदक जीता। बीएससी नर्सिंग में भव्या मल्होत्रा ने द्वितीय और तृतीय वर्ष में स्वर्ण, प्रथम वर्ष में रजत पदक हासिल किया। सिमरन ने द्वितीय, तृतीय वर्ष में रजत, प्रथम वर्ष में कांस्य पदक जीता। सानिया ने प्रथम वर्ष में स्वर्ण, सेजल ने तृतीय वर्ष और प्रतिभा ने द्वितीय वर्ष में कांस्य पदक हासिल किया। बीएससी पैरामेडिकल में भावना ठकराल ने द्वितीय, तृतीय वर्ष में स्वर्ण, प्रथम वर्ष में कांस्य पदक जीता। अंशालिका वर्मा ने प्रथम वर्ष में स्वर्ण, द्वितीय और तृतीय वर्ष में रजत पदक हासिल किए। प्रिया रे ने प्रथम वर्ष में रजत, दीपक बज्या ने द्वितीय, तृतीय वर्ष में कांस्य, आरजू ने प्रथम वर्ष में कांस्य पदक प्राप्त किया। एमडी-एमएस में डॉ. प्रतीक गोयल शैक्षणिक टॉपर रहे। डॉ. अरमान ने रेडियोलॉजी में रजत और डॉ. अंबर अग्रवाल ने आर्थोपेडिक्स में कांस्य पदक हासिल किया।