टिम कुक ने छोड़ी एपल सीईओ की कुर्सी: 15 साल में कंपनी को 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया, एक्स पर किया भावुक पोस्ट
Tim Cook Farewell:
15 साल तक एपल की कमान संभालने के बाद टिम कुक ने सीईओ पद छोड़ दिया है। अब वह एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे, जबकि जॉन टर्नस नए सीईओ बन गए हैं। कुक के कार्यकाल में एपल की वैल्यू 350 अरब डॉलर से 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। आइए जानते हैं एपल सीईओ के तौर पर कैसा कर उनका सफर...

विस्तार
आज यानी 1 सितंबर 2026 से जॉन टर्नस एपल के नए सीईओ बन गए हैं। इससे पहले टर्नस एपल में सीनियर हार्डवेयर एग्जीक्यूटिव के पद पर काम कर रहे थे। टिम कुक ने 15 साल तक एपल को अपनी सेवाएं दीं, अब वे कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। कुक ने 2011 में स्टीव जॉब्स के बाद एपल की कमान संभाली थी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 9 सितंबर को आईफोन 18 समेत एपल के नए प्रोडक्ट्स लॉन्च होंगे। जॉन टर्नस के लिए यह उनका पहला लॉन्च इवेंट होगा।
टिम कुक ने किया भावुक पोस्ट
टिम कुक ने 31 अगस्त की रात एक्स (X) पर अपना फेयरवेल पोस्ट किया। इसमें उन्होंने एपल कम्यूनिटी को संबोधित करते हुए एक भावुक पोस्ट में लिखा, "सीईओ के रूप में मेरे आखिरी दिन पर एपल समुदाय को बहुत सारा प्यार। कल मेरा पद बदल जाएगा, लेकिन आप लोगों के लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा। प्रेरणा का निरंतर स्रोत बने रहने के लिए आपका धन्यवाद। मेरा आभार अनंत है, और मैं अगले अध्याय के लिए बेहद उत्साहित हूं!"

कैसा रहा टिम कुक का सफर
टिम कुक ने 1998 में एपल जॉइन किया था और अगस्त 2011 में स्टीव जॉब्स के बाद सीईओ बने थे। वे कंपनी के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले गए जिससे एपल की मार्केट वैल्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। उनके सीईओ बनने के समय एपल की मार्केट वैल्यू करीब 350 अरब डॉलर थी, जो इस साल तक बढ़कर लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई।
इतना ही नहीं, कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 108 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 416 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। कुक के कार्यकाल में एपल ने आईफोन के अलावा कई नए प्रोडक्ट और सर्विस पेश किए। इनमें एपल वॉच, एयरपॉड्स, विजन प्रो, एयरटैग और एपल म्यूजिक प्रमुख हैं। टिम कुक के नेतृत्व में एपल ने पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों पर भी काम किया है। कंपनी के अनुसार, इस दौरान उसका कार्बन फुटप्रिंट करीब 60 फीसदी कम हुआ है।
कौन हैं एपल के नए सीईओ जॉन टर्नस?
जॉन टर्नस कोई बाहरी उम्मीदवार नहीं हैं। वह करीब 25 वर्षों से एपल से जुड़े हुए हैं और कंपनी के हार्डवेयर विकास में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। टर्नस ने 2001 में एपल जॉइन किया था। बाद में वह हार्डवेयर इंजीनियरिंग टीम में आगे बढ़ते हुए 2013 में वाइस प्रेसिडेंट बने और 2021 में उन्हें हार्डवेयर इंजीनियरिंग का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया। एपल ने अप्रैल 2026 में उन्हें कुक का उत्तराधिकारी घोषित किया था।
एपल से पहले वह वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके थे। 51 साल के जॉन टर्नस ने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

एपल के इतिहास में आठवें सीईओ हैं टर्नस
जॉन टर्नस एपल के इतिहास में कंपनी के आठवें सीईओ हैं। उनसे पहले माइकल स्कॉट, माइक मार्ककुला, जॉन स्कली, माइकल स्पिंडलर, गिल एमेलियो, स्टीव जॉब्स और टिम कुक इस पद पर रह चुके हैं।
एपल के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्टीव जॉब्स के बाद कंपनी की कमान संभालने वाले कुक ने लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व दिया। अब टर्नस को उसी बड़े इकोसिस्टम को संभालते हुए अगली पीढ़ी के प्रोडक्ट, एआई और नए बाजारों पर कंपनी की रणनीति तय करनी होगी।
स्टीव जॉब्स के साथ भी कर चुके हैं काम
टर्नस के करियर की एक खास बात यह है कि उन्होंने एपल के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स के दौर में भी कंपनी के लिए काम किया। लंबे समय तक हार्डवेयर टीम का हिस्सा रहने के कारण उन्हें एपल के प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग संस्कृति की गहरी समझ है।
उन्होंने आईपैड, एयरपॉड्स, आईफोन और एपल वॉच जैसे कई प्रमुख उत्पादों के विकास में भूमिका निभाई है। इसी हार्डवेयर विशेषज्ञता को एपल के बोर्ड ने उन्हें सीईओ चुनने की बड़ी वजहों में से एक माना है।
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