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यूपी: बरेली के जैन दंपती हत्याकांड में भी आरोपी है पप्पू गिरधारी, बचाव के लिए पहुंचा शीर्ष अदालत

Sun, 18 Oct 2026 11:05 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 18 Oct 2026 11:05 AM IST
सार
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उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति बरेली निवासी पप्पू गिरधारी पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे पहले भी पप्पू गिरधारी विवादों से रहा है। वह बरेली के जैन दंपती हत्याकांड में भी आरोपी है। 

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Pappu Girdhari name had also surfaced in the Jain couple murder case
पप्पू गिरधारी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बरेली में साधारण परिवार में जन्मे भाजपा नेता व हिस्ट्रीशीटर पप्पू गिरधारी ने बड़ी तेजी से फर्श से अर्श तक का सफर तय किया। विवादों से भी उसका चोली-दामन का साथ रहा। पप्पू का नाम 35 साल पुराने चर्चित जैन दंपती हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल है, जिसकी सुनवाई आज तक चल रही है। हालांकि, पप्पू के साथ इसमें आरोपी बनाए गए 12 लोगों में से केवल छह ही जीवित बचे हैं।

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उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति बरेली निवासी पप्पू गिरधारी से जान का खतरा जताते हुए देहरादून में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, भूमिगत हुए पप्पू ने मंत्री पर 210 करोड़ की अवैध संपत्ति अर्जित करने व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। यह विवाद पति, पत्नी और एक अन्य महिला से जुड़ा भी बताया जा रहा है। इसमें जरूरत से ज्यादा चालाकी पप्पू गिरधारी पर भारी पड़ गई। हालांकि, पप्पू की ओर से लगाए गए आरोपों से मंत्री की साख भी प्रभावित हो रही है।
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बरेली पुलिस को पप्पू गिरधारी के नाम 39 मुकदमों का रिकॉर्ड मिला है। इनमें कुछ मामलों में पुलिस ने ही एफआर लगा दी तो कुछ मामले कई साल कोर्ट में तारीख के बाद साक्ष्य न मिलने पर निपट गए। चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में अब भी सुनवाई चल रही है। एडीजे-10 कोर्ट में चार नवंबर को मामले की सुनवाई होनी है। राहत के लिए पप्पू व अन्य आरोपियों ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहां पत्रावली पेंडिंग हुई तो सुप्रीम कोर्ट में भी अर्जी डाली है।

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गुम हो गई थी जैन दंपती हत्याकांड की पत्रावली
35 साल पहले शहर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। दंपती की बेटी ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पप्पू गिरधारी व बदायूं निवासी महिला समेत 12 लोग आरोपी बनाए गए थे। बाद में कुछ नाम बढ़ाए भी गए थे। कोरोना काल में पप्पू के कोर्ट में हाजिर न होने पर वारंट भी जारी हुआ था। 

पप्पू की ओर से केस को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत से किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए जिला जज की अदालत में अर्जी लगाई गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जैन दंपती हत्याकांड की पत्रावली वर्ष 2013 में गुम हो गई। इसके बाद जिला जज के आदेश पर पत्रावली दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें कहा गया कि मुकदमे से जुड़े वादी और आरोपी पक्ष के पास जो भी दस्तावेज उपलब्ध हों, वे कोर्ट को उपलब्ध करा दिए जाएं।

संजीव शर्मा और आनंद की भूमिका पर भी सवाल
सूत्रों के मुताबिक, देहरादून पुलिस की एसआईटी पप्पू गिरधारी पर शिकंजा कस सकती है। रेखा आर्य ने जिस रिकॉर्डिंग का जिक्र किया है, उसमें पप्पू गिरधारी के बेटे का भी नाम लिया गया है। पप्पू गिरधारी महिला से अपने बेटे की तारीफ कर रहा है। महिला के जेल जाने से पहले हुई बात में कह रहा है कि आनंद से उसके खाते में 25 लाख रुपये भिजवाए हैं। तब महिला कह रही है कि हां आपने होशियारी दिखाई है जो आनंद भैया से रुपये डलवाए हैं ताकि मैं बाद में हिसाब दूं। 

पप्पू उसे समझाता है कि तुम्हारे हाथ से ही संजीव शर्मा को ढाई लाख रुपये देकर एफआर लगवाई थी। महिला बात को स्वीकारती है। अब देहरादून एसआईटी जानकारी जुटा सकती है कि संजीव शर्मा कोई विवेचक या प्रभावशाली व्यक्ति तो नहीं जो एफआर लगा या लगवा सकता हो। पप्पू इस ऑडियो को एआई जनित बता रहा है। एसआईटी की जांच में अगर रिकाॅर्डिंग सही पाई गई तो पप्पू गिरधारी और उसके इन करीबियों पर शिकंजा कस सकता है। देहरादून पुलिस कल्पना की भी तलाश कर सकती है जो जेल से निकल चुकी है।

बरेली के एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि गिरधारी पप्पू बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी निगरानी भी की जाती है। देहरादून पुलिस या एसआईटी के बरेली आने की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। वहां की टीम अगर सहयोग मांगेगी तो मदद की जाएगी।
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