{"_id":"6202bf047aa38e3dcc28c318","slug":"seven-of-those-convicted-in-the-ahmedabad-blast-case-are-from-azamgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहमदाबाद विस्फोट कांड में दोष सिद्ध लोगों में सात आजमगढ़ के, युवकों के घर पसरा सन्नाटा, परिजन कर रहे फैसला आने का इंतजार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अहमदाबाद विस्फोट कांड में दोष सिद्ध लोगों में सात आजमगढ़ के, युवकों के घर पसरा सन्नाटा, परिजन कर रहे फैसला आने का इंतजार
Wed, 09 Feb 2022 12:35 AM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 09 Feb 2022 12:35 AM IST
इस मामले अभी उनके परिजन कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अभी फैसला आना बाकी है। सभी न्यायालय के फैसले का सम्मान करने और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय में जाएंगे।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
विस्तार
अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सीरियल बम विस्फोट में मंगलवार को 49 लोगों को अदालत ने दोष सिद्ध और 28 आरोपियों को बरी कर दिया है। दोष सिद्ध 49 लोगों में आजमगढ़ के सात लोग शामिल हैं तो वहीं तीन बरी होने वाले भी जिले के हैं। दोष सिद्ध युवकों के परिजन मामले में अभी चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि अभी फैसला आना बाकी है।
विज्ञापन
वर्ष 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम धमाके हुए थे जिसमें 59 लोग मारे गए थे। घटना का मास्टर माइंड जिले का अबुल बशर बताया जाता है। अहमदाबाद ही नहीं लखनऊ, जयपुर व दिल्ली में हुए बम धमाकों भी उसका नाम सामने आया था। मूलरूप से सरायमीर थाना क्षेत्र के बीनापार निवासी अबुल बशर को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
अबुल बशर इंडियन मुजाहिद्दीन आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ बताया जाता है। इसके अलावा अहमदाबाद ब्लास्ट में सरायमीर के संजरपुर निवासी मो. सैफ, आरिफ मिर्जा नसीम, इसरौली निवासी आरिफ बदर, पारा निवासी मो. सादिक, शहर कोतवाली के बदरका निवासी सैफूल रहमान व कोट किला निवासी मो. जीशन भी शामिल है।
विज्ञापन
इस मामले अभी उनके परिजन कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि अभी फैसला आना बाकी है। सभी न्यायालय के फैसले का सम्मान करने और जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय में जाएंगे। लोगों का यह भी कहना है कि मो. हबीब, मो. साकिब व मो. जाकिर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है। निश्चित तौर पर यह सिद्ध होता है कि गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद विस्फोट में बहुत से फर्जी लोगों को भी पकड़ लिया है।
वैसे देश में होने वाले हर विस्फोट के तार हमेशा ही जिले से जुड़ते रहे हैं। मुंबई विस्फोट हो अथवा बाटला कांड सभी में आजमगढ़ का नाम सुर्खियों में आया है। जिले के सात युवकों पर अहमदाबाद विस्फोट में दोष सिद्ध होने पर एक बार फिर जिले की बदनामी हुई है।