अब ChatGPT बनेगा ब्राउजर असिस्टेंट: नए चैट और वर्क मोड से कैसे आसान होगा काम? जानें कितना सुरक्षित है यह फीचर
ओपनएआई ने चैटजीपीटी के ब्राउजर और वॉयस फीचर्स को अपडेट कर दिया है। अब यह क्राेम के खुले टैब से जानकारी लेकर वेबसाइट्स की तुलना करने और ऑनलाइन काम पूरे करने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं ये नए फीचर्स कैसे काम करेंगे और इनका इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना होगा...

विस्तार
इंटरनेट ब्राउजिंग के दौरान बार-बार अलग-अलग विंडो के बीच स्विच करना, जानकारी जुटाना या लंबे-लंबे फॉर्म भरना अक्सर बोरिंग हो जाता है, लेकिन अब यह काम कराना आसान और दिलचस्प हो सकता है। ओपनएआई ने गूगल क्राेम इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए चैटजीपीटी में एक बड़ा और स्मार्ट अपडेट पेश किया है। अब यह एआई चैटबॉट आपके क्रोम टैब्स को खुद पढ़ सकेगा, उनमें मौजूद जानकारी का विश्लेषण कर सकेगा और आपके कहने पर ब्राउजर के अंदर काम भी पूरा कर सकेगा।
चैटजीपीटी अब क्रोम के खुले टैब से जुटाएगा जानकारी
नए ब्राउजर इंटीग्रेशन के जरिए चैटजीपीटी आपके खुले हुए टैब की जानकारी समझने और उसके आधार पर जवाब देने में मदद कर सकता है। इसके लिए आपको हर वेबसाइट की जानकारी अलग-अलग कॉपी करके चैट में डालने की जरूरत नहीं होगी।
जैसे मान लीजिए, अगर आप नया सोफा खरीदने के लिए तीन वेबसाइट्स पर विकल्प देख रहे हैं, तो चैटजीपीटी से उनकी तुलना करने को कह सकते हैं। इसके बाद उपलब्ध जानकारी के आधार पर सोफे के आकार, मटीरियल, डिलीवरी समय और रिटर्न पॉलिसी जैसे पहलुओं को एक जगह व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है। इसी तरह, यह किसी लंबे लेख को आसान भाषा में समझाने या अलग-अलग सब्सक्रिप्शन प्लान की तुलना करने में भी उपयोगी हो सकता है। इससे बार-बार अलग-अलग टैब के बीच जाने की जरूरत कम हो सकती है।
चैट मोड और वर्क मोड में क्या अंतर है?
इस सुविधा को दो तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है, चैट मोड और वर्क मोड, लेकिन उसके पहले इन दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है...
1. चैट मोड: टैब की जानकारी समझने में मदद
चैट मोड में चैटजीपीटी आपके खुले टैब से जानकारी लेकर सवालों के जवाब देने और अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने में मदद कर सकता है। जैसे मान लीजिए, आप कई वेबसाइट्स पर उपलब्ध फोन की कीमतों और फीचर्स की तुलना करने के लिए कह सकते हैं।
2. वर्क मोड: ऑनलाइन काम पूरा करने में मदद
- वर्क मोड में चैटजीपीटी ब्राउजर के साथ ज्यादा एक्टिव मोड में काम कर सकता है। इसके इस्तेमाल से आप कई तरह के काम करवा सकते हैं, जैसे लंबे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने में मदद लेना, ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करवाना, मैसेज भेजने जैसे कामों में सहायता लेना, वेबसाइट्स से फाइल्स डाउनलोड करवाना और खुले टैब को अलग-अलग ग्रुप में व्यवस्थित करना। इसके साथ ही कई वेबसाइट्स से जानकारी जुटाकर तुलना शीट तैयार करना भी इसमें शामिल है।
- हालांकि, किसी वेबसाइट पर जानकारी भरने या मैसेज भेजने जैसे कामों में अंतिम नतीजे की जांच करना जरूरी है। खासकर तब, जब काम में निजी जानकारी या कोई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हो।
चैटजीपीटी के ब्राउजर फीचर्स का इस्तेमाल कैसे करें?
- सबसे पहले चैटजीपीटी डेस्कटॉप एप खोलें और एप की सेटिंग में जाकर कम्प्यूटर यूज फीचर की उपलब्धता देखें और उसे चालू करें।
- अब क्रोम वेब स्टोर पर चैटजीपीटी का आधिकारिक एक्सटेंशन खोजें और डेवलपर की पहचान की जांच करने के बाद इंस्टॉल करें।
- इसके बाद चैटजीपीटी में नई चैट शुरू करें और वर्क मोड चुनें।
- सामने आए विकल्पों में अपने ब्राउजर को चुनें। दिए गए विवरण के मुताबिक, इसके लिए @ सिंबल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- अंत में चैटजीपीटी का साफ-साफ अपना काम बताएं, जैसे खुले टैब में मौजूद फोन की कीमतों की तुलना करना या किसी लेख का सार तैयार करना।
- यह फीचर किन ब्राउजर्स और अकाउंट्स पर उपलब्ध है, यह आपके एप वर्जन, सेटिंग्स और रोलआउट पर निर्भर कर सकता है। इसलिए अगर आपको कोई विकल्प दिखाई नहीं देता, तो जरूरी नहीं कि आपने सेटअप गलत किया हो।
क्या एआई को ब्राउजर का एक्सेस देना सुरक्षित है?
चैटजीपीटी को ब्राउजर का एक्सेस देने से काम आसान हो सकता है, लेकिन इससे गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी पैदा होते हैं। अगर एआई किसी खुले टैब की जानकारी पढ़ सकता है, तो उस टैब पर मौजूद निजी या संवेदनशील जानकारी के इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
ब्राउजर इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- चैटजीपीटी को ब्राउजर कंट्रोल करने देने से पहले बैंकिंग, भुगतान और निजी ईमेल वाले टैब बंद करना बिल्कुल भी न भूलें।
- किसी वेबसाइट पर पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या अन्य संवेदनशील डेटा भरने से पहले निर्देशों और नतीजों की जांच करें।
- किसी फाइल को डाउनलोड करने या वेबसाइट पर कोई कार्रवाई करने से पहले अनुमति और वेबसाइट की विश्वसनीयता पर ध्यान दें।
- अनजान वेबसाइटों पर एआई को बिना निगरानी के काम न करने दें।
GPT-Live-1.1 अपडेट से हिंदी वॉयस फीचर भी बेहतर
ब्राउजर फीचर्स के अलावा ओपनएआई ने चैटजीपीटी, कोडक्स और डॉट्स के लिए GPT-Live-1.1 नाम का वॉयस अपडेट भी पेश किया है। इसमें 13 नई आवाजें जोड़ी गई हैं और कई भाषाओं में वॉयस परफॉरमेंस बेहतर किया गया है।
इन भाषाओं में हिंदी, फ्रेंच, जर्मन, मैक्सिकन स्पेनिश, कोरियाई और जापानी शामिल हैं। इसका मकसद एआई के साथ बातचीत को ज्यादा स्वाभाविक बनाना है, ताकि यूजर्स अंग्रेजी के अलावा अपनी पसंद की भाषा में भी आसानी से बात कर सकें।
कंपनी का कहना है कि अपडेटेड वॉयस क्षमताएं यूजर्स के लिए जारी की जा रही हैं और इन्हें आगे डेवलपर्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, सभी सुविधाओं की उपलब्धता अकाउंट और रोलआउट के हिसाब से अलग हो सकती है।