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आजमगढ़ में दिल दहलाने वाली वारदात: युवक ने पत्नी-बेटे और दो पुजारियों की हत्या की, मुठभेड़ में आरोपी की मौत

Tue, 22 Sep 2026 07:24 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, अहरौला (आजमगढ़)
संवाद न्यूज एजेंसी, अहरौला (आजमगढ़) Published by: Akash Dubey Updated Tue, 22 Sep 2026 07:24 PM IST
सार
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अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान आधार कार्ड मांगने पर घर के मालिक अरविंद सिंह और पूजा करने आए पंडितों में विवाद हुआ। अरविंद सिंह ने गोली मारकर पत्नी बबीता और दो पंडितों की हत्या कर दी। बाद में बेटे को भी मार डाला। 

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Homeowner clashes with priests during puja three people shot in azamgarh
मामले की जानकारी देता मृतक पंडित का बेटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजमगढ़ जिले में अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार की शाम पांच बजे दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के उद्देश्य से कराई जा रही पूजा से नाराज अरविंद सिंह ने पिस्टल से गोलियां बरसाकर अपनी पत्नी बबिता सिंह (40), बेटे लक्खा (7) और दो पुजारियों महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की हत्या कर दी। वहीं, देर रात पुलिस मुठभेड़ में आरोपी अरविंद सिंह मारा गया। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान अरविंद की तरफ से की गई फायरिंग में उसके सात साल के बेटे लक्खा की भी मौत हो गई।

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हत्या के बाद 70 साल की मां समला देवी, भतीजी और एक पुजारी घर से भाग कर बाहर आ गए। वहीं, आरोपी ने अपने सात साल के बेटे लक्खा, 10 साल की बेटी परी, 11 माह की बेटी को आठ घंटे तक बंधक बनाए रखा था। पिस्टल के साथ कमरे में बैठा था और कह रहा था कि बच्चों को भी जान से मार देंगे। पुलिस ने उसे मनाने के लिए बहन और बाकी रिश्तेदारों को बुलाया। दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। रात एक बजे के बाद घर के अंदर से गोली की आवाज आई।
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पुलिस को लगा कि आरोपी ने बच्चों पर गोली चलाई है। इसके बाद पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो आरोपी ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो अरविंद सिंह को गोली लग गई। पुलिस के मुताबिक उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरविंद की तरफ से चलाई गई गोली लगने से ही उसके सात साल के बेटे लक्खा की भी मौत हो गई।

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वहीं, दो बेटियों को पुलिस ने बचा लिया है। पुलिस की जांच से पता चला कि हत्यारोपी अरविंद सिंह के भाई की हत्या 2019 में हुई थी। सुनील महाराष्ट्र में रहते थे। शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी थे। हत्या का आरोप चचेरे भाइयों मनीष सिंह और अवनीश पर लगा था।

इसी बीच पुजारियों ने बबिता को बता दिया कि सुनील की आत्मा घर में रहती है इसलिए परेशानियां बनी हुई हैं। पूजा-पाठ कराने से सब ठीक हो जाएगा। बबिता ने सोमवार को पुजारियों को बुलाया और पूजा शुरू करा दी। इस पर अरविंद सिंह ने आपत्ति जताई और पुजारियों को धमकाया।

अरविंद ने चेतावनी देते हुए कहा था कि मंगलवार को पूजा कराने आए तो गंभीर परिणाम सामने आएंगे लेकिन बबिता और पुजारियों ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार की शाम पूजा खत्म हुई तो अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड मांग लिया। पुजारी आधार कार्ड देने को तैयार नहीं थे। इससे विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि पूजा कराने से नाराज अरविंद सिंह ने पिस्टल से गोली मारकर पहले पत्नी बबिता की हत्या कर दी। फिर पुजारियों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को निशाना बनाया। मामले की सूचना मिलने के बाद एडीजी जोन नवीन अरोरा, डीआईजी सुनील कुमार और एसपी डॉ. अनिल कुमार भी मौके पर डटे रहे।

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