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साइबर ठगी का नया तरीका: अब ओटीपी भी नहीं ले रहे ठग, ऐसा हो रहे खाते खाली; आगरा में हुए दो केस
Mon, 21 Sep 2026 10:22 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:22 AM IST
आगरा में साइबर ठगी के दो मामलों में बिना ओटीपी या पिन साझा किए बैंक खातों से करीब छह लाख रुपये पार हो गए। एक सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी के खाते से 4.35 लाख और शाहगंज निवासी के तीन खातों से 1.67 लाख रुपये निकाले गए।
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साइबर ठग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेवानिवृत्त रेलवे अधिकारी शेर सिंह के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 4.35 लाख रुपये निकाल लिए। उन्होंने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शेर सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 की रात उनके खाते से पैसे निकाले गए। रात 9:24 बजे 3.96 लाख रुपये और 9:27 बजे 39 हजार रुपये निकाले गए। दोनों लेनदेन एक मोबाइल नंबर से हुए। जानकारी मिलते ही उन्होंने रात 10:42 बजे साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों को साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक को सूचना दें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। ओटीपी, पिन या बैंक संबंधी गोपनीय विवरण किसी से साझा न करें।
कुछ साझा किया नहीं फिर भी खातों से निकल गए 1.67 लाख
शाहगंज के आलोक नगर निवासी सुमित सक्सेना के तीन बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने बिना ओटीपी साझा किए 1.67 लाख रुपये निकाल लिए। सुमित ने 19 सितंबर को थाना शाहगंज और साइबर सेल में शिकायत दी। शाहगंज पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
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सुमित ने बताया कि 17 सितंबर को दोपहर करीब 3:40 बजे उनके और पत्नी के खातों से रकम निकाली गई। भारतीय स्टेट बैंक खाते से 90 हजार, आईसीआईसीआई बैंक खाते से 50 हजार और केनरा बैंक खाते से 27 हजार रुपये निकले। उन्होंने किसी को ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या लिंक साझा नहीं किया। उन्होंने मोबाइल या बैंकिंग सिस्टम को मेलवेयर के जरिये हैक किए जाने का संदेह जताया है।
रकम निकलने पर सुमित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तीन शिकायतें दर्ज कराईं। शुरुआती जांच में 27 हजार रुपये जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक समेत अन्य एटीएम से निकाले जाने की जानकारी मिली। वहीं करीब 30 हजार रुपये आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) के जरिये बायोमेट्रिक क्लोनिंग से निकाले जाने का आरोप है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों को साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बैंक खाते से अनधिकृत रकम निकलने पर तत्काल बैंक को सूचना दें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। ओटीपी, पिन या बैंक संबंधी गोपनीय विवरण किसी से साझा न करें।
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कुछ साझा किया नहीं फिर भी खातों से निकल गए 1.67 लाख
शाहगंज के आलोक नगर निवासी सुमित सक्सेना के तीन बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने बिना ओटीपी साझा किए 1.67 लाख रुपये निकाल लिए। सुमित ने 19 सितंबर को थाना शाहगंज और साइबर सेल में शिकायत दी। शाहगंज पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
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सुमित ने बताया कि 17 सितंबर को दोपहर करीब 3:40 बजे उनके और पत्नी के खातों से रकम निकाली गई। भारतीय स्टेट बैंक खाते से 90 हजार, आईसीआईसीआई बैंक खाते से 50 हजार और केनरा बैंक खाते से 27 हजार रुपये निकले। उन्होंने किसी को ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या लिंक साझा नहीं किया। उन्होंने मोबाइल या बैंकिंग सिस्टम को मेलवेयर के जरिये हैक किए जाने का संदेह जताया है।
रकम निकलने पर सुमित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तीन शिकायतें दर्ज कराईं। शुरुआती जांच में 27 हजार रुपये जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक समेत अन्य एटीएम से निकाले जाने की जानकारी मिली। वहीं करीब 30 हजार रुपये आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) के जरिये बायोमेट्रिक क्लोनिंग से निकाले जाने का आरोप है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।