व्हाट्सएप पर एआई असिस्टेंट इंस्टिंक्ट का इस्तेमाल पड़ा भारी: यूजर ने अकाउंट बैन का किया दावा, क्या है मामला?
तेजी से चर्चा में आया इनवाइट-ओनली AI असिस्टेंट इंस्टिंक्ट (Instinct) इन दिनों विवादों में है। व्हाट्सएप पर इसकी सेवाएं ठप होने के बाद कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें मैसेज के जवाब नहीं मिल रहे। वहीं, कुछ यूजर्स ने अकाउंट बैन होने का भी दावा किया है। आखिर क्या है पूरा मामला और कंपनी ने इस पर क्या सफाई दी है? आइए जानते हैं...

विस्तार
एआई असिस्टेंट अब मैसेज भेजने, अपॉइंटमेंट बुक करने, फ्लाइट खोजने और इनबॉक्स संभालने जैसे काम तेजी से कर रहे हैं। इसी बीच एक एआई असिस्टेंट इंस्टिंक्ट इन दिनों यूजर्स की शिकायतों के चलते सवालों के घेरे में है। कई व्हाट्सएप यूजर्स का कहना है कि इंस्टिंक्ट ने उनके मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया है। वहीं, एक यूजर ने तो दावा किया है कि इस एआई असिस्टेंट के लिए साइन अप करने के तुरंत बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट बैन हो गया। हालांकि, कंपनी ने जवाब न मिलने की समस्या को एक सर्विस प्रोवाइडर से जुड़ी कॉन्फिगरेशन गड़बड़ी बताया है।
इंस्टिंक्ट एआई असिस्टेंट क्या है और क्यों इसकी चर्चा हो रही है?
- इंस्टिंक्ट एक इनवाइट-ओनली एआई असिस्टेंट है, जिसे स्पीयर स्ट्रीट टेक्नोलॉजी चलाती है। इंस्टिंक्ट की खासियत है कि इसका कोई अलग स्टैंडअलोन एप नहीं है। यूजर इसे टेक्स्ट मैसेज या कॉल के जरिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एसएमएस, व्हाट्सएप और वाॅइस के माध्यम से यूजर्स के कई रोज के काम संभालने का दावा करता है।
- इसमें अपॉइंटमेंट और रिजर्वेशन करना, राइड बुक करना, इनबॉक्स मैनेज करना, शॉपिंग और फ्लाइट सर्च करना जैसे काम शामिल हैं। ट्रैवल बुकिंग भी इसके प्रमुख इस्तेमाल में से एक है। यही वजह है कि यह स्टार्टअप सिलिकॉन वैली के चर्चित नामों में शामिल हो गया है।
यूजर्स क्यों शिकायत कर रहे हैं?
- हाल के दिनों में कई व्हाट्एप यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि इंस्टिंक्ट उनके मैसेज का जवाब नहीं दे रहा है। यूजर्स के अनुसार, इस एआई असिस्टेंट से संपर्क करने पर उन्हें पहले की तरह प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी।
- मामला तब और चर्चा में आ गया, जब एक यूजर ने अपने व्हाट्सएप अकाउंट पर प्रतिबंध लगने का दावा किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि इंस्टिंक्ट के लिए साइन अप करने के तुरंत बाद उनका व्हाट्एप अकाउंट बैन हो गया।
- उनका दावा था कि अकाउंट पर प्रतिबंध लगने के बाद अपील करने का कोई विकल्प नहीं मिला और सपोर्ट टीम की ओर से भी कोई जवाब नहीं आया।

यूजर को व्हाट्एप पर मिला यह मैसेज
- यूजर की ओर से साझा किए गए स्क्रीनशॉट में व्हाट्एप की ओर से एक संदेश दिखाई दिया। जिसमें लिखा था कि दिस अकाउंट कैन नॉट यूज व्हाट्एप यानी कि यह अकाउंट व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं करता।
- स्क्रीनशॉट में अनुरोध की तारीख 27 अक्तूबर दिखाई गई थी। इसमें कहा गया था कि अकाउंट की हाल की गतिविधि व्हाट्एप की टर्म्स ऑफ सर्विस का पालन नहीं करती। साथ ही, रिव्यू का अनुरोध करने का विकल्प भी उपलब्ध नहीं था।
- हालांकि, यह यूजर का दावा और उसके साझा किए गए स्क्रीनशॉट हैं। इससे यह पुष्टि नहीं होती कि व्हाट्एप ने इंस्टिंक्ट इस्तेमाल करने की वजह से ही अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया था।
कंपनी ने क्या सफाई दी?
- इस मामले के बाद इंस्टिंक्ट के संस्थापक नोआ शिन (Noah Shinn) ने पोस्ट कर जानकारी दी। इसमें उन्होंने माना कि सुबह के कुछ समय तक इंस्टिंक्ट व्हाट्सएप यूजर्स को जवाब नहीं दे पा रहा था।
- शिन के अनुसार, इसकी वजह कंपनी की ओर से हुई एक कॉन्फिगरेशन समस्या थी। इस गड़बड़ी की वजह से उसके एक सर्विस प्रोवाइडर को भुगतान बाधित हो गया था।
- उन्होंने बताया कि अब समस्या हल कर दी गई है। आउटेज के दौरान यूजर्स की ओर से भेजे गए मैसेज भी प्राप्त हो गए हैं और टीम उन लोगों से संपर्क कर रही है, जिन्हें उस दौरान जवाब नहीं मिला था। संस्थापक ने इस परेशानी के लिए माफी मांगी और कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसके लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।
व्हाट्सएप के नियमों से क्यों जुड़ रहा मामला?
- इंस्टिंक्ट जैसे एआई असिस्टेंट की एक बड़ी खासियत यह है कि वे दूसरे प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स से बातचीत करते हैं। लेकिन इस व्यवस्था में एक चुनौती भी है। ये असिस्टेंट उन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर निर्भर होते हैं, जिनका कंट्रोल उनके पास नहीं होता।
- व्हाट्सएप का मालिक मेटा है। वहीं, ओपनएआई ने डॉट्स लॉन्च किया है। ऐसे में एआई असिस्टेंट के लिए व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल और उनके नियमों का पालन अहम हो जाता है।
- व्हाट्सएप की सेवा शर्तें उसकी सेवा के अनधिकृत ऑटोमेटेड इस्तेमाल को प्रतिबंधित करती हैं। हालांकि, अभी तक सामने आई जानकारी से यह साबित नहीं होता कि व्हाट्सएप ने इंस्टिंक्ट के इस्तेमाल की वजह से उसके यूजर्स के अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया है।
- यही वजह है कि इस मामले में दो अलग-अलग पहलुओं को समझना जरूरी है। एक तरफ इंस्टिंक्ट की सर्विस में आई तकनीकी गड़बड़ी है, जिसे कंपनी ने स्वीकार किया है। दूसरी तरफ यूजर का अकाउंट बैन होने का दावा है, जिसकी वजह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एआई असिस्टेंट के लिए आगे क्या चुनौती हो सकती है?
- एक्सपर्ट्स के अनुसार, इंस्टिंक्ट का मामला दिखाता है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर निर्भर एआई असिस्टेंट के सामने सिर्फ बेहतर तकनीक तैयार करना ही चुनौती नहीं है। उन्हें उन प्लेटफॉर्म के नियमों और तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ भी तालमेल रखना होगा, जिनके जरिए वे यूजर्स तक पहुंचते हैं।
- अगर किसी प्लेटफॉर्म पर ऑटोमेटेड इस्तेमाल को लेकर नियम सख्त होते हैं या तकनीकी गड़बड़ी आती है, तो इसका असर एआई असिस्टेंट की सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में इंस्टिंक्ट के लिए अपनी सर्विस को स्थिर बनाए रखना और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के नियमों के अनुरूप काम करना पड़ सकता है।