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पैरा एशियन गेम्स: निशानेबाजों ने चयन प्रक्रिया में लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, स्वतंत्र जांच की मांग; जानें मामला
Thu, 08 Oct 2026 11:34 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:34 AM IST
पैरा एशियन गेम्स की शुरुआत होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। इससे पहले पैरा निशानेबाजों ने चयन प्रक्रिया में हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। हालांकि, पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने इन आरोपों को खारिज किया है।
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देवेंद्र झाझरिया
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पैरा एशियाई खेलों के लिए चयन प्रक्रिया में कथित वित्तीय भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और हेरफेर के आरोपों के बीच पैरा-शूटरों ने तत्काल स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं, भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टीम का चयन पूरी तरह योग्यता के आधार पर किया गया। भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के महानिदेशक को बुधवार को सौंपे गए एक पत्र में निशानेबाजों ने आरोप लगाया कि 18 से 24 अक्तूबर तक होने वाले आइची-नागोया पैरा एशियाई खेलों के लिए चयन में भारतीय पैरालंपिक समिति के अधिकारियों और उसकी शूटिंग टेक्निकल कमेटी (एसटीसी) ने अवैध तरीके से धन की वसूली, खुलेआम भ्रष्टाचार और खेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है।
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क्या लगाए आरोप
पत्र में आरोप लगाया गया कि खिलाड़ियों पर चयन की शर्त के तौर पर सरकार से मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि में से 20 प्रतिशत कमीशन देने का दबाव बनाया जा रहा था। इसमें अधिकारियों पर कुछ निशानेबाजों को फायदा पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोटा और क्वालीफाइंग स्कोर में हेरफेर करने का भी आरोप लगाया गया है। एशिया में तीसरे नंबर के पी4 50मीटर फ्री पिस्टल एसएच1 शूटर संदीप कुमार ने चयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एशिया में 14वें नंबर पर मौजूद रुद्राक्ष खंडेलवाल को एशियाई नंबर 1 आकाश और खुद उनसे पहले चुना गया।
पत्र में आरोप लगाया गया कि खिलाड़ियों पर चयन की शर्त के तौर पर सरकार से मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि में से 20 प्रतिशत कमीशन देने का दबाव बनाया जा रहा था। इसमें अधिकारियों पर कुछ निशानेबाजों को फायदा पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोटा और क्वालीफाइंग स्कोर में हेरफेर करने का भी आरोप लगाया गया है। एशिया में तीसरे नंबर के पी4 50मीटर फ्री पिस्टल एसएच1 शूटर संदीप कुमार ने चयन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एशिया में 14वें नंबर पर मौजूद रुद्राक्ष खंडेलवाल को एशियाई नंबर 1 आकाश और खुद उनसे पहले चुना गया।
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देवेंद्र झाझरिया ने आरोप को किया खारिज
पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी है और पूरी तरह निर्धारित मानदंडों के आधार पर की गई है। दो बार पैरालंपिक खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीत चुके झाझरिया ने कहा, चयन निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया गया है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है। चयन 100 प्रतिशत निष्पक्ष है और खेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि पैरा-शूटरों की वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जाएगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि पैरा एशियाई खेलों के लिए टीम के चयन को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है और इस समय इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। इस बीच, निशानेबाजों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपों का समाधान नहीं किया गया तो वे न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत परमादेश जारी करने और अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का रुख करने पर विचार करेंगे।
पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी है और पूरी तरह निर्धारित मानदंडों के आधार पर की गई है। दो बार पैरालंपिक खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीत चुके झाझरिया ने कहा, चयन निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया गया है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है। चयन 100 प्रतिशत निष्पक्ष है और खेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया है।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि पैरा-शूटरों की वास्तविक शिकायतों का समाधान किया जाएगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि पैरा एशियाई खेलों के लिए टीम के चयन को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है और इस समय इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। इस बीच, निशानेबाजों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपों का समाधान नहीं किया गया तो वे न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत परमादेश जारी करने और अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का रुख करने पर विचार करेंगे।