एंड्रॉयड16 में जल्द हो सकता है बदलाव: सुरक्षा पर मिलेगा पूरा कंट्रोल, एडवांस्ड प्रोटेक्शन में क्या होगा नया?
गूगल एंड्रॉयड 16 के एडवांस्ड प्रोटेक्शन सिक्योरिटी फीचर का बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब तक ऑल-ऑर-नथिंग पर काम करने वाले इस फीचर में जल्द ही एक्सपर्ट फीचर्स का ऑप्शन मिल सकता है। तो क्या इस नए अपडेट से पिक्सल और एंड्रॉयड फोन्स की समस्याएं दूर हो सकती है? जानिए इस लेख में।

विस्तार
गूगल ने एंड्रॉयड 16 के साथ एडवांस्ड प्रोटेक्शन फीचर पेश किया था। इसका मकसद फोन को खतरनाक एप्स, ऑनलाइन हमलों और दूसरे सुरक्षा खतरों से ज्यादा सुरक्षित रखना है। यह खास तौर पर उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जिन्हें अपने फोन की सिक्योरिटी को लेकर ज्यादा सुरक्षा चाहिए, लेकिन क्या आपको पता है कि
अब गूगल इस फीचर को पहले के मुकाबले ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाने की तैयारी कर सकता है। गूगल प्ले सर्विस के वर्जन 26.36.30 में मिले संकेतों के अनुसार, एडवांस्ड प्रोटेक्शन में जल्द ही एक्सपर्ट्स फीचर्स नाम का एक नया सेक्शन जोड़ा जा सकता है।
अभी कैसे काम करता है एडवांस्ड प्रोटेक्शन?
- फिलहाल एडवांस्ड प्रोटेक्शन को काफी हद तक ऑल-ऑर-नथिंग सिक्योरिटी मोड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यानी इसे ऑन करने पर इसके तहत मिलने वाली कई सिक्योरिटी सुविधाएं अपने आप एक्टिव हो जाती हैं। यूजर्स को हर सुरक्षा फीचर को अलग-अलग ऑन या ऑफ करने का विकल्प नहीं मिलता।
- गूगल ने एडवांस्ड प्रोटेक्शन को इस तरह डिजाइन किया है कि एक ही सेटिंग के जरिए डिवाइस पर कई मजबूत सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकें।
एक्सपर्ट फीचर्स में क्या मिलेगा?
- गूगल प्ले सर्विस में मिले टेक्स्ट से संकेत मिलता है कि कुछ सिक्योरिटी फीचर्स को अब एक्सपर्ट फीचर्स के तहत रखा जा सकता है। इनमें संभावित तौर पर घुसपैठ की पहचान, यूएसबी प्रोटेक्शन और अनसिक्योयर्ड वाई-फाई नेटवर्क जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं।
- यानी एडवांस्ड प्रोटेक्शन ऑन करने के बाद यूजर को इन अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को अपनी जरूरत के हिसाब से चुनने की ज्यादा आजादी मिल सकती है।
ज्यादा सुरक्षा के साथ मिल सकती हैं कुछ पाबंदियां
- एक्सपर्ट फीचर्स के लिए मिले टेक्स्ट में संकेत है कि इन फीचर्स को इस्तेमाल करने पर कुछ अतिरिक्त प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। जैसे मान लीजिए यूएसबी प्रोटेक्शन के मामले में फोन का लॉक रहने पर नया यूएसबी कनेक्शन शुरू करने से पहले डिवाइस को अनलॉक करना पड़ सकता है।
- वहीं अनसिक्योयर्ड वाई-फाई प्रोटेक्शन एक्टिव होने पर फोन असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क से अपने आप कनेक्ट नहीं होगा। यानी गूगल सुरक्षा बढ़ाने के साथ यूजर्स को यह तय करने का विकल्प दे सकता है कि वे इन अतिरिक्त प्रतिबंधों को स्वीकार करना चाहते हैं या नहीं।
- यूएसबी-प्राेटेक्शन फिलहाल पिक्सेल 6 और उसके बाद के मॉडल्स पर उपलब्ध है। यह फोन की स्क्रीन लॉक होने पर नए यूएसबी कनेक्शन को शुरू होने से रोकता है। इससे किसी अनजान व्यक्ति के लिए यूएसबी के जरिए डिवाइस तक पहुंच बनाना मुश्किल हो जाता है।
- हालांकि, इसका एक व्यावहारिक असर भी हो सकता है। कुछ परिस्थितियों में फोन लॉक रहने पर फास्ट चार्जिंग शुरू नहीं होती और चार्जिंग के लिए स्क्रीन अनलॉक करनी पड़ सकती है। सामान्य चार्जिंग जारी रह सकती है।
- अगर यूएसबी प्रोटेक्शन को एक्सपर्ट फीचर्स में रखा जाता है, तो यूजर्स इस अतिरिक्त प्रतिबंध से बचने के लिए इसे बंद रख सकते हैं, जबकि एडवांस्ड प्रोटेक्शन की बाकी सुरक्षा सुविधाएं एक्टिव रह सकती हैं।
अनसिक्योयर्ड वाई-फाई में भी मिलेगा विकल्प?
एडवांस्ड प्रोटेक्शन में असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क से सुरक्षा भी शामिल है। इसका उद्देश्य फोन को ऐसे नेटवर्क से अपने आप दोबारा कनेक्ट होने से रोकना है जिन्हें असुरक्षित माना जाता है। अगर इसे भी एक्सपर्ट फीचर्स का हिस्सा बनाया जाता है, तो यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से इस अतिरिक्त सुरक्षा प्रतिबंध को चुन सकेंगे।
इंट्रूशन डिटेक्शन भी हो सकता है ऑप्शनल
इसके अलावा इंट्रूशन डिटेक्शन भी संभावित एक्सपर्ट फीचर्स में शामिल है। यह फीचर डिवाइस पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी को सुरक्षा के नजरिए से इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया जा रहा है। एडवांस्ड प्रोटेक्शन में इससे जुड़े सुरक्षा फीचर्स पहले से विकास के अलग-अलग चरणों में सामने आते रहे हैं।
यूजर्स के लिए क्या बदल सकता है?
- अगर गूगल इन बदलावों को लागू करता है, तो एडवांस्ड प्रोटेक्शन पहले के मुकाबले ज्यादा फ्लेक्सिबल हो सकता है। अभी यूजर को मजबूत सुरक्षा के साथ आने वाली कई पाबंदियों को भी स्वीकार करना पड़ता है। नए मॉडल में यूजर को यह तय करने की ज्यादा आजादी मिल सकती है कि उसे कौन-सी अतिरिक्त सुरक्षा चाहिए और उसके बदले कौन-से प्रतिबंध स्वीकार करने हैं।
- इससे उन यूजर्स को खास फायदा हो सकता है जिन्हें फोन में हाई-सिक्योरिटी चाहिए, लेकिन कुछ सुविधाओं पर लगने वाली पाबंदियां रोजमर्रा के इस्तेमाल में परेशानी पैदा करती हैं।
अभी नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
ध्यान देने वाली बात यह है कि गूगल ने अभी इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ये जानकारी गूगल प्ले सविर्स 26.36.30 में मिले कोड और टेक्स्ट संकेतों पर आधारित है। ऐसे एपीके या कोड टीयरडाउन से सामने आए फीचर्स भविष्य में सार्वजनिक रिलीज में आएंगे ही, यह जरूरी नहीं है।