मेटा का Muse AI एप हुआ हिट: सिर्फ 22 दिन में 50 लाख डाउनलोड्स पार, क्यों चर्चा में हैं Gen Z अलेक्जेंडर वांग?
मेटा का नया एप म्यूज लॉन्च होते ही तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। महज 22 दिनों में इसने अमेरिका में 50 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। एप की इस कामयाबी के साथ मेटा के शेयरों में भी करीब 20 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस सफलता के पीछे 29 वर्षीय अलेक्जेंडर वांग का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। MIT ड्रॉपआउट और Scale AI के सह-संस्थापक Wang अब Meta के पहले Gen Z सीनियर एग्जीक्यूटिव बन चुके हैं। आखिर म्यूज में ऐसा क्या खास है और इसके पीछे Meta की क्या योजना है? आइए जानते हैं।

विस्तार
मेटा का नया एआई एप म्यूज लॉन्च के कुछ ही दिनों में लाखों का आंकड़ा पार कर लिया है। एप को ऐसे एआई असिस्टेंट के तौर पर पेश किया गया है, जो यूजर्स के लिए मल्टी-स्टेप टास्क कर सकता है और बैकग्राउंड में कई तरह के एक्शन रन करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, आठ सितंबर को लॉन्च होने के 22 दिनों के भीतर म्यूज ने अमेरिका में 50 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया।
म्यूज की लोकप्रियता के साथ अब सबकी नजरें 29 वर्षीय अरबपति अलेक्जेंडर वांग पर हैं। वांग ने डेटा-लेबलिंग स्टार्टअप Scale AI की सह-स्थापना की थी और अब मेटा में एआई से जुड़ी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
22 दिनों में 50 लाख डाउनलोड
- मेटा म्यूज ने लॉन्च के कुछ ही दिनों में यूजर्स का ध्यान तेजी से खींचा। रिपोर्ट के अनुसार, आठ सितंबर के लॉन्च के सिर्फ 22 दिनों में एप ने अमेरिका में 5 मिलियन यानी 50 लाख डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया।
- म्यूज की खासियत यह बताई जा रही है कि यह सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला सामान्य एआई एप नहीं है। यह मल्टी-स्टेप टास्क करने और यूजर की ओर से बैकग्राउंड में एक्शन चलाने के लिए डिजाइन किया गया है।
Muse के बाद Meta के शेयर भी चढ़े
म्यूज की लॉन्चिंग के बाद के मेटा के प्रदर्शन की भी चर्चा है। रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूज के डेब्यू के बाद से मेटा का स्टॉक करीब 20 फीसदी बढ़ चुका है। हालांकि शेयर की कीमत में बदलाव के पीछे कई बाजार कारक हो सकते हैं, लेकिन म्यूज की तेज शुरुआत ने मेटा की एआई रणनीति पर ध्यान जरूर बढ़ाया है।
अलेक्जेंडर वांग कौन हैं ?
म्यूज की चर्चा के बीच अलेक्जेंडर का नाम भी तेजी से सामने आया है। वांग ने MIT से पढ़ाई बीच में छोड़कर स्केल एआई की सह-स्थापना की थी। स्केल एआई डेटा-लेबलिंग के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। वांग इसी कंपनी के जरिए कम उम्र में ही अरबपति बने और दुनिया के सबसे युवा सेल्फ-मेड अरबपतियों में शामिल हुए। अब मेटा में उनकी भूमिका AI के भविष्य को लेकर कंपनी की रणनीति में अहम मानी जा रही है।
मेटा में कैसे हुई वांग की एंट्री?
जून 2025 में मेटा ने अलेक्जेंडर को अपनी टीम में शामिल किया था। इसी दौरान मेटा ने स्केल एआई में 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 14 अरब डॉलर का निवेश किया। इसके बाद वांग मेटा के एआई प्रयासों से जुड़ें। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, वह मेटा के पहले Gen Z सीनियर एग्जीक्यूटिव हैं।
स्टेज पर अलग अंदाज में नजर आए वांग
अलेक्जेंडर वांग का अंदाज भी उन्हें बाकी टेक एग्जीक्यूटिव्स से अलग बनाता है। मेटा के डेवलपर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने थ्रिफ्ट-स्टोर कैमो टी-शर्ट और क्रॉक्स पहनकर स्टेज पर Muse का प्रदर्शन किया।
वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी Wang ने Muse को लेकर काफी पोस्ट और मीम्स शेयर किए। इनमें कुछ मीम्स एप के ब्लॉब मास्कॉट को अलग-अलग मजेदार और आपत्तिजनक अंदाज में दिखाते हैं।
वांग के फैसलों से मेटा में नाराजगी भी
- जहां म्यूज की सफलता को लेकर वांग की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ मेटाके अंदर उनके काम करने के तरीके को लेकर कुछ कर्मचारियों में नाराजगी भी बताई गई है।
- खास तौर पर उनके TBD Lab के लिए की गई नियुक्तियों और इन कर्मचारियों को दिए जा रहे बेहद ऊंचे वेतन पैकेज को लेकर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वांग की टीम के लिए दिए जा रहे ये पैकेज मेटा के कुछ कर्मचारियों को पसंद नहीं आए हैं।
- स्केल एआई के बोर्ड सदस्य Mike Volpi ने Wang के फैसलों और उनके काम करने के तरीके को लेकर कहा कि इससे कुछ पंखों को झंझोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि मेटा में वांग की एंट्री और उनके नेतृत्व में AI टीम को लेकर कंपनी के भीतर बदलाव का असर साफ दिखाई दे रहा है।
अब म्यूज पर टिकी नजरें
म्यूज की शुरुआती डाउनलोड संख्या ने मेटा के AI प्रयासों को नई चर्चा जरूर दी है। एक तरफ एप तेजी से यूजर्स तक पहुंच रहा है, वहीं दूसरी तरफ अलेक्जेंडर वांग जैसे युवा एआई लीडर को Meta की अगली पीढ़ी की AI रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।