IT सेक्टर में एआई का असर: छह बड़ी कंपनियों में घटी नौकरियां, बार्कलेज कम करेगा पांच हजार पद, क्या है बड़ी वजह?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Fri, 23 Oct 2026 10:48 AM IST
सार

-एआई से नौकरियों पर बढ़ने लगा संकट

-छह IT कंपनियों में 24,422 कर्मचारी घटे।

-बार्कलेज वैश्विक स्तर पर 5,000 पद घटाएगा।

-AI-ऑटोमेशन से सालाना 12,323 करोड़ बचाने का लक्ष्य।

AI Impact on IT & Banking, 6 Top Firms Cut Workforce
एआई से प्रभावित नौकरियां - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    भारत की टॉप छह आईटी और इंजीनियरिंग कंपनियों में पिछले एक साल के भीतर कुल 24,422 कर्मचारी कम हुए हैं। स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो के अनुसार, इनमें पुराने कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की रफ्तार नई नियुक्तियों से ज्यादा तेज है, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्यामें भारी कमी आई है।

    यह गिरावट भारत की टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो, टेक महिंद्रा, और एलटीआई माइंडट्री कंपनियों में देखी गई है। पिछले एक साल में इन कंपनियों से कुल 92 हजार कर्मचारियों ने एग्जिट किया। कंपनियों ने खाली पदों को पूरी तरह नहीं भरा और केवल 68 हजार नए कर्मचारी ही नियुक्त किए। इसके चलते अक्तूबर 2025 के 8,22,144 कर्मचारियों के मुकाबले अक्तूबर 2026 में इन कंपनियों का कुल वर्कफोर्स लगभग 3% घटकर 7,97,722 रह गया है।

    नौकरियां घटने की दो मुख्य वजहें : एक्सपर्ट्स और स्टाफिंग फर्मों के अनुसार,

    • इसके पीछे एआई मुख्य वजह है। एक्सपट्स के मुताबिक, एप्लीकेशन मेंटेनेंस, मैनुअल टेस्टिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट जैसी पारंपरिक आईटी भूमिकाओं को एआई खुद संभाल रहा है। इनमें नई भर्तियां बहुत कम हो रही हैं।
    • दूसरी वजह यह है कि कमजोर वैश्विक विकास के माहौल में कंपनियां अपने उन कर्मचारियों की संख्या को कम कर रही हैं जो किसी एक्टिव क्लाइंट प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं। इससे कंपनियों की आमदनी पर तो असर नहीं पड़ रहा लेकिन खर्चे जरूर घट रहे हैं।
    एआई से प्रभावित नौकरियां
    एआई से प्रभावित नौकरियां - फोटो : एआई जनरेटेड

    5,000 को निकालेगा बार्कलेज सालाना बचेंगे 12,323 करोड़

    • बार्कलेज बैंक अपने खर्चों को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर लगभग पांच हजार नौकरियों की कटौती करने जा रहा है। बैंक की तीसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजों और ट्रेडिंग रेवेन्यू (व्यापारिक कमाई) में आई गिरावट के बाद, बैंक ने लागत कम करने के लिए एआई और ऑटोमेशन के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने का फैसला किया है।
    • बैंक जिनको निकालेगा, उनमें मुख्य रूप से बैक-ऑफिस, सपोर्ट और मिडिल-मैनेजमेंट रोल्स से जुड़े कर्मचारी शामिल होंगे। बैंक बड़े पैमाने पर एआई-आधारित तकनीकों को लागू कर रहा है ताकि कम लागत में रूटीन और डेटा से जुड़े काम निपटाए जा सकें। इस छंटनी से बार्कलेज सालाना 12,323 करोड़ रुपये (1.3 बिलियन डॉलर) की बचत करेगा।
    • एआई आधारित छंटनी का भारत पर सीधा असर होगा, क्योंकि भारत इस ब्रिटिश बैंक का दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र है। दरअसल एआई कोड लिखने और बुनियादी टेक कार्यों को तेजी से निपटा रहा है, इसलिए बैंक को अब कम डेवलपर्स की जरूरत है।
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