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दुस्साहस: दीवानी में युवक ने ये क्या किया? महिला अधिवक्ता और विपक्षी पर छिड़का पेपर स्प्रे, मच गई अफरातफरी
Tue, 25 Aug 2026 01:19 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:19 PM IST
आगरा दीवानी में तारीख पर आए युवक ने कोर्ट के बाहर महिला अधिवक्ता और अपने विपक्षी के भाई पर पेपर स्प्रे छिड़क दिया, जिससे अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने आरोपी को हिरासत में ले लिया, जबकि न्यू आगरा पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दीवानी न्यायालय परिसर में मंगलवार दोपहर तारीख पर आए दो पक्षों के विवाद के बाद एक घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। एक पक्ष की महिला अधिवक्ता ने दूसरे पक्ष युवक पर केमिकल स्प्रे करने का आरोप लगाया। शोर सुनकर पहुंचे वकीलों ने आरोपी युवक को पकड़कर पीट दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने युवक को हिरासत में लिया तब मामला शांत हुआ। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी युवक अजय यादव ने स्प्रे डालने के आरोप को निराधार बताया है।
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बालूगंज निवासी अवधेश दीक्षित का जमीन का विवाद बालाजी नगर, एत्माददाैला निवासी ऊषा देवी के पक्ष से चल रहा है। मार्च 2025 से मामला न्यायालय सीनियर डिवीजन 6 में विचाराधीन है। मंगलवार को तारीख थी। अवधेश के बेटे अमित दीक्षित अपनी भतीजी अधिवक्ता आशी दीक्षित के साथ आए थे। केस की पैरवी वह और उनकी भतीजी करते हैं। आरोप है कि कोर्ट परिसर में अजय यादव मिल गया। गाली देने लगा। विरोध पर जेब से पेपर स्प्रे निकालकर आशी के चेहरे पर छिड़क दिया। इससे उनकी आंखों में जलन होने लगी। कई और लोगों पर भी स्प्रे गिरा। बाद में लोगों ने पकड़ने का प्रयास किया तो मारपीट करने लगा।
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आरोपी अजय ने पहले की थी शिकायत
अजय यादव ने पुलिस को बताया कि वह राजस्थान में एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। मां ऊषा देवी ने वर्ष 2012 में कालिंदी विहार में 320 गज का एक प्लाॅट खरीदा था। इस पर अवधेश दीक्षित सहित चार लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। इस संबंध में कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण वो पैरवी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि 22 जुलाई को भी विपक्षी की तरफ से मारपीट की कोशिश की थी। इस संबंध में दीवानी चाैकी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को वह कोर्ट परिसर में बैठे थे तभी विपक्षियों ने घेर लिया। गाली देने लगे। वह बाहर आए तो मारपीट कर दी। स्प्रे डालने की बात गलत है। वह स्प्रे लेकर नहीं लाए थे।
अजय यादव ने पुलिस को बताया कि वह राजस्थान में एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। मां ऊषा देवी ने वर्ष 2012 में कालिंदी विहार में 320 गज का एक प्लाॅट खरीदा था। इस पर अवधेश दीक्षित सहित चार लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। इस संबंध में कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण वो पैरवी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि 22 जुलाई को भी विपक्षी की तरफ से मारपीट की कोशिश की थी। इस संबंध में दीवानी चाैकी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को वह कोर्ट परिसर में बैठे थे तभी विपक्षियों ने घेर लिया। गाली देने लगे। वह बाहर आए तो मारपीट कर दी। स्प्रे डालने की बात गलत है। वह स्प्रे लेकर नहीं लाए थे।
एसीपी हरीपर्वत अमीषा सिंह ने कहा कि मामले में अधिवक्ता पक्ष की तरफ से अजय यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। स्प्रे कौन लेकर आया था, इसकी जांच की जा रही है।
अधिवक्ताओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
अधिवक्ता अनूप कुमार शर्मा ने बताया कि दीवानी परिसर में प्रतिदिन हजारों वादकारी और अधिवक्ता आते हैं लेकिन सुरक्षा जांच की व्यवस्था प्रभावी नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आसानी से पेपर स्प्रे लेकर परिसर में प्रवेश कर सकता है तो हथियार भी ला सकता है। पुलिस को प्रवेश द्वारों पर सघन जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
अधिवक्ता अनूप कुमार शर्मा ने बताया कि दीवानी परिसर में प्रतिदिन हजारों वादकारी और अधिवक्ता आते हैं लेकिन सुरक्षा जांच की व्यवस्था प्रभावी नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आसानी से पेपर स्प्रे लेकर परिसर में प्रवेश कर सकता है तो हथियार भी ला सकता है। पुलिस को प्रवेश द्वारों पर सघन जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
अधिवक्ता ऋषिराज चौहान ने कहा कि कोर्ट परिसर न्याय का मंदिर है जहां इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए। इससे पहले भी बाहरी लोग परिसर के अंदर घुसकर अधिवक्ताओं के साथ मारपीट कर चुके हैं।